यूपी की पीसीएस अफसर ज्योति मौर्या और उनके सफाई कर्मी पति आलोक मौर्या के बीच तलाक फाइलन स्टेज पर है। अफसर पत्नी से सुलह की उम्मीद करते हुए आलोक ने पहले राजनीति का रास्ता चुना और डिप्टी सीएम केशव मौर्या से मिले। सोमवार रात यानी 11 मई को इस कहानी में नया ट्वीस्ट आ गया। अचानक से अफसर ज्योति मौर्या के पति आलोक पर हमला कर उन्हें अगवा करने की कोशिश की गई। आलोक का कहना है कि हमलावर उनका अपहरण करना चाहते थे। नाकाम होने पर वह मोबाइल छीनने लगे। आलोक ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है। आलोक मौर्या अकेला’ से 32-33 मिलियन लोग जुड़े
आलोक का कहना है कि मेरे मोबाइल से, मेरे फेसबुक चैनल ‘आलोक मौर्या अकेला’ से पिछले एक हफ्ते में करीब 32-33 मिलियन लोग जुड़ चुके हैं, देख चुके हैं, वॉच कर रहे हैं। तो इसे लेकर लोगों में एक डर भी बना हुआ है कि क्या ये लड़का कहां लेकर जाएगा। आलोक ने किसी पर शक तो नहीं जताया लेकिन उन पर हमले की कहानी काफी उलझी नजर आ रही है। बाइक सवारों ने किया हमला
ज्योति के पति आलोक ने दैनिक भास्कर से हमले का मामला साझा किया। बताया कि रात लगभग 10:30 बजे के करीब मैं खाना-पीना खाकर अपनी कॉलोनी के बाहर टहल रहा था। जैसा कि मेरी कॉलोनी पुलिस लाइन के पीछे ही है, काफी सुरक्षित एरिया माना जाता है। मैं अपने मोबाइल से वीडियो कॉलिंग पर दोस्तों से बात कर रहा था। इसी बीच पीछे से तीन हमलावर आते हैं, पल्सर गाड़ी से। ब्लैक कलर की गाड़ी थी और उस पर लाल कलर का स्टीकर चस्पा था। नंबर तो मैं नहीं देख पाया। पीछे से वो हमला करने की कोशिश करते हैं। उनका उद्देश्य क्या था ये तो मैं बहुत नहीं बता सकता हूं। मोबाइल छीनने का प्रयास
आलोक का कहना है कि वे हमले में सफल नहीं हो पाते हैं, तो मेरा मोबाइल छीनने का प्रयास करते हैं। छीना-झपटी में मैंने काफी बचाव का प्रयास किया तो मोबाइल मेरा नीचे गिर जाता है। इसी बीच और लोग हमारी तरफ दौड़ते हैं तो हमलावर भाग जाते हैं। कर्नलगंज थाने पहुंचे आलोक
घटना के बाद आलोक मौर्या कर्नलगंज थाने पहुंचे। उन्होंने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कहा कि उस एरिया का सीसीटीवी कैमरा खंगाला जाए। आलोक ने कहा कि सीसीटीवी से हमलावरों की पहचान हो सकती है। 5 मई को डिप्टी CM से मिलने पहुंचे थे आलोक मौर्या यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं। मंगलवार यानी 5 मई को आलोक अपने साथियों के साथ प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव मौर्या से मिलने पहुंचे। जब केशव का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा तो आलोक उनके स्वागत के लिए पहले से खड़े थे। जब आलोक से जब पूछा गया कि क्या राजनीति में आना चाहते हैं? जवाब था- जनता चाहती है कि मैं राजनीति में आकर सेवा करूं। मैं युवा हूं। लोग युवाओं से ज्यादा जुड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। मैं उन्हीं से प्रेरित होकर शायद अगला कदम राजनीति की तरफ बढ़ाऊं। दरअसल, ज्योति और आलोक के बीच तलाक-सुलह समझौते का मामला फिर चर्चा में है। इस बीच आलोक ने कहा कि मामला मीडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) में है। परिवार टूटे नहीं, बसे, इसकी कोशिश है। कोर्ट भी इसी को प्राथमिकता दे रहा। जल्द ही पॉजीटिव न्यूज मिलेगी। इस बारे में जब उनकी PCS पत्नी ज्योति मौर्या से बात की गई तो उन्होंने कहा- ‘वे (आलोक) कहां जा रहे-किससे मिल रहे, इससे मुझे क्या।’ ज्योति ने सुलह समझौते की गुंजाइश से साफ इनकार कर दिया। कहा- ‘आलोक के इश्यू पर कुछ नहीं बोलना चाहती। जो कहना था, पहले ही बता चुकी हूं।’ ज्योति मौर्या गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात हैं। इससे पहले भी ज्योति ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि तलाक फाइनल स्टेज पर है। अब समझौते की गुंजाइश नहीं है। बस कुछ दिन की बात है। आयोग बने तो पुरुषों को प्लेटफॉर्म मिले, आत्महत्याएं रुकें
