प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, बैरिकेड हटाए:बोले- पुलिस मारपीट कर रही; सपा सांसद को हाथ पकड़कर रोका

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को तेज हो गया। शाम करीब 5:30 बजे करीब 150 अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने सुरक्षा के लिए गेट पर बैरिकेड लगाने की कोशिश की। अभ्यर्थियों ने बैरिकेड हटाकर सड़क पर रख दिया। इसके बाद वे गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। गेट खोलने और बंद करने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिसकर्मी मौके पर स्थिति संभालते रहे। इसी बीच सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज भी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों से मिलने के लिए अंदर जाने की अनुमति मांगी। सांसद ने कहा कि मैं पुलिस से लड़ नहीं रहा हूं। मैं सिर्फ अनुरोध कर रहा हूं कि मुझे अंदर जाने दिया जाए। छात्रों से मिलने का अवसर मिले। उनकी मांगों को सुनना जरूरी है। जनप्रतिनिधि को लोगों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। कुछ देर बाद पुष्पेंद्र सरोज छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा- मैं मांगों के समर्थन में आपके साथ खड़ा हूं। मैं उनमें से एक हूं, जो अकेला जंतर-मंतर पर लड़ा हूं। आज आपके लिए यहां खड़ा हूं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके साथ गाली-गलौज की। पुलिसकर्मी कॉलर पकड़ रहे हैं, घसीट रहे हैं। मारपीट कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। 4 तस्वीरें देखिए… सीएम ने TGT-PGT पर मंत्री से कहा- NCTE को लेटर लिखें इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें। एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए। क्या है प्रयागराज धरने की पूरी वजह? प्रयागराज में 31 अगस्त से प्रतियोगी छात्र पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न से भर्ती परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी तीन मुख्य मांगें हैं- पुरानी नियमावली की बहाली: भर्ती प्रक्रिया में नए नियमों और पात्रता शर्तों का कड़ा विरोध करते हुए पुरानी नियमावली और परीक्षा पैटर्न को लागू रखने की मांग। 20,000 से अधिक पदों पर भर्ती: अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े 20 हजार से ज्यादा पदों को पुरानी नियमावली के तहत जल्द विज्ञापित कर भरा जाए। दो अतिरिक्त अवसर (अटेंप्ट): नए नियमों से प्रभावित हो रहे छात्रों को पुराने नियमों के आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त मौके दिए जाएं। प्रदर्शन से जुड़े पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…