शामली में बुधवार दोपहर दिनदहाड़े हुई मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश मोहम्मद फुरकान मारा गया। उसने पुलिस को देखते ही कार्बाइन और पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। मुठभेड़ में एक सिपाही के पेट में गोली लगी है। इसके बाद पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए जवाब दिया। इस दौरान फुरकान को गोली लगी और वह गिर गया। फुरकान और सिपाही को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बदमाश को मृत घोषित कर दिया। जबकि सिपाही को मेरठ रेफर कर दिया गया। फुरकान 4 साल से फरार चल रहा था। 12 साल पहले उसने शामली के ही कैराना में बीच बाजार व्यापारी नेता विनोद सिंघल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस पर लूट-हत्या, रंगदारी के 20 से अधिक केस दर्ज हैं। फुरकान, मुकीम काला गैंग का एक्टिव बदमाश था। 2016 में कैराना में तीन व्यापारियों की हत्या की गई थी। इसके बाद तमाम हिंदू परिवार पलायन कर गए थे। फुरकान और मुकीम पलायन के आरोपी थे। पुलिस के मुताबिक, ये मुठभेड़ दोपहर करीब 3 बजे जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना के जंगलों में हुई। दो तस्वीरें देखिए दिनदहाड़े गोलियों से व्यापारी नेता को भून डाला था वेस्ट यूपी के कुख्यात मुकीम काला गैंग के सदस्य फुरकान ने अगस्त 2014 में कैराना नगर के मुख्य चौक बाजार में दिनदहाड़े अपनी किराना की दुकान पर बैठे व्यापारी नेता विनोद सिंघल की रंगदारी न देने पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वो जेल चला गया। करीब 6 महीने जेल में रहने के बाद वो जमानत पर छूटा। जेल से छूटते ही फुरकान ने कोल्ड ड्रिंक एजेंसी के संचालक ईश्वरचंद उर्फ बिल्लू की दुकान पर पहुंचकर रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर उसे भी धमकाया। विनोद सिंघल जैसा हाल करने की धमकी दी। जिसके बाद डर के मारे ईश्वरचंद का परिवार कैराना से पलायन कर पानीपत में जाकर बस गया। उसी दौरान गैंग लीडर मुकीम काला ने कैराना के व्यापारी राजेंद्र और शिवकुमार की रंगदारी न देने पर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शामली के व्यापारियों ने आंदोलन कर दिया था और बाजार बंद रखकर बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग की थी। तब से कैराना में माहौल लगातार बिगड़ता रहा और व्यापारी पलायन करते रहे। 2016 में सांसद ने पलायन करने वालों की सूची जारी की कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 30 मई 2016 को कैराना से व्यापाारियों और हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया। सांसद ने 346 परिवारों के पलायन की सूची भी जारी की। इसके चलते तत्कालीन डीजीपी ने फुरकान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। 8 अप्रैल 2017 को पुलिस ने कांधला थाना क्षेत्र के गांव आल्दी के जंगल में मुठभेड़ कर फुरकान को गिरफ्तार कर लिया। कुछ समय बाद फुरकान फिर से जमानत पर जेल से छूट गया। इसके बाद 2019 में वो नशे की तस्करी करने लगा। फिर से पकड़े जाने पर जेल भेजा गया। 8 नवंबर 2021 को कैराना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद फुरकान गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत तुड़वाकर कोर्ट में पेश हुआ था। कुछ दिन जेल में रहा। इसके बाद जमानत लेकर फिर से फरार हो गया था। करीब चार साल से पुलिस उसे तलाश रही थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है….