यूपी में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार सुबह से ही लखनऊ, बरेली समेत 25 शहरों में बादल छाए हैं। हल्की ठंडी हवाओं की वजह से गर्मी से राहत है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। कहीं-कहीं बिजली गिरने का भी अलर्ट है। नेपाल और पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की वजह से बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान (106.07 मी.) के करीब पहुंच गई है। गुरुवार दोपहर 12 बजे जलस्तर 105.36 मी. रिकॉर्ड किया गया। बढ़ते जलस्तर की वजह से किनारों पर कटान शुरू हो गया है। 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बलिया में घाघरा नदी के किनारों पर कटान शुरू हो गया है। बांसडीह में लोग अपने पक्के मकान तोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रहे हैं। अब तक 150 परिवार घर छोड़ चुके हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां डूब गईं। मथुरा में यमुना नदी उफान पर है। प्रयागराज में गंगा-यमुना का पानी घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है। बारिश की वजह से हादसों में 2 की मौत इससे पहले, गुरुवार को लखनऊ समेत 25 जिलों बारिश हुई। लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा 22.5 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। झांसी की टहरौली में लोग तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करते दिखे। कानपुर में तेज आंधी से पेड़ गिर गया। इसके नीचे दबकर HAL सुपरवाइजर की मौत हो गई। देवरिया में बिजली गिरने से 18 साल की युवती की जान चली गई गई। लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से पूर्वी यूपी में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। 24 घंटे में यह पश्चिमी यूपी को भी कवर कर लेगा। फिर मानसून और जोर पकड़ेगा। ऐसे में अगले 7 दिन पूरे प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। यूपी के मौसम के पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…