राम मंदिर CEO के लिए 16 कैंडिडेट्स के इंटरव्यू हुए:सवाल पूछे- शिखा रखते हैं; अब 3 नाम शॉर्टलिस्ट होंगे, ट्रस्ट एक नाम पर फैसला लेगा

अयोध्या राम मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद के लिए इंटरव्यू बुधवार को पूरे हो गए हैं। दूसरे दिन बुधवार को इंटरव्यू के लिए 11 कैंडिडेट बुलाए गए थे। राम मंदिर परिसर के ग्रीन हाउस में सुबह 11:30 बजे से शाम 6 बजे तक सवाल पूछे गए। बिहार के DIG प्रवेश सक्सेना ने भी इंटरव्यू दिया है। सूत्रों के मुताबिक, हर कैंडिडेट का इंटरव्यू 40 से 50 मिनट तक चला। उनसे प्रशासनिक अनुभव, जिम्मेदारियों, धार्मिक क्षेत्र में काम और भगवान राम के प्रति आस्था से जुड़े सवाल पूछे गए। सूत्रों के मुताबिक, क्या आप शिखा रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं, शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी, शराब पीते हैं या नहीं और कट्टर हिंदू हैं या सामान्य आस्थावान? जैसे सवाल पूछे गए। यह भी पूछा गया कि वे हिंदू धार्मिक परंपराओं के मुताबिक पहनावा रखने में सहज हैं या नहीं। इससे पहले मंगलवार को 5 कैंडिडेट के इंटरव्यू हुए थे। अब कमेटी इनमें से 3 नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी। फिर इन तीनों का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इंटरव्यू लेगा और आखिर में एक नाम फाइनल करेगा। CEO पद के लिए 5,300 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 16 लोगों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी इंटरव्यू पैनल में शामिल रहे। पहले दिन 8 लोगों बुलाया, सिर्फ 5 के इंटरव्यू हुए पहले दिन मंगलवार को 8 पूर्व अफसरों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इनमें 3 पूर्व IAS, एक IPS और 4 पूर्व सैन्य अफसर शामिल थे। हालांकि, सिर्फ 5 लोगों का इंटरव्यू हुआ था। इनमें यूपी पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व IPS राजेश पांडेय और जौनपुर के पूर्व डीएम दिनेश चंद्र शामिल थे। इनके अलावा सेना से रिटायर्ड बबिता सिंह और अयोध्या में सीओ के पद से रिटायर्ड प्रमोद कांत मिश्रा का भी इंटरव्यू लिया गया था। जिन तीन लोगों का इंटरव्यू नहीं हो पाया था, उन्हें आज बुधवार को बुलाया गया था। 5,585 लोगों ने किया आवेदन, 34 सवालों से हुई स्क्रूटनी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने CEO पद के लिए 13 से 18 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। आवेदकों से ऑनलाइन गूगल फॉर्म के जरिए 34 सवालों के जवाब मांगे गए थे। इन्हीं के आधार पर टीम ने 5,585 आवेदनों की स्क्रूटनी की। इनमें से 1,580 आवेदनों की जांच के बाद करीब 111 लोगों के ऑनलाइन इंटरव्यू हुए। इसके बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। आवेदकों के लिए ये प्रमुख शर्तें रखी गईं आवेदकों से पूछा- क्या पहले किसी मठ या मंदिर से जुड़े रहे? गूगल फार्म में आवेदकों से नाम, जन्मतिथि, उम्र, पता, शहर, राज्य, पिन कोड, मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसी व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई थी। हिंदी और अंग्रेजी भाषा की समझ से जुड़े सवाल भी थे। आवेदक की शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान नौकरी या रिटायरमेंट और पिछली संस्था की जानकारी भी मांगी गई थी। वह कितने कर्मचारियों का नेतृत्व कर चुका है, यह भी पूछा गया। इसके लिए 1,000 से 5,000 और इससे ज्यादा कर्मचारियों के विकल्प दिए गए थे। आवेदक से यह भी पूछा गया कि क्या वह पहले किसी सामाजिक या धार्मिक संगठन, मठ या मंदिर से जुड़ा रहा है? अगर हां, तो कितने साल तक जुड़ा रहा, इसकी जानकारी भी मांगी गई। इसके अलावा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए उसका विजन, कार्ययोजना और सुझाव भी मांगा गया था। —————————— ये खबर भी पढ़ें- एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व IPS राममंदिर CEO का इंटरव्यू देने पहुंचे:पूर्व अयोध्या डीएम, आर्मी अफसर भी रेस में; 3 नाम सेलेक्ट होंगे
अयोध्या राम मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के लिए मंगलवार को 8 पूर्व अफसरों ने इंटरव्यू दिए। इनमें 3 पूर्व IAS, एक IPS और 4 पूर्व सैन्य अफसर शामिल हैं। यूपी पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व IPS राजेश पांडेय और जौनपुर के पूर्व डीएम दिनेश चंद्र ने भी इंटरव्यू दिया। पढ़ें पूरी खबर….