झांसी में डॉक्टर के बेटे की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली है। उसके सिर के चिथड़े उड़ गए, आंख तक बाहर आ गई। आशंका है कि वह ट्रेन की चपेट में आया है। डॉ. सुमित मिसुरिया बबीना CHC के अधीक्षक हैं। उनका 19 साल का इकलौता बेटा संचय मिसुरिया सोनीपत स्थित जिंदल कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रहा था। शव के पास मिले आधार कार्ड को लेकर पुलिस उनके घर पहुंची। पिता से जब बेटे के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा- मेरा बेटा दिल्ली में है। उससे शनिवार को बात हुई थी। वह मामा के घर दिल्ली जाने की बात कहकर हॉस्टल से निकला था। मगर दोबारा फोन करके बताया कि कुछ असाइनमेंट है। इस वजह से रविवार को जाएंगे। पुलिस ने डॉक्टर सुमित मिसुरिया को बेटे की मौत की जानकारी दी। खबर सुनते ही वह बेसुध हो गए। ऐसे में अब वह झांसी कैसे और क्यों आया? ये पता नहीं चल रहा है। घर से करीब 1.5 किलोमीटर दूर उसकी लाश मिली है। मामला रविवार का सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के उनाव रोड स्थित सुदर्शन गार्डन के पास का है। घटना की 3 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… होली पर घर आया था बेटा
डॉ. सुमित मिसुरिया अपने परिवार के साथ सिद्धेश्वर मंदिर के आगे पीताम्बरा एनक्लेव में रहते हैं। डॉ. सुमित बबीना सीएचसी में अधीक्षक पद पर तैनात हैं। संचय (19) उनका इकलौता बेटा था। उससे छोटी एक बेटी सैर्या (15) है। डॉ. सुमित ने बताया- मेरा बेटा संचय हरियाणा के सोनीपत स्थित जिंदल कॉलेज में एलएलबी फस्ट ईयर का स्टूडेंट था। वह कॉलेज कैंपस में बने हॉस्टल में रहता था। शनिवार शाम को बेटे ने मामा के घर दिल्ली जाने के लिए गेटपास बनवाया था। थोड़ी देर बाद वापस कॉल आया और कहने लगा कि कुछ असाइनमेंट रह गया, इसलिए अभी नहीं जा रहा हूं। कल रविवार को जाऊंगा। हम लोगों को लगा कि वो हॉस्टल में ही है। आधार कार्ड लेकर घर पहुंची पुलिस
पिता ने आगे बताया- आज सुबह पुलिस को मेरे घर से लगभग डेढ़ किलाेमीटर दूर रेलवे ट्रेक पर बेटे का शव मिला। उसके पास आधार कार्ड मिला। जिसे लेकर पुलिस घर पर आई तो मैंने कह दिया कि मेरा बेटा तो दिल्ली में है। जब शव मिलने की खबर मिली तो शक हुआ। मैंने अपने बेटे के नंबर पर कॉल लगाया। तब किसी पुलिसकर्मी ने कॉल उठाई और घटना की जानकारी दी। तब हम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। वहां मेरे बेटे का शव पड़ा था। ये पता नहीं कि बेटा बिना बताए यहां कैसे पहुंचा? मुझे मामला डाउटफुल लग रहा है। अब पुलिस जांच करेगी। कॉल डिटेल निकाली जाए। वो किसी तरह के दबाव में रहा होगा। दिल्ली से झांसी क्यों आया, किन परिस्थितियों में आया? ये जांच होनी चाहिए। पढ़ने में बहुत होशियार था
पिता ने आगे बताया- मेरा बेटा संचय पढ़ने में बहुत ही होशियार था। उसकी मौत डाउनफुल लग रही है। क्योंकि वह बिना बताए झांसी क्यों आया। शव भी झांसी-दिल्ली ट्रैक पर न मिलकर झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैन पर मिला। चोट भी सिर्फ सिर में आई है। इसलिए जांच होनी चाहिए। संचय की मौत की खबर सुनकर मां अर्चना रो-राेकर बेसुध हो गई। बहन सैर्या, पिता डॉ. सुमित और दादा डॉ. प्रमोद मिसुरिया का रो रोकर बुरा हाल है। दादा डॉ. प्रमोद मिसुरिया भी बड़ागांव में क्लीनिक चलाते हैं। मां अर्चना हाउसवाइफ हैं। सूचना पर सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय समेत झांसी के तमाम डॉक्टर और परिचित के लोग घर पहुंच गए। पुलिस जांच में मौत के कारणों का पता चलेगा
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया- आज सुबह बबीना सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुमित मिसुरिया का बेटा रेलवे ट्रेक पर गिरा हुआ मिला है। वह लॉ की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने डॉ. मिसुरिया को सूचना दी तो घटना का पता चला। अभी पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। इसके बाद ही मौत के असल कारणों का पता चलेगा। मौत कैसे हुई, ये पुलिस जांच में ही पता चलेगा। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे का कहना है कि ट्रेन की चपेट में आने से संचय मिसुरियों की मौत हुई है। वह किन परिस्थितियों में चपेट में आया, इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद मौत के कारण स्पष्ट हो जाएंगे। —————————— ये भी पढ़ें: कुत्ता काटने के 4 महीने बाद भौंकने लगा लड़का, VIDEO:मिर्जापुर में जादू-टोना समझ मंदिर ले गए पिता, लोगों ने अस्पताल पहुंचाया मिर्जापुर में कुत्ता काटने के 4 महीने बाद 17 साल का लड़का भौंकने लगा। परिवार को लगा कि किसी ने जादू-टोना कर दिया है। वे लोग 14 मार्च (शनिवार) की शाम बच्चे को लेकर मंदिर के पुजारी के पास पहुंच गए। भीड़ देखते ही लड़का जोर-जोर से भौंकने लगा और भूत-भूत चिल्लाने लगा। उसके मुंह से लार टपकने लगी। (पढ़ें पूरी खबर)
