कानपुर में सरकारी डॉक्टर ने लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी कमरे में पहुंची, तो डॉक्टर जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे। परिवारवाले डॉ. संदीप सिंह (47) को रीजेंसी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना रविवार रात करीब 2 बजे निराला नगर के ब्लॉसम अपार्टमेंट की है। डॉ. संदीप सिंह सर्जन थे और कानपुर देहात में तैनात थे। संदीप के पिता राज बहादुर ने बताया- रात में बहू कंचन का फोन आया था। उसने कहा कि संदीप ने खुद को गोली मार ली है। अस्पताल ले जा रही हूं। मैंने कहा कि तुम बहुत धर्मात्मा बनती हो, जियो अपने हिसाब से। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने रिवाल्वर जब्त कर लिया है। वहीं, डॉ. सदीप सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया गया। पैनल ने उनके शरीर में फंसी गोली का पता लगाने के लिए पहले एक्सरे कराया। इसमें गोली पीठ में फंसी मिली। गोली लगने से हार्ट और लिवर पंचर हो गए थे। ज्यादा खून बहने से मौत की पुष्टि हुई। पत्नी बोली- मैं पति को बचा नहीं सकी डॉ. संदीप सिंह की पत्नी कंचन ने बताया- हम लोग पलंग पर बैठे थे। मेरी गोद में ढाई महीने का बेटा था। 15 मिनट संदीप ऐसे ही बैठे रहे। फिर उन्होंने अलमारी से रिवॉल्वर निकाली। जिस कमरे में हम लोग बैठे थे, उस कमरे का दरवाजा बंद कर मंदिर वाले कमरे में चले गए। मैं बेटे को पलंग पर लिटाकर उनके पीछे भागी। दरवाजा खोलकर मंदिर वाले कमरे में पहुंची। लेकिन, तब तक उन्होंने सीने में गोली मार ली। मुझे मौका ही नहीं मिला कि मैं कुछ कर सकूं। कल पूरा दिन वह घर पर ही थे। वहीं, संदीप के बड़े भाई विक्रम सिंह ने बताया- रविवार को बाथरूम की चप्पल पहनकर कमरे में आ जाने से संदीप और कंचन के बीच झगड़ा हो गया था। यही बात बहुत आगे बढ़ गई। माता-पिता से अलग रहते थे डॉ. संदीप संदीप सिंह लाल बंगला के परदेवनपुरवा के रहने वाले थे। उनके पिता राज बहादुर सिंह सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे। संदीप के 3 भाई, विशाल, विक्रम और राहुल सिंह थे। विशाल की बीमारी से मौत हो गई थी। जबकि राहुल सिंह की नोएडा में हिट एंड रन केस में मौत हो गई थी। पिता राज बहादुर पत्नी और छोटे बेटे विक्रम के साथ परदेवनपुरवा में रहते हैं। वहीं, डॉ. संदीप निराला नगर स्थित ब्लॉसम अपार्टमेंट में पत्नी कंचन, बेटी और 2 महीने के बेटे के साथ रहते थे। 7 साल पहले की थी दूसरी शादी चचेरे भाई मोहित ने बताया- संदीप की पहली शादी साल- 2007 में कानपुर की MBBS डॉक्टर कीर्ति सिंह से हुई थी। पहली शादी से उनका एक 12 साल का बेटा भी है। 2018 में दोनों का म्युचुअल अंडरस्टैंडिग से तलाक हो गया था। इसके बाद 2019 में संदीप ने कासगंज में रहने वाली कंचन सिंह से लव मैरिज की थी। कंचन हाउस वाइफ हैं। उनके 4 साल की बेटी माही और 2 महीने का बेटा है। पिता राज बहादुर ने बताया- शादी के कुछ समय बाद ही संदीप और कंचन के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़े होने लगे थे। जानकारी मिलने पर मैं अक्सर दोनों को समझाकर शांत करा देता था। संदीप से कल रात 9:30 बजे आखिरी बार बात हुई थी। मैंने उससे हालचाल पूछा। इसके बाद देर रात बहू से उसका किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। रात 2 बजे बेटे ने कमरे से लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली। इसके बाद भगवान के कमरे में जाकर लड्डू गोपाल के पैर छुए। फिर मंदिर के सामने बैठकर सीने में गोली मार ली। 2010 में GSVM मेडिकल कॉलेज से किया था MS परदेवनपुरवा में रहने वाले डॉ. संदीप के चचेरे भाई ऋषभ सिंह ने बताया- उसने 2006 में देहरादून स्थित जॉली ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS किया था। 2010 में कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज से MS किया। फिर हैलट जॉइन किया। करीब 9 साल काम करने के बाद उसका ट्रांसफर कन्नौज हो गया था। यहां 6 साल काम करने के बाद इन दिनों कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित सीएचसी में उनकी तैनाती थी। यहां पिछले डेढ़ साल से जनरल सर्जन के पद पर काम कर रहे थे। किदवई नगर थानाध्यक्ष नीरज द्विवेदी ने कहा- सीने में गोली मारकर सुसाइड का मामला सामने आया है। प्रथमदृष्टया पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है। पूछताछ के बाद ही सही वजह साफ हो सकेगी। ——————– ये खबर भी पढ़ें ‘बहुत डिप्रेशन में हूं, अब जीना नहीं चाहता’, गुरुग्राम से पिता बेटे को समझाते रहे; नोएडा में 43वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड
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