पेपर लीक से पॉलिटिक्स तक…क्यों Gen-Z को साध रहीं पार्टियां:राहुल-योगी-अखिलेश-मायावती सब युवाओं के पीछे, कौन जीतेगा भरोसा?

यूपी में जेन-जी अब सिर्फ फर्स्ट टाइम वोटर नहीं रहा, बल्कि सियासत के केंद्र में आ गया है। सत्ता बनेगी या बिगड़ेगी, कुछ हद तक ये जेन-जी भी भूमिका अदा कर रहे हैं। इसे भाजपा समेत विपक्षी पार्टियां भी समझ रही हैं। यही वजह है, राहुल गांधी 8 अगस्त को लाखों स्टूडेंट्स के बीच प्रयागराज में सीधी बातचीत करेंगे। अखिलेश यादव की IT टीम जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में डिंपल यादव की मौजूदगी और उनके भावुक पलों के वीडियो वायरल कर रही है। मायावती ने भी पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद को चुनाव प्रचार की कमान सौंप दी है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेताओं को जेन-जी से ज्यादा से ज्यादा संवाद करने, उन्हें सपा शासन में हुए करप्शन और गड़बड़ियां बताने को कहा है। पार्टियां युवाओं के मुद्दों को अपने मेनिफेस्टो में जगह देने की तैयारी में हैं। अब सवाल सिर्फ यह है कि जेन-जी किसके साथ जाएगा? 1. सपा- 200 इन्फ्युएंसर्स से अखिलेश मिले, जेन-जी कंटेंट पर फोकस सपा की IT टीम जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव के वीडियो लगातार शेयर कर रही है। जिससे युवाओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाया जा सके। सपा सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश ने अप्रैल में लखनऊ पार्टी दफ्तर में 200 से ज्यादा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से मुलाकात की। इनमें ज्यादातर की अच्छी फैन फॉलोइंग है। पार्टी ने इन लोगों को बुलाने से पहले उनके सोशल मीडिया कंटेंट को भी देखा था। पार्टी ने पिछले साल अगस्त में ‘समाजवादी पार्टी टीवी’ नाम से एक यूट्यूब चैनल भी शुरू किया था। जहां अब जेन-जी से जुड़े कंटेंट पर फोकस किया जा रहा है। इस चैनल को पार्टी प्रवक्ता नावेद सिद्दीकी चलाते हैं। वे पहले रेडियो जॉकी रह चुके हैं। 2 अगस्त को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा था- सपा में जेन-जी और जेन-अल्फा के काफी सदस्य हैं। नई पीढ़ी बिना झिझक अपनी बात रखना चाहती है। समाजवादी पार्टी इनकी उम्मीदों और समस्याओं को सुनने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी रील्स बनाने का तरीका सीखने और जेन-जी से कनेक्ट रहने की सलाह दी। वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस के मुताबिक, सपा जेन-जी को साधने में सबसे आगे दिख रही है। आंदोलनों के बाद युवाओं में सरकार के खिलाफ नाराजगी और बदलाव की चाह दिख रही है, जिसका फायदा विपक्ष को मिल सकता है। अखिलेश यादव 2024 से ही डिजिटल मीडिया के जरिए युवाओं तक सीधे पहुंच बना रहे हैं। सपा के पास जेन-जी के 2 चेहरे सपा के पास 29 साल से कम उम्र के 2 सांसद हैं, जो जेन-जी की कैटेगरी में आते हैं। इनमें कौशांबी से पुष्पेंद्र सरोज और मछलीशहर से प्रिया सरोज शामिल हैं। दोनों जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में भी पहुंचे थे। अब सपा इन्हें युवाओं के बीच पार्टी का जेन-जी चेहरा बनाकर पेश कर रही है। ये दोनों इन दिनों डिंपल यादव के साथ लगातार नजर आ रहे हैं। पार्टी की IT सेल सोशल मीडिया पर इनके वीडियो भी जमकर प्रमोट कर रही है।
2. बसपा- बूथ कमेटियों में युवाओं को जिम्मेदारी पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में मायावती ने सोशल मीडिया पर युवाओं के मुद्दों का समर्थन भी किया था। बसपा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। बूथ कमेटियों में भी पुराने नेताओं के साथ फर्स्ट-टाइम वोटर्स और युवाओं को जिम्मेदारी देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत बसपा प्रमुख मायावती ने अपने 31 साल के भतीजे आकाश आनंद को मिशन- 2027 की जिम्मेदारी दी है। आकाश जेन-जी की उम्र के करीब हैं। इसीलिए पार्टी को लगता है कि वे उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझेंगे। आकाश 10 अगस्त को हाथरस से चुनावी रैलियों की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वे युवाओं से जुड़े पेपर लीक, सरकारी भर्ती में गड़बड़ी और रोजगार की कमी जैसे मुद्दे उठा सकते हैं। बसपा के पास जेन-जी विधायक-सांसद नहीं बसपा के पास विधानसभा में सिर्फ एक विधायक उमाशंकर सिंह हैं। उनकी उम्र 50 के पार है। पार्टी के पास इस वक्त कोई भी लोकसभा सांसद नहीं है। बसपा प्रमुख अब अपनी पार्टी में जेन-जी को जोड़ने के लिए फैसले ले रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल का मानना है कि आकाश की बोलने और युवाओं से जुड़ने की शैली जेन-जी को आकर्षित कर सकती है। मायावती भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखती हैं। अब पार्टी मायावती के सोशल मीडिया संदेशों पर आधारित वीडियो, विजुअल्स और डिजिटल कैंपेन के जरिए युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। 