प्रतापगढ़ में बतौर सफाईकर्मी पोस्टेड आलोक मौर्या ने दैनिक भास्कर से बातचीत में पतियों के उत्पीड़न का मामला उठाया। वह खुद को पत्नी पीड़ित की तरह पेश करने लगे। कहा- मैंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है कि पुरुष आयोग बने, ताकि पुरुष अपनी बात रख सकें। उन्होंने कहा- पुरुष अपनी बातें नहीं कह पा रहे हैं। रोज आत्महत्याएं कर रहे हैं। अभी न्यायाधीश ने अपनी पत्नी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। कुछ दिन पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अपनी पत्नी से परेशान होकर जान दे दी। बिहार के आईएएस थे, वे अपनी पत्नी से परेशान होकर ट्रेन से कट गए। ऐसे मामले रुकने चाहिए। राजनीति के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश
राजनीति में आने की इच्छा पर आलोक ने कहा- अभी प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में लगा हूं, स्वच्छ भारत अभियान मिशन में एक सेवक होकर सेवा दे रहा हूं। जैसी लोगों की इच्छा होगी, पार्टी का जैसा मन होगा, वैसा करने को तैयार हूं। आलोक मौर्या ने सिविल की तैयारी को लेकर कहा कि चलती रहेगी। आलोक ने ज्योति के अफेयर सहित रिश्वत के भी लगाए थे आरोप
आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या पर दूसरे अधिकारी से अफेयर के आरोप लगाए थे। दावा किया था कि उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में रखकर कोचिंग कराई, सारा खर्च उठाया। जब वह एसडीएम बन गई, तो दूरी बना ली। आलोक ने पहले एक डायरी पेश करते हुए दावा किया था कि इसमें ज्योति के एसडीएम पद पर रहते हुए हर महीने ली जाने वाली रिश्वत की रकम का जिक्र है। हालांकि, बाद में वह इस दावे को जांच टीम के सामने साबित नहीं कर पाए और आरोप वापस ले लिए थे। वहीं, ज्योति मौर्या ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में चल रहे मुकदमे
ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक के विवाद के बाद जिला कोर्ट प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे चल रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आलोक मौर्या ने पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। वहीं, ज्योति मौर्या ने पति से छुटकारा पाने के लिए जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दोनों बेटियां भी ज्योति मौर्या के साथ गाजियाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। जबकि, आलोक मौर्या प्रतापगढ़ में पंचायती राज विभाग में सफाईकर्मी के पद पर हैं। ज्योति मौर्या का टीचर से अफसर बनने तक का सफर
ज्योति वाराणसी जबकि आलोक मौर्या आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उनकी शादी करीब 16 साल पहले 2010 में हुई थी। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। शादी के 2 साल के अंदर ही ज्योति मौर्या सरकारी टीचर बन गईं। टीचर की जॉब मिलने के बाद भी उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रही। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी बनीं। फिर उनका चयन एसएससी में भी हुआ। लेकिन, महाराष्ट्र लोकेशन मिलने की वजह से जॉइनिंग नहीं दी। साल-2015 में उनका चयन यूपी-पीसीएस में हुआ और वह एसडीएम बनीं। उसी साल जुड़वां बच्चों की मां भी बनीं।
