अखिलेश यादव को डर- 2027 के बाद चुनाव नहीं होंगे:अगर भाजपा जीती तो वोटिंग का हक छिन जाएगा; चुनाव आयोग खुद एक्सपोज हुआ

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया कि देश में लोकतंत्र को मिटाने का बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। अगर इस बार भाजपा को नहीं रोका गया, तो यह आपका आखिरी चुनाव साबित होगा। इसके बाद आपसे वोट डालने का अधिकार भी छीन लिया जाएगा। यानी 2027 के बाद शायद चुनाव ही न हो। लखनऊ में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश चुनाव आयोग पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा- 10 महीने में चुनाव आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों ने गलत फैसलों पर 14 आपत्तियां दर्ज कराईं। लेकिन, कुछ नहीं हुआ। जब चुनाव आयुक्तों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो फिर आम आदमी का क्या होगा। सपा प्रमुख ने कहा- यह लोकतंत्र को मिटाने वाला अपराध है। ऐसे में चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती। भविष्य के चुनाव भी इनसे नहीं कराए जाने चाहिए। अखिलेश ने कहा- 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा समर्थकों के वोट चिह्नित करके काटे गए थे। उपचुनावों में भी बड़े पैमाने पर अधिकारियों की मनमानी पोस्टिंग कराकर बेईमानी की गई थी। हमें मजबूरी में कफन लेकर जाना पड़ा था। अखिलेश बोले- चुनाव आयुक्तों की ही सुनवाई नहीं हो रही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने एक बहुत बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 10 महीने में चुनाव आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों ने गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति (नॉटिंग) दर्ज कराई है। अखिलेश ने कहा- जब चुनाव आयुक्तों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो यह लोकतंत्र को मिटाने का घोर संवैधानिक अपराध है। ऐसे में चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती। भविष्य के चुनाव भी इनसे नहीं कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा समर्थकों के वोट चिन्हित करके काटे गए थे। उपचुनावों में भी बड़े पैमाने पर अधिकारियों की मनमानी पोस्टिंग कराकर बेईमानी की गई, जिसके विरोध में उन्हें मजबूरी में कफन लेकर जाना पड़ा था। ‘फर्जी दस्तखत से 100-100 वोट काटे गए, चुनाव लूटा गया’ सपा प्रमुख ने चुनाव से पहले फर्जीवाड़े पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर में एक ऐसे व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 100 लोगों के वोट कटवाने की अर्जी दी गई, जो खुद दस्तखत करना भी नहीं जानता था। अखिलेश ने कहा कि नियम के मुताबिक एक बार में 5 से ज्यादा वोट नहीं कटवाए जा सकते, लेकिन ‘दशरथ’ नाम के फर्जी दस्तखत से 100-100 वोट काटे जा रहे थे। ‘गरीबों के घर बुलडोजर चला, सामान तक नहीं निकालने दिया’ अखिलेश ने कहा कि प्रभु श्रीराम और अयोध्या के विकास में कोई भी रोड़ा नहीं बन सकता। सपा सरकार बनने पर अयोध्या को दुनिया का सबसे आधुनिक और ‘वर्ल्ड क्लास’ शहर बनाकर दिखाया जाएगा। लेकिन मौजूदा सरकार विकास के नाम पर गरीबों और दुकानदारों को उजाड़ने का काम कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अयोध्या से आईं कई पीड़िताएं भी मौजूद थीं। प्रीति चौहान नाम की महिला ने रोते हुए कहा- मेरा मकान चौड़ीकरण के दायरे में नहीं आ रहा था, फिर भी गिरा दिया गया। नवंबर में बेटी की शादी है, सारा सामान और जेवर चले गए, अब मेरे पास कुछ नहीं बचा। सपना राजपाल और पूनम गुप्ता जैसी पीड़ित महिलाओं ने दावा किया कि उन्हें दुकान खाली करने के लिए सिर्फ आधे घंटे का समय दिया गया। सामान तक नहीं निकालने दिया गया और लाखों का नुकसान कर दिया गया। ‘भाजपा किसी की सगी नहीं, जनता चलाएगी बुलडोजर’ अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार किसी की सगी नहीं है। मेरठ में दूसरों पर खुश होने वाले बीजेपी के ही अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यूपी में हर दिन हत्याएं और लूट हो रही हैं। राजधानी में डिजिटल फ्रॉड हो रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान सिर्फ अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के जरिए चुनाव जीतने का षड्यंत्र रचने पर है। अखिलेश ने कहा- चोरी आप कर रहे हो, पकड़े आप जा रहे हो और ढूंढ किसी और को रहे हो। चुनाव आयोग और बीजेपी पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं। आने वाले समय में जनता अपने वोट के अधिकार से इस सरकार को हमेशा के लिए बुलडोजर चलाकर उखाड़ फेंकेगी। ———— ये भी पढ़ें- ओवैसी गठबंधन चाहते हैं, सपा-कांग्रेस ‘वोट कटवा’ बता रही:मुस्लिम वोटों में सेंध का डर या सेक्युलर छवि बचाने की कोशिश; अब क्या करेगी AIMIM AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी जून, 2026 से अब तक यूपी में 5 सभाएं कर चुके हैं। बहराइच, बिजनौर, सहारनपुर और मुरादाबाद के बाद 20 सितंबर को कानपुर में रैली की। एक तरफ उनके भाषणों पर तालियां बजीं, तो दूसरी तरफ उनका जमकर विरोध भी शुरू हो गया है। सपा-कांग्रेस उन्हें ‘वोट कटवा’ और भाजपा की ‘बी-टीम’ बता रही हैं। पढ़िए पूरी खबर…