यूपी के एटा में 8 साल के बच्चे ने अपनी मां का पोस्टमॉर्टम कराया। वह लाश के पास बैठा काफी देर तक बिलखता रहा। कभी वह कफन में लिपटी मां की लाश को देखता तो कभी अपने आंसू पोछता। यह देख पुलिसवालों और पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद लोगों का भी दिल भर आया। एक व्यक्ति ने बच्चे को सहारा दिया। कंधे पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया। एचआईवी (एड्स) से संक्रमित रहे पिता की एक साल पहले मौत हो चुकी है। अब मां ने भी उसी बीमारी से दम तोड़ दिया। मां-पिता की मौत के बाद बेटा ही घर में बचा है। लाश को कंधा देने वाला कोई नहीं था। 17 घंटे बाद कुछ रिश्तेदार पहुंचे। तब पंचनामा के लिए गवाहों का इंतजाम हो सका। एक इंस्पेक्टर ने मृत महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई है। बच्चे ने अपने परिवार (पट्टीदार) के लोगों से ही अपनी जान को खतरा बताया है। उसने कहा- परिवार वाले मेरी जमीन हड़पना चाहते हैं। मुझे जान का खतरा है। फोटो देखिए… अब विस्तार से पढ़ते हैं… मामला जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का है। 45 साल की एक महिला घर में 8 साल के बेटे और 13 साल की बेटी के साथ रहती थी। एक साल पहले पति की HIV से मौत हो गई थी। तभी से महिला भी बीमार थी। 8 दिनों से महिला का वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। 14 जनवरी की रात 10 बजे उसने दम तोड़ दिया। मां की मौत के बाद आठ साल का बेटा सुबह 7 बजे मां का शव लेकर पोस्टमॉर्टम कराने अकेला ही जिला मुख्यालय पहुंचा। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं मां की लाश के सामने बैठा रोता रहा मासूम
पोस्टमॉर्टम हाउस में फर्श पर मां की लाश रखकर बैठा रहा। फफक-फफक कर रोता रहा। पुलिस पंचनामा कराने का इंतजार करती रही। पंचनामा भरने के लिए पांच लोग भी नहीं मिले। हालांकि, मौत की सूचना मिलने के बाद दोपहर 3 बजे कुछ रिश्तेदार वहां पहुंचे। जिसके बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। परिवार से जान का खतरा बताया
बच्चे ने कहा- परिवार का कोई भी सदस्य उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया है। सभी उसकी 5 बीघा प्रॉपर्टी के पीछे पड़े हैं। उसे अपने परिवार से जान का खतरा है। दिल्ली तक मां का अकेले इलाज कराया
बेटे ने बताया- जब से उसकी मां बीमार हुई थी, तब से वह अकेले ही अपनी मां का इलाज करवा रहा था। उसने फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल, कानपुर के हैलट अस्पताल और दिल्ली तक अपनी मां को इलाज के लिए ले जाकर दिखाया। करीब आठ दिनों से मां की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी, जिसके बाद वह एटा स्थित वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। बीमार मां की किसी ने सुध नहीं ली
आखिरकार इलाज के दौरान मां ने दम तोड़ दिया। बेटे का कहना है कि मां के बीमार होने की जानकारी होने के बावजूद किसी भी नाते-रिश्तेदार ने सुध नहीं ली। अब जब मां की मौत की सूचना मिली, तब परिवार के चाचा सहित अन्य लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए राजस्व कर्मी भेजे गए हैं, प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने मृत महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली है।
————– यह खबर भी पढ़िए:- नामर्द नहीं चाहिए…पति ने सुसराल की चौखट पर जान दी:पत्नी ने दरवाजा बंद किया, कानपुर में ढाई साल पहले लव-मैरिज की थी कानपुर में एक युवक ने ससुराल की चौखट के बाहर जहर खाकर जान दे दी। वह पत्नी को मनाने पहुंचा था, लेकिन पत्नी ने उसके मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया। पति काफी देर तक दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन नहीं खुला। फिर बुधवार दोपहर 3:40 बजे उसने पत्नी को आखिरी कॉल की, लेकिन उसने कॉल नहीं उठाई। इसके बाद पति अपने ऑटो में बैठा और जहर खा लिया। फिर ऑटो से ही अपने घर पहुंचा। वहां उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। घरवालों ने उसे कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से हैलट रेफर कर दिया गया। बुधवार देर रात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला चकेरी थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
पोस्टमॉर्टम हाउस में फर्श पर मां की लाश रखकर बैठा रहा। फफक-फफक कर रोता रहा। पुलिस पंचनामा कराने का इंतजार करती रही। पंचनामा भरने के लिए पांच लोग भी नहीं मिले। हालांकि, मौत की सूचना मिलने के बाद दोपहर 3 बजे कुछ रिश्तेदार वहां पहुंचे। जिसके बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। परिवार से जान का खतरा बताया
बच्चे ने कहा- परिवार का कोई भी सदस्य उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया है। सभी उसकी 5 बीघा प्रॉपर्टी के पीछे पड़े हैं। उसे अपने परिवार से जान का खतरा है। दिल्ली तक मां का अकेले इलाज कराया
बेटे ने बताया- जब से उसकी मां बीमार हुई थी, तब से वह अकेले ही अपनी मां का इलाज करवा रहा था। उसने फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल, कानपुर के हैलट अस्पताल और दिल्ली तक अपनी मां को इलाज के लिए ले जाकर दिखाया। करीब आठ दिनों से मां की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी, जिसके बाद वह एटा स्थित वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। बीमार मां की किसी ने सुध नहीं ली
आखिरकार इलाज के दौरान मां ने दम तोड़ दिया। बेटे का कहना है कि मां के बीमार होने की जानकारी होने के बावजूद किसी भी नाते-रिश्तेदार ने सुध नहीं ली। अब जब मां की मौत की सूचना मिली, तब परिवार के चाचा सहित अन्य लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए राजस्व कर्मी भेजे गए हैं, प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने मृत महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली है।
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