बृजभूषण बोले- प्रियंका को बरगलाया गया, तब मेरे खिलाफ उतरीं:मामला सिर्फ गुड-बैड टच का था; संसद में जरूर लौटूंगा

यूपी में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने गुरुवार को शक्ति प्रदर्शन किया। महिला पहलवानों के यौन शोषण आरोप, साजिश और सियासत पर दैनिक भास्कर से खुलकर बात की। उन्होंने कहा- गुड टच-बैड टच जैसे मामले को आंदोलन बना दिया। कनाडा- अमेरिका में पोस्टर लग गए। कुछ लोग पर्दे के पीछे थे। भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने प्रियंका गांधी को बरगलाया, तब वो आंदोलन में शामिल हुईं। मगर अब सब ठीक है। जिस संसद में मुझे घुसने नहीं दिया, अब मैं उसी संसद में लौटकर जाऊंगा। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने आपको बरी किया, क्या कहेंगे? बृजभूषण. यह पूरा प्रकरण ‘गुड टच-बैड टच’ का था। मैंने किसी खिलाड़ी को माला या मेडल पहनाया, उसे छू लिया या कुश्ती जीतने पर गले लगा लिया। बाद में कहा गया कि वे उस दौरान असहज थीं। लेकिन इसे इतना बड़ा आंदोलन बना दिया गया, मानो बहुत बड़ी घटना हो गई हो। कनाडा-अमेरिका तक मेरे खिलाफ पोस्टर वॉर और कैंडल मार्च हुए। प्रियंका गांधी, किसान नेता और यहां तक की कनाडा में बैठे खालिस्तानी भी इसमें शामिल हो गए। इसे जातीय और क्षेत्रीय रंग दिया गया। आप लगातार साजिश की बात कर रहे हैं, आपके मुताबिक इसके पीछे कौन लोग थे? बृजभूषण. इस साजिश में कुछ चेहरे सामने दिख रहे थे और कुछ पर्दे के पीछे थे। नाम लेना हो तो सबसे प्रमुख भूमिका भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा की रही। उन्होंने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी को भी बरगला कर इस आंदोलन से जोड़ा। इसके अलावा कई बड़े वकील, बड़े पूंजीपति और विपक्ष का बड़ा हिस्सा इसमें शामिल था। राजनीति और कुश्ती, क्या इस षड्यंत्र में दोनों छीनने की कोशिश हुई? बृजभूषण. आप ऐसा कह सकते हैं, लेकिन उससे भी बड़ा प्रयास मेरे चरित्र को खत्म करने का था। किसी व्यक्ति की चरित्र हत्या सबसे बड़ा पाप है। आरोप लगाने वाली खिलाड़ी विश्व और ओलंपिक स्तर की थीं, इसलिए पूरी दुनिया में गलत संदेश गया। लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद अब सच्चाई सबके सामने है। क्या अब राजनीति और कुश्ती दोनों में आपकी सक्रिय वापसी होगी? बृजभूषण. मैं कहीं गया ही कहां था? राजनीति से भी नहीं और समाज से भी नहीं। मैंने पहले भी कहा था कि जिस संसद में आने से मुझे रोकने की कोशिश हुई, वहां एक दिन जरूर लौटूंगा। मुझे पूरा विश्वास है कि संसद में मेरी वापसी तय है। अयोध्या में जिस तरह लोग आपके समर्थन में उतरे, उसकी क्या वजह मानते हैं? बृजभूषण. यह एक दिन का समर्थन नहीं है। यह मेरी करीब 50 साल की तपस्या का परिणाम है। 17-18 साल की उम्र से ही मैं जनसमस्याओं के लिए लोगों के बीच काम कर रहा हूं। आज जो सड़कों पर हुजूम दिखा, वह उसी लंबे सामाजिक और राजनीतिक रिश्ते का नतीजा है। आपके मंच पर संतों ने महिलाओं से जुड़े कानूनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया, क्या कहेंगे? बृजभूषण. महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए कानून बेहद जरूरी हैं, लेकिन अगर इनका दुरुपयोग हो रहा है, तो उस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। संतों ने यह विषय उठाया है, अगर समाज में जनसमर्थन बनेगा तो आगे की बात होगी। फिलहाल किसी आंदोलन की योजना नहीं है। विपक्षी दलों और देश में हो रहे आंदोलनों पर आपका क्या नजरिया है? बृजभूषण. विपक्ष का काम जनसमस्याओं को उठाना है। लेकिन कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी ने पिछले 10 सालों में अपने बैनर तले कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया। वे सिर्फ दूसरों के आंदोलनों में शामिल होकर लोगों को बरगलाते हैं, चाहे किसान आंदोलन हो, पहलवानों का मामला हो या हालिया आंदोलन हो। ————- ये पढ़ें – बृजभूषण बोले- मैंने किसी की साड़ी नहीं खींची:धन्यवाद देवियों, जो लांछन लगाकर फेमस कर दिया; 1000 गाड़ियों के साथ शक्ति प्रदर्शन महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण केस में बरी होने के बाद पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे। उन्होंने यहां शक्ति प्रदर्शन किया। खुली जीप में खड़े होकर अयोध्या से गोंडा तक तक रोड शो किया। बृजभूषण के साथ 1000 कार और बाइकों का काफिला चला। 50 किमी के रास्ते में समर्थक उन पर फूल बरसाते रहे। ‘शेर आया… शेर आया’ के नारे लगाते रहे। विधायक बेटे प्रतीक ने गदा लहराई। पढ़िए पूरी खबर…