नॉर्दन रीजन के कृषि सम्मेलन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- पिछले कुछ सालों में यूपी की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। किसानों की मेहनत और सही नीतियों की वजह से आज यूपी कई फसलों के उत्पादन में देश में नंबर वन है। लखनऊ में 24 अप्रैल को हुए कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। कार्यक्रम में 9 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के कृषि वैज्ञानिक, कृषक उत्पादक संगठन और प्रगतिशील किसान भी शामिल हुए। लैब की तकनीक अब सीधे खेतों तक पहुंची मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नीतियां सिर्फ कागजों और दफ्तरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब ‘लैब टू लैंड’ यानी प्रयोगशाला की तकनीक को सीधे खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2017 में प्रदेश में सिर्फ 69 कृषि विज्ञान केंद्र थे, जिनमें से ज्यादातर बंद होने वाले थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 89 हो गई है। ये केंद्र अब ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में काम कर रहे हैं, जहाँ वैज्ञानिक खुद किसानों के पास जाकर उन्हें नई तकनीकों और बीजों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। धान और आलू उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि यूपी में इस समय 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन धान और 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि वाराणसी के इंटरनेशनल राइस रिसर्च सेंटर की मदद से अब प्रदेश के कुछ इलाकों में धान की पैदावार प्रति हेक्टेयर 100 क्विंटल तक पहुंच गई है, जो पहले बहुत कम थी। साथ ही आगरा में जल्द शुरू होने वाले इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर से आलू किसानों को अपनी फसल का और भी बेहतर दाम मिलेगा। आर्थिक मजबूती के लिए वैल्यू एडिशन पर फोकस मुख्यमंत्री ने खेती को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उसे बाजार और उद्योग से जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि का हिस्सा फिर से बढ़ाने के लिए सरकार अब ‘वैल्यू एडिशन’ यानी उत्पादों के प्रसंस्करण पर जोर दे रही है। इससे न केवल फसल की बर्बादी रुकेगी, बल्कि किसानों को उनके उत्पाद का कई गुना अधिक मूल्य मिलेगा। सरकार का लक्ष्य मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चर के बीच एक मजबूत तालमेल बिठाना है, ताकि ग्रामीण इलाकों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें और किसान एक उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना सके। किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘रोड मैप’ जरूरी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम की तारीफ करते हुए कहा कि यूपी ने विकास का नया इतिहास रचा है। उन्होंने जोर दिया कि हर राज्य को अपनी जलवायु और मिट्टी के हिसाब से खेती का एक ‘रोड मैप’ तैयार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि देश में अब ‘फार्मर आईडी’ बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और आसानी से मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने भी भरोसा जताया कि इस तरह के सम्मेलनों से निकलने वाले सुझाव किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएंगे। हर किसान की होगी अपनी डिजिटल पहचान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में ‘फार्मर आईडी’ की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर के किसानों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान बनाने पर तेजी से काम कर रही है, जिससे उन्हें बार-बार कागजी कार्यवाही के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस आईडी के जरिए खाद, बीज और सब्सिडी जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा। उन्होंने यूपी की उर्वरा भूमि और यहां के मेहनती किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य का माटी और जलवायु पूरे देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है, इसलिए हर जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार एक ठोस ‘एग्रीकल्चर रोड मैप’ बनाकर काम करना समय की मांग है।