3. कांग्रेस- राहुल यूपी में वहां आएंगे, जहां स्टूडेंट सबसे ज्यादा यूपी में 18-30 साल और 18-40 साल तक के युवाओं को जोड़ें, तो यह आंकड़ा 40% से ज्यादा हो जाता है। कांग्रेस को लगता है कि अगर ये युवा जाति और धर्म से ऊपर उठकर रोजगार, शिक्षा और अपने भविष्य के मुद्दों पर एकजुट हुए, तो यूपी की राजनीति का समीकरण बदल सकता है। इसी को देखते हुए राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में छात्रों और युवाओं से बातचीत करेंगे। राहुल ने प्रयागराज को इसलिए चुना, क्योंकि यहां यूपीपीएससी, पुलिस भर्ती समेत कई सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले छात्र रहते हैं। यूपी में नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों में प्रयागराज के छात्रों ने सबसे ज्यादा बवाल किया था। कांग्रेस इसी नाराजगी को अपने समर्थन में बदलना चाहती है। पार्टी प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत कहते हैं- ‘कांग्रेस के लिए पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगी शिक्षा जैसे मुद्दे सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दे हैं। राहुल गांधी कोटा और देहरादून के बाद अब प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे। पार्टी सोशल मीडिया पर छात्रों की समस्याओं और आंदोलनों को लगातार शेयर कर जेन-जी से डिजिटल कनेक्शन बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस में जेन-जी प्रतिनिधित्व शून्य यूपी में कांग्रेस के पास भी संसद या विधानसभा में जेन-जी प्रतिनिधित्व शून्य है। पार्टी फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ने के लिए अपने छात्र संगठन NSUI और यूथ कांग्रेस के जरिए युवा चेहरों को आगे ला रही है। राहुल गांधी भी लगातार युवाओं से उनके अंदाज में ही जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर करते हैं। 4. भाजपा- लाखों कार्यकर्ताओं को इंस्टाग्राम-ट्विटर सिखा रही पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा युवाओं के बीच डैमेज कंट्रोल में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दे रहे हैं। साथ ही पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले Gen-Z का भरोसा बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। 2 अगस्त को लोकभवन में हुई बैठक में सीएम योगी ने भाजपा विधायकों, सांसदों और सहयोगी दलों के नेताओं से 18 से 25 साल के नए वोटरों से नियमित संवाद करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, ‘यूपी का जेन-जी 2017 से पहले की सपा सरकार के कार्यकाल से परिचित नहीं हैं। ऐसे युवाओं को सोशल मीडिया, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और स्कूलों के जरिए उस दौर की कानून-व्यवस्था की जानकारी दें। इससे पहले 25 जुलाई को फतेहपुर की सभा में योगी ने कहा था कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नकल माफिया के लिए ‘जेल या नरक’ ही जगह है। वहीं, भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं की शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए ‘युवा सलाहकार समिति’ बनाने का प्रस्ताव दिया है। भाजपा प्रवक्ता अवनीश त्यागी का कहना है कि ग्रामीण और छोटे शहरों का जेन-जी राष्ट्रवाद और विकास को ज्यादा महत्व देता है। पार्टी पीएम मोदी के जरिए युवाओं से सीधा संवाद कर रही है। विपक्ष केवल युवाओं को भड़काने और जातिवाद की राजनीति कर रहा है। भाजपा अपने लाखों कार्यकर्ताओं को इंस्टाग्राम और ट्विटर सिखा रही है। डिजिटल तरीके से ट्रेंड हो जाने पर सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है। जेन-जी के सवालों का जवाब देंगे मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) भी बदलते माहौल को भांप चुका है। संघ प्रमुख मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में जेन-जी से बातचीत करेंगे। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में 100 शहरों के 2 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बातचीत के जरिए संघ नई पीढ़ी की सोच, उम्मीदों और चुनौतियों को समझने के साथ उनसे जुड़ने की कोशिश करेगा। ————————- यह खबर भी पढ़ें- यूपी में पेपर लीक कानून केंद्र से ज्यादा सख्त, यहां उम्रकैद, केंद्र में सिर्फ 10 साल जेल; क्या अब प्रदेश का कानून बेकार हो जाएगा पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार का नया बिल 31 जुलाई को राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद कानून बन गया। केंद्र सरकार से गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद देशभर में लागू हो जाएगा। इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है। वहीं, यूपी में 2024 से लागू पेपर लीक कानून में उम्रकैद तक का प्रावधान है। इसलिए यह ज्यादा सख्त दिख रहा है। पढ़िए पूरी खबर…