प्रयागराज में एक महिला ने 6 सुइयां, नुकीले हेयर पिन और कांच की चूड़ियों के टुकड़े खा गई। एक्स-रे और सीटी स्कैन में पेट के अंदर इन चीजों का पता चला। इसके बाद शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में महिला की सर्जरी की गई। सुइयां आंत को छेदकर गुर्दे तक पहुंच गई थीं। डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन कर सुइयों और अन्य नुकीली चीजों को बाहर निकाला। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त आंतों की भी मरम्मत की गई। इसके बाद महिला की हालत में सुधार हुआ। उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थी। इसके चलते उसे पायका (Pica) नाम का दुर्लभ ईटिंग डिसऑर्डर हो गया था। इसमें व्यक्ति खाने की चीजें न होने वाली वस्तुओं को खाने लगता है। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला खागा की रहने वाली विजमा कुमारी (24) पिछले सात महीनों से मानसिक तनाव और परेशानी से जूझ रही थीं। उनके पति बृजेश सूरत में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनका एक साल का बेटा भी है। मानसिक परेशानी के चलते विजमा सुई, पिन, नुकीली चीजें और कांच के टुकड़े निगल रही थीं। इन चीजों से उनकी आंतों में कई जगह छेद हो गए। दो सुइयां आंत को चीरते हुए दाहिनी किडनी तक पहुंच गई थीं। आंत फटने से पेट में गंभीर इन्फेक्शन फैलने लगा था। उनकी हालत काफी नाजुक हो गई। सुई निगलने की बात बताई तो अस्पताल लेकर पहुंचे विजमा के जेठ गुमान सिंह ने बताया कि परिवार ने कई जगह उनका इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। एक दिन काम से लौटने पर उन्होंने विजमा को रोते हुए देखा। कारण पूछने पर उन्होंने सुई निगलने की बात बताई। इसके बाद परिवार तुरंत उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास ले गया। एक्स-रे में हालत गंभीर होने का पता चला। डॉक्टरों ने उन्हें बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार विजमा को प्रयागराज लेकर पहुंचा और नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में भर्ती कराया। सी-आर्म तकनीक से ढाई घंटे चली सर्जरी डॉक्टर राजीव सिंह ने बताया कि पहले स्थानीय स्तर पर महिला का एक्स-रे और फिर सीटी स्कैन कराया गया। इससे पेट में फंसी सुइयों की सही जगह का पता चला। आंतों के अंदर सुइयों को ढूंढना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी। ऑपरेशन के दौरान सी-आर्म मशीन की मदद ली गई। डॉक्टरों की टीम ने करीब ढाई घंटे की सर्जरी के बाद सभी सुइयों को बाहर निकाल लिया। सुइयों से क्षतिग्रस्त आंतों की भी मरम्मत की गई है। सर्जरी के बाद महिला की हालत में सुधार है। उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। क्या है ‘पायका’ (Pica) डिसऑर्डर? डॉक्टरों के मुताबिक, पायका एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर है। इसमें व्यक्ति ऐसी चीजें खाने या निगलने लगता है, जो खाने की चीजें नहीं होतीं। इनमें मिट्टी, चॉक, कागज, बाल, सुई, पिन और कांच जैसी चीजें शामिल हैं। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है। ज्यादा मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक परेशानी और OCD इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। शरीर में आयरन, जिंक या अन्य पोषक तत्वों की कमी भी इस तरह की आदत को बढ़ावा दे सकती है। पायका में व्यक्ति को इन चीजों को खाने की इच्छा बार-बार हो सकती है। अगर समय पर इलाज न मिले तो ऐसी चीजें शरीर के अंदर जाकर आंत या दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। डॉक्टर बोले- असामान्य चीजें खाने की आदत को नजरअंदाज न करें डॉक्टर राजीव सिंह ने बताया कि अगर परिवार में कोई व्यक्ति ज्यादा मानसिक तनाव में है। उसके खान-पान की आदत में असामान्य बदलाव दिख रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति खाने की चीजों के बजाय दूसरी चीजें खाने या निगलने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच, काउंसलिंग और इलाज से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ेंः- पिता बोले- पत्नी की बेवफाई से परेशान था बेटा:फतेहपुर में 5 लोगों पर तलवार से किया था हमला, भीड़ ने पीटकर मार डाला ‘बेटा घबराया हुआ घर आया था। बड़बड़ा रहा था कि अब सब सही गया है। मैंने हाथ जोड़कर पूछा कि बेटा क्या हुआ है, लेकिन उसने नहीं बताया। 15 मिनट बाद ही चला गया। उसे औरत का दुख था, बार-बार बच्चों को भी फोन करता था, लेकिन कोई बात नहीं करता था। उसे यही तकलीफ थी कि जिन्हें जिंदगी भर खिलाया वो आज बाहर भाग रहे हैं।’ पढ़िए रिपोर्ट…