मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रविवार (9 अगस्त) को होने वाली कारसेवा फिलहाल टल गई है। अब चित्रगुप्त पीठ आश्रम में मंदिर निर्माण के लिए लाई गई पत्थरों की शिलाओं का पूजन होगा। इसमें कई संत और धर्माचार्य शामिल होंगे। दरअसल, 4 जुलाई को चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा का ऐलान किया था। उन्होंने 9 अगस्त को आश्रम से कारसेवा शुरू करने की बात कही थी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी उनके इस कार्यक्रम को समर्थन दिया था। कारसेवा के ऐलान के बाद प्रशासन ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज समेत कई संतों को नोटिस जारी किए। इसके बाद शनिवार शाम (8 अगस्त) को उन्होंने कारसेवा स्थगित करने का फैसला लिया। स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि अभी सावन का महीना चल रहा है और कांवड़ यात्रा भी जारी है। इसे देखते हुए अखाड़ा परिषद ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाने का कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया है। अब आश्रम में मंदिर निर्माण के लिए लाई गई शिलाओं का विधिवत पूजन किया जाएगा। वृंदावन-राधाकुंड रोड पर बना है आश्रम संत सच्चिदानंद महाराज का चित्रगुप्त पीठ आश्रम वृंदावन-राधाकुंड रोड पर बना है। यह वृंदावन से करीब 20 किलोमीटर दूर जुलहैंडी गांव से कोन्हाई गांव जाने वाले रास्ते पर करीब एक किलोमीटर अंदर स्थित है। करीब 6 बीघा में बने इस आश्रम में दो गेट हैं। पहले गेट से अंदर जाने पर पूजा स्थल, संत का कमरा, रसोई और दूसरी व्यवस्थाएं हैं। 4 जुलाई को किया था कारसेवा का ऐलान चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को “एक धक्का और दो” का नारा देते हुए 9 अगस्त को कारसेवा का ऐलान किया था। इसके समर्थन में उन्होंने 12 जुलाई को हरिद्वार के वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से भी मुलाकात की थी। उन्होंने कहा- श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में न्यायालय समेत कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसलिए कारसेवा का फैसला लिया गया। पुलिस ने जारी किया नोटिस कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज समेत ब्रज के कई संतों, साध्वियों और धर्माचार्यों को नोटिस जारी किए। इस पर उन्होंने कहा कि नोटिस देना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि कम से कम अधिकारी इस दिशा में कुछ कर तो रहे हैं। वहीं, धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने बताया कि उन्हें दो नोटिस मिले हैं। एक मथुरा पुलिस और दूसरा वृंदावन पुलिस की ओर से जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि नोटिस की उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वे ऐसा कोई काम नहीं कर रहे हैं जो गैरकानूनी हो। सावन महीने और कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्थगित इसके बाद स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कारसेवा का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा- सावन माह और कांवड़ यात्रा को देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाने का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। अब आश्रम में होने वाला भूमि पूजन और शिला पूजन ही कारसेवा का पहला चरण है। न्यायालय में केस को उलझाया जा रहा स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा- न्यायालय में मुस्लिम पक्ष केस को उलझा रहा है। पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act), 1991 का हवाला देकर सुनवाई में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है। इस मामले की रोजाना सुनवाई होनी चाहिए। उनका दावा है कि 1968 के समझौते का हवाला दिया जा रहा है, जबकि जिन लोगों से समझौता हुआ था, वे श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ उलझाया जा रहा है और इसी वजह से कारसेवा का ऐलान करना पड़ा। सुलह हुई तो करेंगे स्वागत सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विधिक सेवा प्राधिकरण में चल रही सुलह वार्ता पर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा- अगर सुलह होती है तो हम उनका स्वागत करेंगे, उन्हें माला पहनाएंगे। जहां उनका स्थान बनेगा, वहां जाकर हम भी एक ईंट लगाएंगे। साथ ही मुस्लिम पक्ष से श्रीकृष्ण जन्मस्थान छोड़ने की अपील करते हैं। पत्थरों की पहली खेप पहुंची आश्रम
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान के बंशीपुर गांव से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार को आश्रम पहुंच गई। इन शिलाओं का रविवार को पूजन होगा। इस दौरान हवन-यज्ञ भी कराया जाएगा। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि पत्थरों को ओडिशा के कारीगर तराशेंगे। इसके बाद इन्हें मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा।
ब्रज संस्कृति और भगवान कृष्ण की लीलाएं होंगी अंकित स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि इन पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं तक के प्रसंग उकेरे जाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए 50 हजार घन मीटर पत्थर का ऑर्डर दिया गया है। पहली खेप में 350 घन मीटर पत्थर आया है। आगे भी चरणबद्ध तरीके से पत्थर पहुंचते रहेंगे। ————————- ये खबर भी पढ़िए… NEET पेपर लीक- यूपी में 6 स्टूडेंट का सुसाइड:CJP की ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग; घरवाले बोले- अब तक किसी ने संपर्क नहीं किया 3 मई को NEET पेपर लीक के बाद देशभर में 24 बच्चों ने आत्महत्या कर ली। इसमें से 6 यूपी के थे। इनके परिवार का दावा था कि हमारे बच्चे पेपर लीक और दोबारा परीक्षा से तनाव में थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 35 दिन आंदोलन चला। सोनम वांगचुक के अनशन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। पूरी खबर पढ़िए…
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान के बंशीपुर गांव से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार को आश्रम पहुंच गई। इन शिलाओं का रविवार को पूजन होगा। इस दौरान हवन-यज्ञ भी कराया जाएगा। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि पत्थरों को ओडिशा के कारीगर तराशेंगे। इसके बाद इन्हें मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा।
ब्रज संस्कृति और भगवान कृष्ण की लीलाएं होंगी अंकित स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि इन पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं तक के प्रसंग उकेरे जाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए 50 हजार घन मीटर पत्थर का ऑर्डर दिया गया है। पहली खेप में 350 घन मीटर पत्थर आया है। आगे भी चरणबद्ध तरीके से पत्थर पहुंचते रहेंगे। ————————- ये खबर भी पढ़िए… NEET पेपर लीक- यूपी में 6 स्टूडेंट का सुसाइड:CJP की ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग; घरवाले बोले- अब तक किसी ने संपर्क नहीं किया 3 मई को NEET पेपर लीक के बाद देशभर में 24 बच्चों ने आत्महत्या कर ली। इसमें से 6 यूपी के थे। इनके परिवार का दावा था कि हमारे बच्चे पेपर लीक और दोबारा परीक्षा से तनाव में थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 35 दिन आंदोलन चला। सोनम वांगचुक के अनशन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। पूरी खबर पढ़िए…