मां-बाप आगरा डीएम के सामने फूट-फूटकर रोए:बोले- जिम्मेदार का नाम तो बता दो; झूले से गिरकर हुई थी बेटे की मौत

‘साहब, कम से कम जिम्मेदारों के नाम तो बता दो। मेरा बेटा 2 घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन कंपनी का कोई कर्मचारी मदद के लिए आगे नहीं आया। अगर समय पर इलाज और एंबुलेंस मिल जाती तो शायद मेरा बेटा बच जाता। हमें न्याय चाहिए। आरोपियों को सजा हो, ताकि किसी और मां की आंखों के सामने उसकी कोख सूनी न हो।’ ‘मेरे बच्चे की जान चली गई। लापरवाही का इससे बड़ा सबूत क्या होगा। मेरा सबकुछ खत्म हो गया। सहारा खत्म हो गया। ADA हो या ठेकेदार कंपनी, कोई भी जिम्मेदार सामने आने को तैयार नहीं है।’ जिप लाइन हादसे में जान गंवाने वाले कुनाल की मां रिंकी अग्रवाल और पिता पंकज अग्रवाल आगरा डीएम से ऐसा कहते हुए फूट-फूटकर रोने लगे। फिर पंकज ने किसी तरह खुद को संभाला। रिंकी को ढांढस बंधाया। उन्हें कुर्सी पर बैठाया। फिर रिंकी अग्रवाल ने बिलखते हुए कहा- अभी तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई है। दोषियों को बचाया जा रहा है। दरअसल, 24 मई को जिप लाइन झूले से गिरकर कुनाल (16) की मौत हो गई थी। 5 दिन बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ तो कुनाल के माता-पिता शुक्रवार को डीएम मनीष बंसल से इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे। प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। ‘2 घंटे तक मदद मांगते रहे, कोई आगे नहीं आया’ रिंकी अग्रवाल ने रोते हुए कहा- जिप लाइन से गिरने के बाद हम काफी देर तक एडवेंचर कंपनी के कर्मचारियों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। मेरा बच्चा करीब 2 घंटे तक तड़पता रहा। जब कोई सहायता नहीं मिली तो हम उसे ऑटो से अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्होंने डीएम से कहा- अगर मौके पर एंबुलेंस या फर्स्ट-एड की व्यवस्था होती, तो शायद मेरा कुनाल बच जाता। हमें न्याय चाहिए। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, ताकि किसी और मां की गोद यूं सूनी न हो। अगर मुझे पता होता कि वहां सुरक्षा के इतने खराब इंतजाम हैं, तो मैं अपने बेटे को कभी वहां नहीं भेजती। ‘मेरा सहारा खत्म हो गया, कोई अधिकारी मिलने तक नहीं आया’ पिता पंकज अग्रवाल ने रोते हुए कहा- मेरे बच्चा मुझसे दूर चला गया। 16 साल की उम्र में मेरा बेटा मुझे बहुत सहारा दे रहा था। मेरी बहुत मदद करता था। अब मेरा पूरा सहारा खत्म हो गया। कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हादसे को 5 दिन हो गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पुलिस ने जल्दीबाजी में जो तहरीर ली, उसमें भी गलतियां हैं। कोई अधिकारी हमारी सुध लेने नहीं आया। ‘50 लाख मुआवजा दो, वरना सड़क पर उतरेंगे’ अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा ने DM से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई। महासभा ने परिवार को 50 लाख मुआवजा देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़क पर उतरेगा। डीएम बोले- दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा डीएम मनीष बंसल ने पीड़ित परिवार को जल्द निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा- मामले में जो भी दोषी होगा, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। अब जानें कैसे हुआ था हादसा ————————- ये खबर भी पढ़िए- आगरा में झूले से गिरकर बच्चे की मौत, 5 जिम्मेदार:सालाना 1.8 करोड़ रुपए की कमाई, फिर भी अफसर बेपरवाह…सेफ्टी जीरो आगरा के चौपाटी में जिप लाइन से गिरकर फिरोजाबाद के 16 साल के लड़के की मौत हो गई। बेटे की लाश को गोद में रखकर माता-पिता रोते-बिलखते रहे। मौके पर न फर्स्ट एड मिला, न ही एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन संभाल रही ईओडी कंपनी का कोई कर्मचारी मदद को आगे आया। असहाय माता-पिता बेटे की जिंदगी बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आखिर में बेटे ने उनकी गोद में ही दम तोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…