‘7 साल पहले मां की मौत के बाद तीनों भाई-बहन अलग-अलग रिश्तेदारों के घर रहकर पढ़ने लगे। पापा काम करने हैदराबाद चले गए। त्योहार में हमारी मुलाकात होती थी। पापा के साथ घर पर तीनों भाई-बहन साथ मिलकर त्योहार मनाते थे। रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। इस बार अपने दोनों भाई सरस और शिव नारायण के लिए हाथ से राखी बनाई थी। लेकिन, बदमाशों ने शनिवार रात 8 बजे मेरे भाई सरस को हमेशा के लिए छीन लिया। अब उससे कभी मिल नहीं पाऊंगी।’ ये बातें गोरखपुर में सरस सिंह की बड़ी बहन जूही (17) ने रोते हुए कहीं। जूही ने बताया- 9 साल का सरस सबसे छोटा था। वह पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बनने की बातें करता था। उसे राखी बंधवाने की बड़ी जल्दी रहती थी। मैं उसको खूब परेशान करती थी। हंसी-मजाक के साथ हम सब मिलकर त्योहार मनाते थे। कोई मेरे भाई को लौटा दे। सरस का अंतिम संस्कार रविवार (2 अगस्त) शाम उसके पैतृक निवास अराजी टोला में हुआ। हैदराबाद में पेंट-पॉलिश करने वाले पिता अरविंद सिंह ने मुखाग्नि दी। इस घटना के बाद से ही घरवाले रो-रोकर बेहाल हैं। बच्चे की हत्या से गांववालों में भी गुस्सा है। मौसा के घर में रहकर पढ़ता था सरस सरस सिंह पिपराइच के माधोपुर गांव का रहने वाला था। उसके पिता अरविंद सिंह हैदराबाद में रहते हैं। इसलिए उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए रिश्तेदारों के यहां छोड़ रखा है। सरस अपने मौसा राजू सिंह के पास पिपराइच के माधोपुर गांव में रहता था। वह पिपराइच के इंग्लिश मीडियम स्कूल में क्लास-4 में पढ़ता था। राजू की बेला गांव में पान की दुकान है। उनके 2 बेटे- सिद्धार्थ सिंह, शिवकुमार (15) और एक बेटी है। 9 लड़कों ने पीट-पीटकर मार डाला था शनिवार रात में करीब 8 बजे सरस घर से खाना खाने के बाद अपने मौसेरे भाई शिवकुमार के साथ मौसा की दुकान पर जा रहा था। सरस जैसे ही घर से करीब 500 मीटर दूर पहुंचा, तभी घात लगाकर बैठे 9 लड़कों ने उसे घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों और पत्थर से मारना शुरू कर दिया। थाने जाने लगे, तो लड़कों ने फिर हमला किया इस दौरान सरस के सिर में डंडे लगे और वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा। साथ ही उसका भाई शिवकुमार भी घायल हो गया। उसकी पीठ पर नुकीले पत्थर लगने से घाव हो गए। सूचना पर परिवारवाले भी पहुंच गए। इसके बाद परिवारवाले सरस और शिवकुमार को थाने ले जाने लगे। तभी आरोपियों ने फिर से लाठी-डंडों से हमला कर दिया। लोगों के बीच-बचाव करने पर आरोपी मौके से भागे। इस बीच स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची। परिवारवाले दोनों बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद गोरखपुर रेफर कर दिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार सुबह सरस सिंह (9) की मौत हो गई। शिवकुमार का इलाज चल रहा है। रविवार (2 अगस्त) को पिपराइच थाने में सरस के मौसा राजू सिंह की शिकायत पर माधोपुर गांव के रहने वाले सिकंदर साहनी, हरि, राहुल, संदीप, विकास, रत्नेश्वर, मनोज गुप्ता, रोशन और विजय पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। लाठी-डंडे की चोट से सिर की हड्डी टूटी सोमवार को 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भी भेज दिया। इनमें मनोज गुप्ता, रत्नेश्वर साहनी और संदीप कुमार शामिल हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 5 टीमें लगाई गई हैं, जो जगह-जगह दबिश दे रही हैं। सरस की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर की चोट के कारण मौत होना बताया गया है। लाठी-डंडे की चोट लगने से सरस की सिर की हड्डी टूट गई थी। आरोपियों के घरों पर लटका है ताला इस घटना में फरार आरोपियों के घरों पर ताला लटका है। सरस की मौत के बाद से ही वो लोग घर पर ताला लगाकर कहीं निकल गए हैं। सभी ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है। पुलिस उनके रिश्तेदारों के बारे में पता लगा रही है, जहां इनके जाने की संभावना है। कोचिंग से लौटते समय बहन को युवकों ने किया था परेशान सरस सिंह के मौसेरे भाई सिद्धार्थ सिंह ने बताया- मेरी बहन कोचिंग पढ़ने जा रही थी। तभी कुछ लड़कों ने उसे परेशान किया। हम लोगों ने शिकायत की, तो थाने में पंचायत हुई। वहां समझौता हो गया। लेकिन, 4 दिन पहले मेरा भाई शिवकुमार सुबह दौड़ने गया, तो उसके पैर पर लाठी से मार दी थी। इसके बाद शनिवार को हमारे दोनों भाइयों को घेरकर पीट दिया, जिसमें सरस सिंह की मौत हो गई। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या की घटना में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 5 टीमें लगाई गई हैं। बहुत जल्द सभी आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ———————– ये खबर भी पढ़िए- एक सांप को मारा, दूसरे ने भाई-बहन को डसा, इकलौते बेटे की मौत, बेटी वेंटिलेटर पर “मैं अपने दोनों बच्चों के साथ बेड पर सो रही थी। रविवार तड़के 3:30 बजे 4 साल की बेटी को सांप ने काट लिया, वह जोर-जोर से रोने लगी। मैं तुरंत उसे उठाकर सास के पास ले गई। 2 मिनट बाद 6 साल का बेटा भी चीख पड़ा। पास जाकर देखा तो उससे एक काला सांप लिपटा था, जो उसे 3-4 जगह काट चुका था।” यह कहते हुए झांसी की रहने वाली नेहा कुशवाहा (26) फूट-फूटकर रो पड़ती हैं। पढ़ें पूरी खबर…