यूपी के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को शुक्रवार दोपहर 12 बजे पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा पर बैरिकेडिंग कर 400 से ज्यादा जवान तैनात कर दिए। पूर्व ADG प्रेम प्रकाश और 300 कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे चंद्रशेखर को आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस अधिकारियों नेकहा कि गांव जाने से माहौल खराब हो सकता है। इस पर चंद्रशेखर अड़ गए। उन्होंने कहा, “हम वहां जाकर ही रहेंगे। पुलिस गुंडागर्दी कर रही है। इसके बाद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने ललिता के परिवार को सिवाया टोल प्लाजा बुलाने का प्रस्ताव रखा, काफी देर बातचीत के बाद चंद्रशेखर इसके लिए राजी हो गए। अब पुलिस परिवार को टोल प्लाजा लेकर आ रही है। इससे पहले, मुजफ्फरनगर के रोहाना टोल प्लाजा पर भी चंद्रशेखर की पुलिस से तीखी बहस हुई थी। सहारनपुर से मेरठ जा रहे उनके काफिले की कुछ गाड़ियों को पुलिस ने रोक लिया। इस पर सांसद गाड़ी से उतर आए और इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह से बहस करने लगे। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में चंद्रशेखर इंस्पेक्टर से कहते हैं- आप बैरियर के आगे क्यों खड़े हैं? आप अपने अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहे हैं, लेकिन हम जनता के प्रतिनिधि हैं। आप हमें कैसे रोक सकते हैं? हमने कौन सा अपराध किय?” इस पर हाथ जोड़कर इंस्पेक्टर कहा- हमें जो आदेश मिला है, उसका पालन कर रहे हैं। दरअसल, बीए की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी। दो दिन बाद उसका शव गन्ने के खेत में मिला। परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करने लगे थे। सूचना पर SSP अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। सांसद चंद्रशेखर से जुड़ी अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….