आलोक का कहना है कि मेरे मोबाइल से, मेरे फेसबुक चैनल ‘आलोक मौर्या अकेला’ से पिछले एक हफ्ते में करीब 32-33 मिलियन लोग जुड़ चुके हैं, देख चुके हैं, वॉच कर रहे हैं। तो इसे लेकर लोगों में एक डर भी बना हुआ है कि क्या ये लड़का कहां लेकर जाएगा। आलोक ने किसी पर शक तो नहीं जताया लेकिन उन पर हमले की कहानी काफी उलझी नजर आ रही है। बाइक सवारों ने किया हमला
ज्योति के पति आलोक ने दैनिक भास्कर से हमले का मामला साझा किया। बताया कि रात लगभग 10:30 बजे के करीब मैं खाना-पीना खाकर अपनी कॉलोनी के बाहर टहल रहा था। जैसा कि मेरी कॉलोनी पुलिस लाइन के पीछे ही है, काफी सुरक्षित एरिया माना जाता है। मैं अपने मोबाइल से वीडियो कॉलिंग पर दोस्तों से बात कर रहा था। इसी बीच पीछे से तीन हमलावर आते हैं, पल्सर गाड़ी से। ब्लैक कलर की गाड़ी थी और उस पर लाल कलर का स्टीकर चस्पा था। नंबर तो मैं नहीं देख पाया। पीछे से वो हमला करने की कोशिश करते हैं। उनका उद्देश्य क्या था ये तो मैं बहुत नहीं बता सकता हूं। मोबाइल छीनने का प्रयास
आलोक का कहना है कि वे हमले में सफल नहीं हो पाते हैं, तो मेरा मोबाइल छीनने का प्रयास करते हैं। छीना-झपटी में मैंने काफी बचाव का प्रयास किया तो मोबाइल मेरा नीचे गिर जाता है। इसी बीच और लोग हमारी तरफ दौड़ते हैं तो हमलावर भाग जाते हैं। कर्नलगंज थाने पहुंचे आलोक
घटना के बाद आलोक मौर्या कर्नलगंज थाने पहुंचे। उन्होंने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कहा कि उस एरिया का सीसीटीवी कैमरा खंगाला जाए। आलोक ने कहा कि सीसीटीवी से हमलावरों की पहचान हो सकती है। 5 मई को डिप्टी CM से मिलने पहुंचे थे आलोक मौर्या यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं। मंगलवार यानी 5 मई को आलोक अपने साथियों के साथ प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव मौर्या से मिलने पहुंचे। जब केशव का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा तो आलोक उनके स्वागत के लिए पहले से खड़े थे। जब आलोक से जब पूछा गया कि क्या राजनीति में आना चाहते हैं? जवाब था- जनता चाहती है कि मैं राजनीति में आकर सेवा करूं। मैं युवा हूं। लोग युवाओं से ज्यादा जुड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। मैं उन्हीं से प्रेरित होकर शायद अगला कदम राजनीति की तरफ बढ़ाऊं। दरअसल, ज्योति और आलोक के बीच तलाक-सुलह समझौते का मामला फिर चर्चा में है। इस बीच आलोक ने कहा कि मामला मीडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) में है। परिवार टूटे नहीं, बसे, इसकी कोशिश है। कोर्ट भी इसी को प्राथमिकता दे रहा। जल्द ही पॉजीटिव न्यूज मिलेगी। इस बारे में जब उनकी PCS पत्नी ज्योति मौर्या से बात की गई तो उन्होंने कहा- ‘वे (आलोक) कहां जा रहे-किससे मिल रहे, इससे मुझे क्या।’ ज्योति ने सुलह समझौते की गुंजाइश से साफ इनकार कर दिया। कहा- ‘आलोक के इश्यू पर कुछ नहीं बोलना चाहती। जो कहना था, पहले ही बता चुकी हूं।’ ज्योति मौर्या गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात हैं। इससे पहले भी ज्योति ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि तलाक फाइनल स्टेज पर है। अब समझौते की गुंजाइश नहीं है। बस कुछ दिन की बात है। आयोग बने तो पुरुषों को प्लेटफॉर्म मिले, आत्महत्याएं रुकें
