वाराणसी से स्लीपर वंदेभारत शुरू, 9 घंटे में दिल्ली पहुंचेगी:प्रयागराज-कानपुर समेत 4 स्टेशनों पर रुकेगी; योगी ने रेलमंत्री के साथ अंदर से देखी

सीएम योगी और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी से वंदेभारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है, जो काशी से दिल्ली के बीच दौड़ेगी। दोनों शहरों के बीच का सफर करीब 9 घंटे में पूरा होगा। ट्रेन प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी। वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को नहीं चलेगी। पूरी तरह एसी इस ट्रेन में 16 कोच हैं। इसमें 823 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में फर्स्ट एसी का 1, सेकेंड एसी के 4 और थर्ड एसी के 11 कोच हैं। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले सीएम योगी और रेल मंत्री ने इसका निरीक्षण किया। दोनों ने लोको पायलट से बातचीत की। इस दौरान रेल मंत्री ने सीएम योगी को ट्रेन की खूबियां भी बताईं। इसके बाद दोनों कोच में मौजूद स्कूली बच्चों से मिले। एक छात्र ने ‘बनारस विकसित भारत’ थीम पर बनाई पेंटिंग दिखाई, जिसकी दोनों ने सराहना की।
रेल मंत्री ने कहा- वंदे भारत स्लीपर में यात्रियों के साथ क्रू मेंबर्स की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। ट्रेन में क्रू के लिए अलग केबिन और टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। रेल मंत्री ने बताया कि नई दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन भी चलाई जाएगी। यह ट्रेन एक घंटे में नई दिल्ली से आगरा और 3 घंटे 30 मिनट में वाराणसी पहुंच जाएगी। सीएम योगी ने कहा- पहले वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में 13-14 घंटे लगते थे। अब वंदे भारत स्लीपर से यह सफर 8-9 घंटे में पूरा होगा। बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद काशी से दिल्ली की दूरी साढ़े तीन घंटे में तय होगी। सीएम ने बनारस से राजातालाब और बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच मेमू ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पीएम मोदी ने 17 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई थी।