डॉ. सुमित मिसुरिया अपने परिवार के साथ सिद्धेश्वर मंदिर के आगे पीताम्बरा एनक्लेव में रहते हैं। डॉ. सुमित बबीना सीएचसी में अधीक्षक पद पर तैनात हैं। संचय (19) उनका इकलौता बेटा था। उससे छोटी एक बेटी सैर्या (15) है। डॉ. सुमित ने बताया- मेरा बेटा संचय हरियाणा के सोनीपत स्थित जिंदल कॉलेज में एलएलबी फस्ट ईयर का स्टूडेंट था। वह कॉलेज कैंपस में बने हॉस्टल में रहता था। शनिवार शाम को बेटे ने मामा के घर दिल्ली जाने के लिए गेटपास बनवाया था। थोड़ी देर बाद वापस कॉल आया और कहने लगा कि कुछ असाइनमेंट रह गया, इसलिए अभी नहीं जा रहा हूं। कल रविवार को जाऊंगा। हम लोगों को लगा कि वो हॉस्टल में ही है। आधार कार्ड लेकर घर पहुंची पुलिस
पिता ने आगे बताया- आज सुबह पुलिस को मेरे घर से लगभग डेढ़ किलाेमीटर दूर रेलवे ट्रेक पर बेटे का शव मिला। उसके पास आधार कार्ड मिला। जिसे लेकर पुलिस घर पर आई तो मैंने कह दिया कि मेरा बेटा तो दिल्ली में है। जब शव मिलने की खबर मिली तो शक हुआ। मैंने अपने बेटे के नंबर पर कॉल लगाया। तब किसी पुलिसकर्मी ने कॉल उठाई और घटना की जानकारी दी। तब हम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। वहां मेरे बेटे का शव पड़ा था। ये पता नहीं कि बेटा बिना बताए यहां कैसे पहुंचा? मुझे मामला डाउटफुल लग रहा है। अब पुलिस जांच करेगी। कॉल डिटेल निकाली जाए। वो किसी तरह के दबाव में रहा होगा। दिल्ली से झांसी क्यों आया, किन परिस्थितियों में आया? ये जांच होनी चाहिए। पढ़ने में बहुत होशियार था
पिता ने आगे बताया- मेरा बेटा संचय पढ़ने में बहुत ही होशियार था। उसकी मौत डाउनफुल लग रही है। क्योंकि वह बिना बताए झांसी क्यों आया। शव भी झांसी-दिल्ली ट्रैक पर न मिलकर झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैन पर मिला। चोट भी सिर्फ सिर में आई है। इसलिए जांच होनी चाहिए। संचय की मौत की खबर सुनकर मां अर्चना रो-राेकर बेसुध हो गई। बहन सैर्या, पिता डॉ. सुमित और दादा डॉ. प्रमोद मिसुरिया का रो रोकर बुरा हाल है। दादा डॉ. प्रमोद मिसुरिया भी बड़ागांव में क्लीनिक चलाते हैं। मां अर्चना हाउसवाइफ हैं। सूचना पर सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय समेत झांसी के तमाम डॉक्टर और परिचित के लोग घर पहुंच गए। पुलिस जांच में मौत के कारणों का पता चलेगा
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया- आज सुबह बबीना सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुमित मिसुरिया का बेटा रेलवे ट्रेक पर गिरा हुआ मिला है। वह लॉ की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने डॉ. मिसुरिया को सूचना दी तो घटना का पता चला। अभी पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। इसके बाद ही मौत के असल कारणों का पता चलेगा। मौत कैसे हुई, ये पुलिस जांच में ही पता चलेगा। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे का कहना है कि ट्रेन की चपेट में आने से संचय मिसुरियों की मौत हुई है। वह किन परिस्थितियों में चपेट में आया, इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद मौत के कारण स्पष्ट हो जाएंगे। —————————— ये भी पढ़ें: कुत्ता काटने के 4 महीने बाद भौंकने लगा लड़का, VIDEO:मिर्जापुर में जादू-टोना समझ मंदिर ले गए पिता, लोगों ने अस्पताल पहुंचाया मिर्जापुर में कुत्ता काटने के 4 महीने बाद 17 साल का लड़का भौंकने लगा। परिवार को लगा कि किसी ने जादू-टोना कर दिया है। वे लोग 14 मार्च (शनिवार) की शाम बच्चे को लेकर मंदिर के पुजारी के पास पहुंच गए। भीड़ देखते ही लड़का जोर-जोर से भौंकने लगा और भूत-भूत चिल्लाने लगा। उसके मुंह से लार टपकने लगी। (पढ़ें पूरी खबर)