यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ से रेस्क्यू किया गया है। काशी में गंगा-वरुणा का पानी अब घरों में घुसने लगा है। सड़कों पर नाव चल रही है। अब तक 407 परिवार घर छोड़ चुके हैं। सभी 84 घाट डूबे हुए हैं। मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है। इसी बीच, काशी के सांसद पीएम मोदी ने डीएम सत्येंद्र कुमार और मेयर अशोक तिवारी से फोन पर बात की। उन्होंने शहर में बाढ़ के हालात की डिटेल में जानकारी ली। उन्होंने कहा- यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। बाढ़ प्रभावित लोगों को युद्धस्तर पर राहत पहुंचाते हुए उन्हें तत्काल जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। पीएम के आदेश के बाद डीएम और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत अफसर फील्ड में उतर गए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। पीलीभीत में करीब 35 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां जंगलों में पानी भर गया है। वन्यजीव जंगलों से बाहर आ रहे हैं। पूरनपुर तहसील के कोन गांव में गुरुवार को एक बाघ घूमता नजर आया। लोग खेत नहीं जा रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी आसपास की सड़कों पर बह रहा है। 500 से अधिक दुकानों और 20-25 होटलों में पानी घुस गया। यहां मकान ढहने से पिता और 2 बच्चों की मौत हो गई। कानपुर देहात में भी मकान ढहने से 2 बच्चों की मौत हो गई। इसके अलावा, बाराबंकी में दीवार गिरने से बुजुर्ग और लखीमपुर खीरी में गड्ढे में डूबने से बच्ची की मौत हो गई। बलिया में गंगा-सरयू नदियां उफान पर हैं। शहर के कई इलाकों में पानी घुस गया है। सड़कों पर कमर तक पानी है। इसके चलते नाव चल रही है। सोनभद्र में प्रदेश का सबसे बड़ा रिहंद बांध ओवरफ्लो हो गया। बांध के 6 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। रामपुर के स्वार SDM राजकुमार भास्कर ट्रैक्टर चलाकर बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने ADM (E) IAS डॉ. नितिन मदान को भी ट्रैक्टर पर बैठाया। दोनों ने बाढ़ के हालात का जायजा लिया। गुरुवार सुबह झांसी में बारिश हुई। लखनऊ में लगातार तीसरे दिन बारिश हो रही। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 79.2 मिमी बारिश ललितपुर में दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 65 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें मथुरा, आगरा और कन्नौज समेत 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। बाढ़ की तस्वीरें देखिए… लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक क्षेत्र बना है। इसके साथ ही बारिश लाने वाली मानसूनी हवाओं की रेखा शाहजहांपुर और वाराणसी से होकर गुजर रही है। वहीं, झारखंड और बिहार के रास्ते यूपी की तरफ भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इन सब वजहों से प्रदेश में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। अगले 5 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। आज कहां-कहां बारिश हो सकती है? यूपी में मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…