यूपी में अब ऐप से कैब बुक कर सफर करने वालों के लिए मनमानी पर लगाम लगेगी। योगी सरकार ने ऐप आधारित यात्री परिवहन, डिलीवरी और लॉजिस्टिक सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक एवं वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली-2026 लागू कर दी है। इसके साथ upmyfleet.com एग्रीगेटर पोर्टल भी शुरू किया गया है। नई व्यवस्था में किराये की सीमा, यात्री बीमा, ड्राइवरों का पुलिस व चरित्र सत्यापन, शिकायत निवारण और वाहन प्रदूषण की निगरानी के लिए नियम तय किए गए हैं। बुकिंग के बाद बिना उचित कारण यात्री को पिकअप नहीं करने पर 100 रुपए का अर्थदंड लगेगा। इस पेनाल्टी का लाभ यात्री को अगली ट्रिप में दिए जाने का प्रावधान है। ड्राइवरों को 5 लाख स्वास्थ्य, 10 लाख का टर्म इंश्योरेंस नई नीति में ड्राइवरों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। एग्रीगेटर से जुड़े चालकों का चरित्र और पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। उनका मनोवैज्ञानिक परीक्षण और समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी होगी। ड्राइवरों के लिए 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। वहीं हर यात्री के लिए बीमा कराना एग्रीगेटर की जिम्मेदारी होगी। ऐप से कैब बुक की, तो किराया मनमाना नहीं बढ़ेगा मांग बढ़ने के दौरान ऐप कैब का किराया कई गुना बढ़ने की शिकायतों पर भी नई नीति से लगाम लगेगी। मांग बढ़ने पर किराया निर्धारित बेस फेयर से अधिकतम 50% तक ही बढ़ा सकेंगे। एग्रीगेटर कंपनियों के लिए आवेदन से लेकर लाइसेंस तक पूरी प्रक्रिया तय कर दी गई है। आवेदन की फीस 25 हजार, जबकि लाइसेंस प्रदान करने की फीस 5 लाख निर्धारित है। ये जमानत राशि तय की गई है— हर कंपनी में शिकायत अधिकारी होगा यात्रियों की शिकायतों के लिए हर एग्रीगेटर को ग्रिवांस रिड्रेसल ऑफिसर नियुक्त करना होगा। यात्री किराये, बुकिंग, ड्राइवर या सेवा से जुड़ी शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे। लाइसेंस की शर्तों और मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमों का उल्लंघन करने पर पेनाल्टी का भी प्रावधान किया गया है। डिलीवरी और लॉजिस्टिक कंपनियां भी दायरे में नियम सिर्फ कैब या ऐप आधारित यात्री परिवहन तक सीमित नहीं हैं। ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इसके दायरे में आएंगे, जो ड्राइवर को विक्रेता, ई-कॉमर्स कंपनी या प्रेषक से जोड़कर उत्पाद, कूरियर, पैकेज या पार्सल की डिलीवरी कराते हैं। NCR में प्रदूषण पर पोर्टल से नजर नई नीति में खासतौर पर NCR में वाहन प्रदूषण की निगरानी पर जोर दिया गया है। एग्रीगेटर के बेड़े में शामिल वाहनों की स्थिति पोर्टल के जरिए मॉनिटर की जाएगी। इसके साथ पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर फ्लीट को ट्रांजिशन करने पर भी जोर दिया गया है। इससे भविष्य में ऐप कैब और डिलीवरी वाहनों में EV की हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश होगी। 3.15 लाख से ज्यादा वाहन पोर्टल पर ऑनबोर्ड सरकार ने निगरानी के लिए UP My Fleet पोर्टल को डिजिटल माध्यम बनाया है। फिलहाल NCR क्षेत्र के दो एग्रीगेटर और उनके 3,15,218 वाहन पोर्टल पर ऑनबोर्ड हैं। पोर्टल के जरिए वाहनों का डेटाबेस, नियमों का अनुपालन, प्रदूषण की स्थिति और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में फ्लीट का ट्रांजिशन ट्रैक किया जा सकेगा।