लखनऊ में बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गोमती नदी का पानी 9वें दिन भी बढ़ रहा है। बुधवार को पुराने लखनऊ के फैजुल्लागंज के बाद बाढ़ गोमती नगर एक्सटेंशन तक पहुंच गई। फीनिक्स प्लासियो मॉल के तीनों तरफ घुटनों तक पानी भर गया है। इकाना स्टेडियम से प्लासियो की ओर जाने वाली सड़क डूब गई है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) की इमारत भी पानी से घिर गई है। बाढ़ से 20 साल बाद लेटे हनुमान मंदिर का गर्भगृह बंद करना पड़ा है। फैजुल्लागंज में 40 हजार घरों में 5-6 फीट तक पानी भरा है। 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। कई परिवार घरों में ताला लगाकर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं। बैकुंठ धाम भी पूरी तरह जलमग्न है। यहां शव रखने वाले चबूतरे पानी में डूब गए हैं। लोगों का कहना है कि हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के बावजूद कोई मदद नहीं मिल रही है। राहत के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पोकलेन और जेसीबी मशीनें लगाई हैं। टीम नदी किनारे के इलाकों का जायजा ले रही है। पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी में हुई बारिश के बाद गोमती में पानी बढ़ा है। इटौंजा, फैजुल्लागंज और जेहटा में भी बाढ़ का असर बना हुआ है। पहले 8 अक्टूबर तक राहत की उम्मीद थी, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। लखनऊ में बाढ़ पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा के लोग जानबूझकर पानी ला रहे हैं और बाढ़ की स्थिति बना रहे हैं। वे जानते हैं कि बैराज कहां पर है, बैराज कब खोलना है और बैराज से पानी कैसे निकालना है। ये लोग इंजीनियर्स की सलाह नहीं लेते हैं, बल्कि वे खुद इंजीनियर बन जाते हैं। तीखी धूप में बाढ़, कहां से आया लखनऊ में इतना पानी