आगरा में 27 साल पहले 2 पुलिसवालों की हत्या करने वाला भोपाल से पकड़ा गया। उसको पकड़ने के लिए आगरा पुलिस ने 2 महीने तक भोपाल में रेकी की। इसमें पता चला कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए खुद को मृत घोषित कर चुका था। उसने अपना नाम भी भूरा से बदलकर जमील रख लिया था। इसके बाद वह भोपाल में ट्रक ड्राइवर के रूप में जीवन बिता रहा था। लेकिन, बकरीद की दावत पर उसके एक साथी ने यह बात भूरा के जीजा को बता दी। धीरे-धीरे यह बात पुलिस को पता चल गई। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने भूरा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस भूरा को शनिवार दोपहर 2 बजे आगरा लेकर आई और मीडिया के सामने पेश किया। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। अलाव ताप रहे पुलिसकर्मियों पर की थी फायरिंग डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने बताया- भूरा कुख्यात रमेश कुशवाह गैंग का सक्रिय सदस्य था। वह महोबा के जैतपुर का रहने वाला था। यह गैंग लूट, अपहरण और हत्या जैसी वारदात में शामिल रहा है। करीब 27 साल पहले, पुलिस ने गैंग के हथियारों का जखीरा पकड़ लिया था। इसके करीब 10 दिन बाद 31 दिसंबर, 1999 की रात बदमाशों ने पुलिसकर्मियों से हथियार लूटने की साजिश रची। उस रात खेरागढ़ में गश्त पर तैनात 3 पुलिसकर्मी ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे। भूरा अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और अलाव तापने के बहाने पुलिसकर्मियों के पास बैठ गया। मौका मिलते ही उसने तमंचे से तीनों पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में कॉन्स्टेबल कमल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कॉन्स्टेबल चरन सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीसरा पुलिसकर्मी घायल हो गया था। गैंग के अन्य सदस्य पकड़े गए, भूरा का पता नहीं चला घटना के बाद पुलिस ने गैंग के खिलाफ अभियान चलाया। गैंग लीडर रमेश कुशवाह भिंड में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। दूसरा बदमाश नरेंद्र जालौन में हुई कार्रवाई में ढेर हो गया। जबकि 5 अन्य बदमाश गिरफ्तार किए गए। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। लेकिन, भूरा पुलिस के हाथ नहीं लगा। भागकर वह जंगलों में छिपता रहा। फिर वह इटारसी में मजदूरी करने लगा। इसके बाद भोपाल में बिल्डिंग बनाने के काम से जुड़ गया और आखिर में ट्रक ड्राइवर बन गया। नाम बदला, खुद को मृत भी घोषित कराया पुलिस जांच में सामने आया कि भूरा ने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद को मृत घोषित करा दिया था। फिर उसने अपना नाम बदलकर जमील पुत्र फारुख रख लिया। इसके बाद मध्यप्रदेश में ट्रक ड्राइवर बनकर रहने लगा। बकरीद की दावत से पुलिस को मिला क्लू पुलिस के मुताबिक, हाल ही में भूरा का एक पुराना साथी जेल से रिहा हुआ। मई महीने में बकरीद पर भूरा का वही साथी उसके जीजा से मिला। शराब पार्टी के दौरान साथी ने जीजा को बता दिया कि 2 साल पहले भूरा से उसकी बात हुई थी। यह बात खेरागढ़ थाना प्रभारी हरीश कुमार को पता चल गई। फिर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार किया। पहले तो वह पुलिस को बरगलाता रहा, लेकिन सख्ती करने पर उसने सच कबूल दिया। डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने बताया कि भूरा को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। ———————— ये खबर भी पढ़ें लड़की से पूछा- शादी करोगी, मना करते ही गोली मारी:चिल्लाते हुए भागा- किसी और की नहीं होने दूंगा; मेरठ में बीच सड़क वारदात मेरठ में सिरफिरे आशिक ने एकतरफा प्यार में बीच सड़क 24 साल की लड़की को गोली मार दी। गुरुवार रात 11 बजे आरोपी ने सहेली के साथ लड़की को रोका। उससे पूछा- मुझसे शादी कर लो। लड़की ने मना किया तो बंदूक निकाल ली। फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…