फिरोजाबाद में रविवार रात तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने टेसू-झेंझी का विसर्जन करने जा रहे 15 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन लड़कियों समेत 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने कार में सवार 4 लोगों की जमकर पिटाई की। उन्हें लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा। सभी नशे में थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार सवारों को भीड़ से छुड़ाया। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने समय रहते मदद नहीं की। मौके पर पहुंचे अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहे। हादसे जुड़ी तस्वीरें देखिए… कैसे हुआ हादसा, जानिए… घटना जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर नसीरपुर थाना क्षेत्र के छटनपुर गांव की है। रविवार रात करीब 9 बजे बेटेश्वर मार्ग पर लड़कियां सड़क किनारे बने कुएं में टेसू-झेंझी का विसर्जन कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी एक लड़की को टक्कर मार दी। लड़कियों ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने कार सवारों को घेर लिया और आगे सड़क जाम कर दी। भीड़ ने कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद ड्राइवर ने कार पीछे की और वहां से भागने के लिए रफ्तार बढ़ा दी। इस दौरान उसने सड़क पर घेरकर खड़े लोगों को कुचल दिया। हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने कार में सवार चार लोगों की पिटाई कर दी। हादसे में 15 और 17 साल की तीन लड़कियों की मौत हादसे में अंजली (15), ब्रजेश की बेटी आकांक्षा (15), गंभीर सिंह के बेटे हरीश कुमार (25), ब्रजेश कुमार की बेटी बबली (17) और शिशुपाल की बेटी गुन्नू (10) की मौत हो गई। घायलों में अमर सिंह का बेटा चंद्रवीर (55), राम ब्रजेश का बेटा उमाशंकर (40), सुखवीर के बेटे धीरज (30) और सोनू (29), चंद्रवीर का बेटा मयंक (11) समेत 10 लोग शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शी बोले- ड्राइवर ने शराब पी रखी थी शिवानी ने बताया कि विसर्जन के समय कार ने गांव के लोगों को टक्कर मार दी। कार ड्राइवर ने शराब पी रखी थी। लोगों ने कार को आगे से घेरने की कोशिश की। बटेश्वर रोड पर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया, ताकि कार आगे न जा सके। इसके बाद भीड़ ने कार सवार लोगों की पिटाई कर दी। शिवानी के मुताबिक, हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जबकि 5 लोगों की मौत हो गई। उनके पिता भी अस्पताल में भर्ती हैं। उनके हाथ-पैर में चोट आई है। प्रत्यक्षदर्शी चंद्रवीर ने बताया कि लड़कियां टेसू-झेंझी की शादी के बाद उनका विसर्जन करने कुएं पर गई थीं। इसी दौरान बच्चों ने हादसे की जानकारी दी। इसके बाद गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने कार को घेर लिया, लेकिन ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाई। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई और उसकी चपेट में लोग आ गए। कार ने कई लोगों को टक्कर मार दी। इनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 3 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने कार में तोड़फोड़ की। कार में चार लोग सवार थे। भीड़ ने चारों की पिटाई कर दी। कार सवार दिल्ली के रहने वाले, शादी में जा रहे थे कार में दिल्ली के वजीरपुर निवासी गुरफान, इरफान, देवेश और जगदीश सवार थे। कार जगदीश चला रहा था। चारों किसी शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। विधायक और अफसरों ने घायलों से मुलाकात की हादसे की जानकारी मिलने पर सिरसागंज विधायक सर्वेश यादव मौके पर पहुंचे। सिरसागंज सीओ चंचल त्यागी, शिकोहाबाद सीओ जबविंद गुप्ता, शिकोहाबाद इंस्पेक्टर अनुज कुमार, नसीरपुर इंस्पेक्टर जसवीर सिंह और मक्खनपुर इंस्पेक्टर चमन शर्मा समेत अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से घटना की जानकारी ली। टेसू और झेंझी क्या हैं?
• टेसू बांस की तीन लकड़ियों से बना एक प्रतीकात्मक गुड्डा होता है, जिसे दूल्हे की तरह सजाया जाता है और उसके बीच में दीया रखा जाता है।
• झेंझी (झांझी) मिट्टी की एक छोटी मटकी या गुड़िया होती है, जिसे सुंदर दुल्हन की तरह सजाया जाता है और इसके अंदर या चारों ओर प्रकाश के लिए दीया रखा जाता है। पौराणिक कथा-
• इस परंपरा का संबंध महाभारत काल और वीर बर्बरीक (खाटू श्याम जी) की कहानी से माना जाता है।
• लोकमान्यताओं के अनुसार, बर्बरीक का विवाह झेंझी से होना था, लेकिन युद्ध में शीशदान देने के कारण उनका विवाह अधूरा रह गया था। भगवान कृष्ण के वरदान के अनुसार, कलियुग में शरद पूर्णिमा के दिन टेसू और झेंझी का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। ————————- यह खबर भी पढ़ेंः- कौशांबी में सोफे पर सो रही मासूम की जलकर मौत, बचाने में चाचा भी झुलसे, कमरे में लगी आग से जला सामान कौशांबी में सोफे पर सो रही तीन महीने की मासूम की आग में जलकर मौत हो गई। बच्ची को बचाने की कोशिश में उसके चाचा भी झुलस गए। परिजन बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला मुख्यालय से 28 किमी दूर चरवा थाना क्षेत्र के बेरुवा गांव का है। पूरी खबर पढ़ें…
• टेसू बांस की तीन लकड़ियों से बना एक प्रतीकात्मक गुड्डा होता है, जिसे दूल्हे की तरह सजाया जाता है और उसके बीच में दीया रखा जाता है।
• झेंझी (झांझी) मिट्टी की एक छोटी मटकी या गुड़िया होती है, जिसे सुंदर दुल्हन की तरह सजाया जाता है और इसके अंदर या चारों ओर प्रकाश के लिए दीया रखा जाता है। पौराणिक कथा-
• इस परंपरा का संबंध महाभारत काल और वीर बर्बरीक (खाटू श्याम जी) की कहानी से माना जाता है।
• लोकमान्यताओं के अनुसार, बर्बरीक का विवाह झेंझी से होना था, लेकिन युद्ध में शीशदान देने के कारण उनका विवाह अधूरा रह गया था। भगवान कृष्ण के वरदान के अनुसार, कलियुग में शरद पूर्णिमा के दिन टेसू और झेंझी का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। ————————- यह खबर भी पढ़ेंः- कौशांबी में सोफे पर सो रही मासूम की जलकर मौत, बचाने में चाचा भी झुलसे, कमरे में लगी आग से जला सामान कौशांबी में सोफे पर सो रही तीन महीने की मासूम की आग में जलकर मौत हो गई। बच्ची को बचाने की कोशिश में उसके चाचा भी झुलस गए। परिजन बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला मुख्यालय से 28 किमी दूर चरवा थाना क्षेत्र के बेरुवा गांव का है। पूरी खबर पढ़ें…