आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में मारा गया। उसने पकड़े जाने के डर से अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया था। इस दौरान उसने एक बच्चे की भी हत्या कर दी। पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। ATS, SOG और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्यारा अरविंद सिंह (42) मारा गया। पुलिस के मुताबिक, वह घर में पूजा कराने से नाराज था। मंगलवार शाम 6 बजे इसी बात को लेकर पत्नी से बहस हो गई। फिर उसने पूजा करा रहे पुजारियों से आधार कार्ड मांगा। बहस करने लगा। इसी बीच गुस्से में आरोपी भागकर कमरे में गया। अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर आया। दो पुजारियों और पत्नी को गोली मार दी। इसके बाद अरविंद ने अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही 6 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी देने लगा। हालात बेकाबू होते देखकर SOG और ATS कमांडोज की टीम को बुलाया गया। टीम ने पूरे घर को घेर लिया। इस दौरान पुलिस आरोपी को समझाती रही। 7 घंटे तक अरविंद बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा। रात 1 बजे उसने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने घर में दाखिल हुई। बच्चों को छुड़ाया और आरोपी को मार गिराया। मृतकों में हत्यारे अरविंद सिंह के अलावा पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) शामिल हैं। घटना जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर अहिरौला थाना क्षेत्र की है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- SSP डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बंधक बनाए गए बच्चों में आरोपी अपने सबसे छोटे बेटे को गोद में लिए हुए था। पुलिस जब उसे समझा रही थी, तो वह बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। तभी बच्चा उसकी गोद से छूट गया। इसके बाद उसने अपनी बेटी को गन पॉइंट पर ले लिया। इसी बीच उसने बेटे पर गोली चला दी।इसके बाद पुलिस की टीम ने स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस टीम ने अंदर दाखिल हुई। पुलिस को अंदर आता देख आरोपी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने करीब 6 राउंड फायरिंग की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी अरविंद के गोली लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो गई। खबर अपडेट की जा रही है…