कोहली बोले- ₹5 करोड़ लेकर प्रेमानंदजी के पास नहीं गया:श्रद्धा-सम्मान की वजह से आश्रम जाता हूं; फलाहारी महाराज ने लगाए थे आरोप

क्रिकेटर विराट कोहली ने 5 करोड़ रुपए लेकर संत प्रेमानंद के आश्रम जाने के आरोपों को नकार दिया है। कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि सभी आरोप झूठे, निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि कोहली प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आश्रम सिर्फ गहरी श्रद्धा और सम्मान की वजह से जाते हैं। मीडिया से अपील है कि वह किसी भी दावे को तथ्यों की जांच के बाद ही प्रसारित करे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने सोमवार को दावा किया था कि कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को केलीकुंज आश्रम बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए थे। फलाहारी महाराज ने कहा- आपकी टीम में साधु भेष में बड़े-बड़े माफिया घुसे फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने संत प्रेमानंद महाराज को एक चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने दावा किया कि संत की टीम के एक साधु गुट ने कोहली को 5 करोड़ रुपए देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में दर्शन के लिए बुलाया था, ताकि महाराज को सेलिब्रिटी बनाया जा सके। उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज की टीम में साधु के भेष में भू-माफिया घुस चुके हैं, जो यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनें बेच रहे हैं और बच्चों की किडनी चोरी जैसे अपराधों में शामिल हैं। उन्होंने महाराज से गोवर्धन आने और मामले की CBI जांच की मांग करने की अपील की। कहा कि आप वहां सुरक्षित नहीं हैं। सरकार को आपको जेड प्लस सुरक्षा देनी चाहिए। गुरु पूर्णिमा से पहले प्रेमानंद से मिलने पहुंचे थे विराट-अनुष्का विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अब तक 8 बार संत प्रेमानंद से मुलाकात कर चुके हैं। आखिरी बार गुरु पूर्णिमा से पहले 22 जुलाई को नए आश्रम यमुना विहार कुंज पहुंचे थे। दोनों चेहरे पर मास्क लगाकर नंगे पांव आश्रम के अंदर गए थे। बारिश से रास्ते में कीचड़ था। विराट, अनुष्का का हाथ थामकर कीचड़ में चलते नजर आए थे। हाल के दिनों में क्यों सुर्खियों में रहा प्रेमानंदजी का आश्रम? 1. शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दी
25 सितंबर को प्रेमानंदजी के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने केली कुंज ट्रस्ट की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मां ने आरोप लगाया था कि बेटे को उनसे मिलने नहीं दिया जाता था। रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह दो साल पहले वृंदावन आए थे और प्रेमानंदजी से दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया था। 2. बेटे के लापता होने पर परिवार ने आश्रम के बाहर धरना दिया
2 अक्टूबर को हाथरस के एक परिवार ने केली कुंज आश्रम के सामने 7 घंटे तक धरना दिया था। परिवार का आरोप था कि उनके बेटे अनुज चौधरी ने 3 महीने पहले केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। अफसरों ने अनुज को तलाशने का आश्वासन दिया था। इसके बाद परिवार हाथरस के बारामई खेड़ा गांव लौट गया था। अगले दिन यानी 3 अक्टूबर को पुलिस ने अनुज को बरसाना के एक आश्रम से बरामद किया। इसके बाद पुलिस उसे हाथरस ले गई और परिवार को सौंप दिया था। ———————- ये खबर भी पढ़िए- प्रेमानंद महाराज का नया आश्रम, जहां पहुंचे विराट-अनुष्का:मथुरा में पौने 9 बीघा जमीन पर बना, डायलिसिस यूनिट भी लगी संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित नए आश्रम यमुना विहार कुंज के बारे में भक्त जानना चाहते हैं। प्रेमानंदजी अपने पुराने केली कुंज आश्रम को छोड़कर यहीं भजन-साधना कर रहे हैं। यहीं भक्तों को दर्शन देते हैं। महाराज ने केली कुंज आश्रम छोड़कर यमुना किनारे नया ठिकाना क्यों बनाया? यहां तक पहुंचने का रास्ता क्या है? पूरी रिपोर्ट पढ़िए…