बसपा सुप्रीमो मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाने का ऐलान किया है। बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में उन्होंने कहा- ईशान राजाराम और रामजी गौतम की देखरेख में आगे बढ़ेंगे। उनसे मार्गदर्शन लेंगे। जरूरत पड़ने पर अपने पिता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार का भी मार्गदर्शन लेंगे। नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद इससे पहले बड़े भतीजे आकाश के पास था। मायावती ने 9 सितंबर को आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया था। आकाश को सभी राज्यों की समीक्षा का अधिकार था। हालांकि, ईशान को अभी यह अधिकार नहीं दिया है। यूपी चुनाव से पहले मायावती एक्शन में हैं। बुधवार को 20 दिन बाद ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई थी। बसपा ऑफिस में मायावती ठीक सुबह 11 बजे पहुंचीं। उनके साथ छोटे भाई आनंद कुमार और छोटे भतीजे ईशान आंनद भी साथ आए। मायावती सीधे अपनी चेयर तक पहुंचीं। वहां ईशान आनंद हाथ बांधकर काफी देर तक खड़े रहे। इसके बाद मायावती ने उनकी पीठ पर हाथ रखा तो उन्होंने बसपा सुप्रीमो के पैर छूए। मीटिंग में दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश सिंह भी पहुंचे। इसके अलावा बसपा के 400 पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। राज्यों से प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, जबकि यूपी-उत्तराखंड से जिला अध्यक्ष और मंडल कोऑर्डिनेटर भी मीटिंग में शामिल हुए। बैठक की 3 तस्वीरें- बार-बार फैसले बदलने से बढ़ीं मायावती की मुश्किलें इससे पहले, बसपा प्रमुख मायावती परिवारवाद के भंवर में फंसी दिख रही है। 3 सितंबर को उन्होंने अचानक अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बना दिया। आकाश आनंद के सारे पद छीन लिए। 4 दिन बाद मायावती ने एक बयान जारी करके बताया कि आकाश को आजाद कर दिया गया है, क्योंकि वे अपने ससुर के प्रभाव में फैसले ले रहे हैं। 12 सितंबर को मायावती ने अचानक एक और चौंकाने वाला फैसला लिया। कहा कि कांशीराम की तरह वो भी परिवार के लोगों को पार्टी में कोई अहम जिम्मेदारी नहीं देंगी। फिर कहा कि अब भविष्य में आकाश या ईशान दोनों को पार्टी में कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। छोटे भाई आनंद पर कहा कि जरूरत पड़ी तो वे अपनी बेटी दीपिका की मदद ले सकते हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो मायावती के इस प्लान पर खुद दीपिका ने पलीता लगा दिया। लंदन से वकालत पढ़ रही दीपिका अपनी भाभी प्रज्ञा के साथ ही रहती हैं। उन्होंने भाई आकाश के साथ बुआ के बार-बार लिए गए फैसले पर नाराजगी जताई। खुद राजनीति में आने की अनिच्छा जाहिर की। इसके बाद 21 सितंबर को मायावती ने ‘X’ पर नया पोस्ट किया। लिखा कि आकाश की बहन दीपिक को अब पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। कारण लिखा कि कल को उसकी शादी हुई तो उसके निर्णय पर उसके पति का प्रभाव होगा। फिर उन्होंने लिखा कि ऐसे में छोटे भाई आनंद के छोटे बेटे ईशान को ही जिम्मेदारी दूंगी। आकाश को हटाने के बाद ईशान का नाम क्यों उभरा? आकाश के लिए दूसरे दलों के दरवाजे खुले आकाश आनंद को BSP से अलग किए जाने के बाद दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी उन्हें अपने साथ लाने के संकेत दिए गए हैं। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने आकाश से मुख्यधारा में आने की अपील की। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी कहा कि यदि आकाश उनकी पार्टी में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। कांग्रेस की ओर से भी आकाश को पार्टी में आने का न्यौता दिया गया। हालांकि, इन अपीलों के बावजूद आकाश ने किसी दूसरे दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की। ———————– ये खबर भी पढ़िए- मायावती फिर पलटीं, बोलीं- भतीजी को पार्टी नहीं सौंपूंगी:आकाश की तरह शादी के बाद बदल सकती है, ईशान को आगे बढ़ाऊंगी बसपा सुप्रीमो मायावती के परिवार में सियासी कलह बढ़ती जा रही है। वह फिर अपने बयान से पलट गई हैं। अब भतीजी दीपिका आनंद को भी पार्टी की जिम्मेदारी सौंपने से इनकार कर दिया है। साथ ही आकाश के छोटे भाई ईशान को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़िए