बरेली में कुत्तों के झुंड ने 4 साल के मासूम को नोच-नोच कर मार डाला। कुत्तों ने पहले बच्चे का पेट फाड़ा। फिर सीने से मांस तक नोच ले गए। बच्चे के हाथ-पैर पर गहरे जख्म हो गए। उसकी रोने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। गांव वालों ने कुत्तों को भगाया। बच्चे को इलाज के लिए लेकर भागे, मगर तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। बच्चा खेलते-खेलते अकेले ही घर से करीब 500 मीटर दूर खेत पर चला गया था। घटना शाही थाना क्षेत्र के सुकली गांव की है। किसान बेटे को लेकर रोज खेत पर जाते थे सुकली गांव के रहने वाले खुर्शीद किसान हैं। वह हर रोज अपने 4 साल के बेटे अर्श को लेकर खेत पर चारा लेने जाते थे। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे उनका बेटा अर्श खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गया। वह अकेले ही खेत तक पहुंच गया। यहां बच्चे को कुत्तों के एक झुंड ने घेर लिया। उस पर हमला कर दिया। अर्श कुत्तों से घबराकर जैसे ही जमीन पर गिरा। कुत्ते उस पर टूट पड़े। उसका पेट फाड़ दिया। उसके सीने का मांस तक नोच डाला। इधर, बच्चे को घर में न देखकर खुर्शीद और परिवार वालों ने उसे खोजना शुरू किया। घर के आस-पास हर जगह देखा, मगर वह कहीं नहीं मिला। इधर, बच्चे की चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। बच्चे की चीख सुनकर खेत पर पहुंचे लोग गांव वालों ने कुत्तों को भगाया। उनका शोर सुनकर खुर्शीद और गांव के बाकी लोग भी मौके पर पहुंचे। बेटे को देख खुर्शीद घबराकर वहीं गिर पड़े। उन्होंने लहूलुहान हालत में अर्श को गोद में उठाया। उसे इलाज के लिए लेकर भागे। लेकिन तब तक अर्श की सांसें थम चुकी थीं। गांव वालों ने बताया कि करीब 4 कुत्तों ने अर्श को घेर रखा था। वह उसे नोच रहे थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन परिजनों ने बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। बच्चे के पिता खुर्शीद ने पुलिस से कहा कि मैं इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहता। मुर्गी फार्म की वजह से आते हैं कुत्ते पिता ने बताया कि अर्श के पेट और सीने से मांस गायब था। उसके चेहरे, हाथ-पैर पर कुत्तों के नाखून और दातों के गहरे जख्म थे। वहीं, किसानों का कहना है कि गांव के बाहर एक मुर्गी फार्म है। यहां पर मृत चूजे खुले में फेंके जाते हैं, जिन्हें खाकर कुत्ते आक्रामक हो गए हैं। कुत्ते पहले भी कई बार गांव वालों पर अटैक कर चुके हैं। थानाध्यक्ष राजेश बैसला ने बताया कि परिजनों ने मामले में कोई शिकायत नहीं दी है। जब उनसे बच्चे के पोस्टमॉर्टम के लिए कहा गया तो उन लोगों ने मना कर दिया। लखनऊ में कुत्तों ने 8 साल की बच्ची को मार डाला था लखनऊ के रहीमाबाद के तरौना गांव के रहने वाले दिलीप कश्यप किसान हैं। उनकी 8 साल की बेटी अंशिका रविवार को घर से अकेली निकल गई। तभी आवारा कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया। उसे नोच-नोचकर मार डाला। अंशिका का खून से लथपथ शव घर से करीब 500 मीटर दूर खेत में मिला। बच्ची का चेहरा पूरी तरह से नोचा हुआ था। जगह-जगह से मांस के लोथड़े लटक रहे थे। महिलाएं शाम को खेतों की ओर गईं। तो खेत में शव पड़ा देखा। महिलाएं डर गईं और गांव में आकर लोगों को यह बात बताई। सूचना पर गांववाले लाठी-डंडे लेकर खेत पहुंचे। गांव वालों ने देखा कि खेत में अंशिका का खून से लथपथ शव पड़ा था। अंशिका माता-पिता के 3 बच्चों में सबसे छोटी थी। पिता दिलीप कश्यप ने बताया कि अंशिका शाम को घर से निकली थी। कुछ देर बाद उसकी मौत की सूचना मिली। मां सोनी शव देखकर बेहोश हो गईं। ……………… ये खबर भी पढ़िए- देश में सबसे ज्यादा कुत्ते यूपी में:हर साल 2 लाख लोगों को काटते हैं, गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं हमले?
प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में कुत्तों का आतंक है। लखनऊ समेत बाराबंकी, बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, बांदा जैसे शहरों से हाल में कुत्तों के हमलों के मामले सामने आए हैं। ताजा मामला बांदा का है, जहां 11 अप्रैल को आवारा कुत्तों ने दो मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। बच्चों का जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। उनकी हालत गंभीर है। आवारा कुत्तों के हमले क्यों बढ़ रहे हैं? कितने लोगों की मौत हुई है। हमले रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
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