मां-बेटी ने पिता की हत्या करके शव दफनाया:बॉयफ्रेंड से बात करने से रोकता था, रायबरेली में एक महीने तक जुर्म छिपाया

रायबरेली में मां ने बेटी के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घर से 50 मीटर दूर एक गड्ढे में दफना दिया। आरोपी मां ने गुजरात में नौकरी करने वाले बेटे को बताया कि पिता लड़ाई-झगड़ा करके कहीं चले गए हैं। कई दिनों तक पिता से बात न होने पर बेटा घर लौटा और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गांव वालों से पूछताछ के दौरान पुलिस को मां-बेटी पर शक हुआ। शुरुआत में दोनों पुलिस को गुमराह करती रहीं, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी मां ने बताया कि पति शराब के नशे में अक्सर मारपीट करता था। बेटी के अफेयर की जानकारी होने पर वह उसके साथ भी मारपीट करने लगा। उसे किसी से बात नहीं करने देता था। रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर हम दोनों ने लोहे की रॉड से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के बराइन गांव का है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को 17 जुलाई को अंजाम दिया गया था। करीब 20 दिनों तक मां अपने बेटे को गुमराह करती रही। किसी को भी वारदात की भनक तक नहीं लगने दी। 7 अगस्त को बेटे ने घर पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुरुवार (13 अगस्त) को मामले का खुलासा कर दिया। वारदात की 2 तस्वीरें- 17 जुलाई की रात घर में विवाद, फिर लापता हो गए छोटेलाल बराइन गांव निवासी छोटेलाल (50) खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी केश कुमारी (48), बेटी छाया (19) और बेटा सतीश (25) हैं। सतीश गुजरात में रहकर एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। सतीश ने बताया कि घर में एक ही मोबाइल है, जो ज्यादातर बहन इस्तेमाल करती थी। 16 जुलाई को आखिरी बार पिता से बात हुई थी। 17 जुलाई को मां ने बताया कि रात में बहुत बवाल हुआ। उन्हें मारपीट कर पिता कहीं चले गए। मुझे लगा कि गुस्सा ठंडा होने पर वापस आ जाएंगे। अगले दिन फिर से बहन को फोन कर पिता से बात कराने को कहा। उसने टाल दिया। फिर मां से बात की तो उन्होंने भी बहाना बनाने शुरू कर दिए। काफी समय हो जाने के बाद मैं 7 अगस्त को गुजरात से घर आया। गांव में पड़ोसियों से बात की। कहीं कुछ पता नहीं चला तो हरचंदपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मां-बेटी बार-बार बयान बदलती रही, इससे उन पर शक हुआ पुलिस ने परिवार के लोगों के मोबाइल रिकॉर्ड निकलवाए। मां-बेटी से पूछताछ की। दोनों बार-बार अपने बयान बदल रही थीं। इस वजह से पुलिस को शक हुआ। फिर पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। दोनों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की। सख्ती की तो दोनों ने जुर्म कबूल लिया। घर से 50 मीटर दूर गड्ढे में दफनाया शव हरचंदपुर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि कॉल रिकॉर्ड और चैट खंगालने पर बेटी के अफेयर की बात पता चली। छोटेलाल को करीब 3-4 महीने पहले इस बारे में पता चला था। तब से बेटी और उसकी मां को काफी मारता-पीटता था। इससे परेशान होकर दोनों ने उसकी हत्या का खौफनाक कदम उठाया। कंकाल बरामद कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। —————————- ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर के 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने का CCTV:लिखा- मौत की जिम्मेदार ठग गरिमा; गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है…गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। पढ़ें पूरी खबर…