सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने सपा के दो नेता भिड़ गए। दोनों में तीखी बहस के बाद गाली-गलौज शुरू हो गई। यह देखकर अखिलेश नाराज हो गए। उन्होंने दोनों नेताओं मंजीत यादव और जुगेंद्र यादव को मीटिंग से बाहर निकलवा दिया। अखिलेश ने गुस्से में कहा- सब बड़े नेता हैं। इन लोगों से सलाह मांगिए। जाइए, अपना जो करना है, सो जाकर करिए। जब आदमी पार्टी का कहना नहीं मानता रहा, व्यवहार खराब है, तो हम किसके सिर मारें… बताओ। कोई बात नहीं, यह सब होता है। सब पैसे की गर्मी है। याद रखना, जिसके पास ज्यादा पैसा हो जाएगा, वह आपको छोड़कर चला जाएगा। इसके बाद अखिलेश यादव बैठक छोड़कर चले गए। एक घंटे बाद एटा और कासगंज दोनों जिलों की इकाइयों को भंग कर दिया। पूरा वाकया शनिवार को लखनऊ के सपा कार्यालय में बैठक के दौरान हुआ। हालांकि, इसका वीडियो आज सामने आया है। सपा बैठक के दौरान मंजीत-जुगेंद्र में गाली-गलौज हुई अखिलेश ने एटा-कासगंज जिलों में पार्टी की स्थिति और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई थी। दोनों जिलों के 250 नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। अखिलेश नेताओं से चुनावी तैयारियों और संगठन को लेकर जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधान परिषद अध्यक्ष रमेश यादव के भतीजे सपा नेता मंजीत यादव ने पिछले चुनावों में पार्टी की स्थिति और हार के कारणों के बारे में बताना शुरू किया। इसके बाद एटा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव बोलने के लिए खड़े हुए। जुगेंद्र सिंह यादव की बातों के बीच कुछ शब्दों को लेकर मंजीत यादव ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बैठक में मौजूद नेताओं ने माहौल संभालने का प्रयास किया, लेकिन दोनों शांत नहीं हुए। देखते ही देखते दोनों के बीच गाली-गलौज होने लगी। इससे बैठक का माहौल असहज हो गया। नाराज अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को अनुशासन में रहने को कहा, लेकिन दोनों नहीं माने। इसके बाद सपा प्रमुख भड़क गए। ——————— ये खबर भी पढ़ें- होमगार्ड परीक्षा में दौड़ते-दौड़ते युवक की मौत:बरेली में पत्नी बोली- B.Tech, B.Ed, TET पास थे, लेकिन सरकारी नौकरी चाहते थे पति B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET पास थे। कोचिंग चलाकर अच्छा पैसा कमा लेते थे, लेकिन मन सरकारी नौकरी करने का था। 17 सितंबर को बर्थडे मनाने के बाद मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल होने गए थे। अगले दिन पता चला कि उनकी मौत हो गई। मुझे जरा भी अंदेशा होता कि उनकी मौत हो जाएगी, तो मैं उन्हें कभी जाने ही न देती। इतना कहते हुए बरेली की कोमल यादव रोने लगीं। पढ़ें पूरी खबर