भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने रविवार को रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात की। जयंत चौधरी ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। इसके बाद अमरोहा में सियासी चर्चाएं तेज हो गईं। शमी या उनके परिवार के किसी सदस्य के राजनीति में आने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, शमी या रालोद की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पार्टी में शामिल होने या चुनाव लड़ने को लेकर भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। दैनिक भास्कर ने इसे लेकर शमी के बड़े भाई हसीब अहमद से बात की। उन्होंने कहा- मैं अभी कानपुर हूं। मुझे मुलाकात की जानकारी नहीं है। पहले भी राजनीति में आने की चली थी चर्चा मोहम्मद शमी के राजनीति में आने की पहले भी चर्चा चली थी। अप्रैल 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान उनसे इस बारे में सवाल किया गया था। तब शमी ने कहा था कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर है। जब उनका मन बनेगा, तब वह खुद इसकी जानकारी देंगे। अब जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात के बाद एक बार फिर शमी के राजनीति में आने की चर्चा शुरू हो गई है। अमरोहा में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अमरोहा सीट सपा के लिए मानी जाती है अहम जिले की चार विधानसभा सीटों में अमरोहा सीट सपा के लिए अहम मानी जाती है। यहां सपा के कद्दावर नेता महबूब अली लगातार पांचवीं बार विधायक हैं। इसी वजह से यह सीट सपा के लिए मजबूत मानी जाती है। अमरोहा मुस्लिम बहुल सीट है। यहां करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं। इनमें करीब दो लाख मुस्लिम मतदाता हैं। इनमें तुर्क बिरादरी के करीब 70 हजार मतदाता बताए जाते हैं। रालोद के खाते में सीट आई तो हसीब को मिल सकता है टिकट आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल तैयारियों में जुटे हैं। भाजपा और रालोद इस समय गठबंधन में हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रालोद अमरोहा और नौगावां सादात सीट पर दावेदारी कर रही है। ऐसे में चर्चा है कि अगर अमरोहा सीट रालोद के खाते में आती है तो मोहम्मद शमी या उनके भाई हसीब को यहां से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। मुस्लिम, खासकर तुर्क वोटों के साथ गठबंधन के वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बनाई जा सकती है। ———————- ये खबर भी पढ़िए- जूते में छिपाकर ले गए थे महाराष्ट्र TET के पेपर:आगरा की प्रिंटिंग प्रेस के 3 कर्मचारियों ने 8 हजार के लिए पेपर लीक किया महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर यूपी में आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। आरोपियों ने पेपर को जूते में छिपाकर प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला था। इसके लिए आरोपियों को ₹8 हजार दिए गए थे। साथ ही, उन्हें आगरा में जमीन (प्लॉट) देने का वादा भी किया गया था। ठाणे पुलिस ने भिवंडी की स्थानीय कोर्ट में 3,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। पूरी खबर पढ़िए