प्रतापगढ़ में बतौर सफाईकर्मी पोस्टेड आलोक मौर्या ने दैनिक भास्कर से बातचीत में पतियों के उत्पीड़न का मामला उठाया। वह खुद को पत्नी पीड़ित की तरह पेश करने लगे। कहा- मैंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है कि पुरुष आयोग बने, ताकि पुरुष अपनी बात रख सकें। उन्होंने कहा- पुरुष अपनी बातें नहीं कह पा रहे हैं। रोज आत्महत्याएं कर रहे हैं। अभी न्यायाधीश ने अपनी पत्नी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। कुछ दिन पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अपनी पत्नी से परेशान होकर जान दे दी। बिहार के आईएएस थे, वे अपनी पत्नी से परेशान होकर ट्रेन से कट गए। ऐसे मामले रुकने चाहिए। राजनीति के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश
राजनीति में आने की इच्छा पर आलोक ने कहा- अभी प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में लगा हूं, स्वच्छ भारत अभियान मिशन में एक सेवक होकर सेवा दे रहा हूं। जैसी लोगों की इच्छा होगी, पार्टी का जैसा मन होगा, वैसा करने को तैयार हूं। आलोक मौर्या ने सिविल की तैयारी को लेकर कहा कि चलती रहेगी। आलोक ने ज्योति के अफेयर सहित रिश्वत के भी लगाए थे आरोप
आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या पर दूसरे अधिकारी से अफेयर के आरोप लगाए थे। दावा किया था कि उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में रखकर कोचिंग कराई, सारा खर्च उठाया। जब वह एसडीएम बन गई, तो दूरी बना ली। आलोक ने पहले एक डायरी पेश करते हुए दावा किया था कि इसमें ज्योति के एसडीएम पद पर रहते हुए हर महीने ली जाने वाली रिश्वत की रकम का जिक्र है। हालांकि, बाद में वह इस दावे को जांच टीम के सामने साबित नहीं कर पाए और आरोप वापस ले लिए थे। वहीं, ज्योति मौर्या ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में चल रहे मुकदमे
ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक के विवाद के बाद जिला कोर्ट प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे चल रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आलोक मौर्या ने पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। वहीं, ज्योति मौर्या ने पति से छुटकारा पाने के लिए जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दोनों बेटियां भी ज्योति मौर्या के साथ गाजियाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। जबकि, आलोक मौर्या प्रतापगढ़ में पंचायती राज विभाग में सफाईकर्मी के पद पर हैं। ज्योति मौर्या का टीचर से अफसर बनने तक का सफर
ज्योति वाराणसी जबकि आलोक मौर्या आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उनकी शादी करीब 16 साल पहले 2010 में हुई थी। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। शादी के 2 साल के अंदर ही ज्योति मौर्या सरकारी टीचर बन गईं। टीचर की जॉब मिलने के बाद भी उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रही। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी बनीं। फिर उनका चयन एसएससी में भी हुआ। लेकिन, महाराष्ट्र लोकेशन मिलने की वजह से जॉइनिंग नहीं दी। साल-2015 में उनका चयन यूपी-पीसीएस में हुआ और वह एसडीएम बनीं। उसी साल जुड़वां बच्चों की मां भी बनीं।