अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव को लेकर अखिलेश यादव और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच विवाद में नया मोड़ आ गया है। भाजपा सांसद ने सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल के लीगल नोटिस का जवाब दे दिया है। 9 जुलाई, 2026 को अपने वकील ऋषि के अवस्थी के जरिए भेजे गए चार पेज के जवाब में निशिकांत दुबे ने नोटिस में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। साथ ही कहा है कि यदि उनके किसी बयान से अनजाने में किसी की भावनाएं आहत हुई हों या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हो तो उन्हें इसका खेद है और वह इसके लिए माफी मांगते हैं। इस मुद्दे पर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सोमवार शाम 5:48 बजे X पर लिखा- निशिकांत माफी तो तभी मिलेगी, जब सपा अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव से भी माफी मांगोगे। इसके बाद तमाम लोग X पर पोस्ट करने लगे कि निशिकांत दुबे ने अखिलेश यादव से माफी मांग ली है। इस पर भी निशिकांत ने जवाब दिया। उन्होंने X पर लिखा- समाजवादी पार्टी को फिर मेरी सलाह है कि चाटुकारिता वाले को समझाइए। पहले तो नोटिस अखिलेश को देना था मानहानि का, बदले में पाल ने दिया। मैंने पूछा पाल आप कौन हो, तो पाल ने दूसरे वकील से नोटिस भेजा। अब नई कहानी…मैंने अखिलेश यादव से कोई माफी नहीं मांगी है। मैं गंगा किनारे का आदमी हूं, मर्दानगी और मर्यादा में लड़ता हूं। समाजवादी विचारधारा अफवाहों के लिए बनी है। 2 पोस्ट पढ़िए… भाजपा सांसद ने जवाब में क्या-क्या कहा? खेद और माफी भी जताई जवाब के आखिर में सांसद ने कहा कि यदि उनके किसी बयान या टिप्पणी को गलती से अपमानजनक या आहत करने वाला माना गया हो, तो उन्हें इसका ईमानदारी से खेद है और वह माफी मांगते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह माफी केवल विवाद खत्म करने और सार्वजनिक संवाद की गरिमा बनाए रखने के लिए है। इसे किसी कानूनी गलती, मानहानि या आरोप स्वीकार करने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस जवाब से उनके सभी कानूनी अधिकार सुरक्षित रहेंगे। अब पूरा विवाद जानिए… अखिलेश ने X पोस्ट हटाने की चेतावनी दी थी निशिकांत दुबे झारखंड की गोड्डा सीट से भाजपा सांसद हैं। उन्होंने 5 जुलाई को सरवन्ना प्रसाद बालासुब्रमण्यम की X पोस्ट को शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि आरोपी टिन्नू यादव सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नियमित रूप से बातचीत करता था। पुलिस जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के हवाले से सरवन्ना ने यह दावा किया था। निशिकांत ने लिखा था- “टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?” निशिकांत दुबे की पोस्ट पर अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने दुबे को 10 मिनट का समय देते हुए पोस्ट डिलीट करने की चेतावनी दी थी। कहा था- भाजपा सांसद 10 मिनट के भीतर अपना झूठा सोशल मीडिया पोस्ट हटा लें, नहीं तो उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अखिलेश ने संसदीय परंपरा, सभ्यता और भगवान राम की मर्यादा का हवाला देते हुए इसे झूठा प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का पीडीए गठबंधन को बदनाम करने का प्रयास है। अखिलेश की चेतावनी पर भी निशिकांत दुबे ने टिप्पणी की। उन्होंने X पर लिखा- जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा। सपा ने नोटिस में लिखा- निशिकांत दुबे पोस्ट हटाएं, माफी मांगें समाजवादी पार्टी ने 7 जुलाई को औपचारिक रूप से मानहानि का नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की ओर कदम बढ़ाया। कृष्ण कन्हैया पाल ने नोटिस भेजकर सांसद दुबे से सार्वजनिक माफी मांगने और पोस्ट हटाने की मांग की, साथ ही कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कौन है टिन्नू यादव, जानिए… टिन्नू यादव, चंपत राय का ड्राइवर था। वह अयोध्या का ही रहने वाला है। इस समय वह जेल में है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक लिखित आदेश के मंदिर की हुंडियों की चाबियों और पहुंच संबंधी व्यवस्थाओं का नियंत्रण था। रिपोर्ट के अनुसार, इसी व्यक्ति की सिफारिश पर मनीष कुमार यादव को गणना कार्य में लगाया गया, जो बाद में चोरी के मामलों में संलिप्त पाया गया। एसआईटी ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक माना है। ****************** यह खबर भी पढ़िए:- ‘मेरे पति फौजी, उनको आतंकी जैसे पीटा गया’:आगरा में रेलवे अफसर की पत्नी बोलीं- RPF वाले घुटने टेककर माफी मांगें, वरना जान दे दूंगी
‘मेरे पति फौजी रहे हैं, उनको आतंकवादी की तरह घसीटा गया। उन्होंने कोई गलती नहीं की थी। ड्यूटी के दौरान वह एक महिला की मदद कर रहे थे।’ यह कहना है आगरा में RPF जवानों की पिटाई का शिकार बने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर का। उन्होंने कहा- मेरे पति की पिटाई का वीडियो पूरे देश ने देखा है। हमें न्याय के साथ उनका सम्मान चाहिए। जिन आरपीएफ जवानों ने उनके साथ मारपीट की, वे सार्वजनिक रूप से घुटनों के बल बैठकर माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मैं सुसाइड कर लूंगी। पढ़ें पूरी खबर…
‘मेरे पति फौजी रहे हैं, उनको आतंकवादी की तरह घसीटा गया। उन्होंने कोई गलती नहीं की थी। ड्यूटी के दौरान वह एक महिला की मदद कर रहे थे।’ यह कहना है आगरा में RPF जवानों की पिटाई का शिकार बने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर का। उन्होंने कहा- मेरे पति की पिटाई का वीडियो पूरे देश ने देखा है। हमें न्याय के साथ उनका सम्मान चाहिए। जिन आरपीएफ जवानों ने उनके साथ मारपीट की, वे सार्वजनिक रूप से घुटनों के बल बैठकर माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मैं सुसाइड कर लूंगी। पढ़ें पूरी खबर…