सीएम योगी बुधवार को वाराणसी में थे। यहां उन्होंने पहले की सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा- घर से बाहर कैसे निकलें, 9 साल पहले यह सवाल था। कहां तक जाना है, आज यह सवाल है। पहले घर से बाहर निकलने में बेटियां डरती थीं, आज ऐसी कोई चिंता नहीं।हमने कह दिया है कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो दो ही जगह होगी- जेल या जहन्नुम। हम उन लोगों में नहीं हैं कि वोटबैंक के लिए किसी माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं। योगी पिंडरा में ”कामकाजी महिला सम्मान समारोह” में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग आएंगे जो बात करेंगे, नई घोषणाएं करेंगे, जाति के नाम पर बांटेंगे। लेकिन, जब किसी दुर्दांत माफिया पर कार्रवाई की बात आएगी, तो इनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। ये सब मौन हो जाते हैं। उसके सामने गिड़गिड़ाते नजर आते हैं। इससे पहले योगी ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर योगी ने कहा कि 2017 में जब मैं आया, तो मैंने पूछा कि आखिर आंगनवाड़ी केंद्रों की इतनी खराब स्थिति क्यों है? शिकायतें क्यों आती हैं? तब पता चला कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर जो पोषाहार जा रहा था, उसकी सप्लाई उत्तर प्रदेश का एक शराब माफिया करता था। मैं यह सुनकर भौचक्का रह गया। हमने पोषाहार की गुणवत्ता की जांच कराई, तो उस पर भी सवाल खड़े हुए। मैंने पूछा कि क्या वह हर महीने पोषाहार भेजता है? जवाब मिला- अरे नहीं साहब, वह तो तीन महीने में एक बार भेज दे तो भेज दे, नहीं तो सब भगवान भरोसे है। उन्होंने कहा कि पहले लाचारी दिखती थी। यह लाचारी उस समय के सिस्टम की वजह से थी। इससे पहले सीएम ने नवजात बच्चों का अन्नप्राशन कराया। बेटियों को गोद में उठाकर खीर खिलाई। राधा-कृष्ण की वेशभूषा में आए बच्चों को देखकर सीएम ने उन्हें दुलार किया और खिलौने भी दिए। 4 तस्वीरें देखिए… आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से सीएम ने पूछा- कुषोषित बच्चों के लिए क्या प्रयास किया? सीएम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के काउंटर पर भी पहुंचे। उनके कामकाज के बारे में पूछा। साथ ही स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के साथ मिलकर तैयार किए गए उत्पादों के बारे में भी जानकारी ली। सीएम ने ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु और गोरखपुर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। गोरखपुर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संध्या से सीएम ने पूछा- केंद्र पर आने वाले अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए आपने क्या प्रयास किए? संध्या ने बताया- हमने बच्चों की लंबाई और वजन मापा। रोज उनकी लंबाई और वजन नापे। बच्चों को साफ-सुथरा और पौष्टिक आहार दिया। बच्चों की माताओं से भी मिली। उन्हें बताया कि घर में पौष्टिक भोजन बनाएं और बच्चों को मौसमी फल-सब्जियां दें। उन्होंने बताया कि माताओं को खिचड़ी में पालक और गाजर डालकर बनाने के लिए भी समझाया। ये सब हमने माताओं को बताया। योगी ने पूछा- टेक होम राशन से बच्चों को क्या लाभ मिला? संध्या ने बताया- शुरुआत में कुछ लोगों ने शिकायत की। इसके बाद मैंने महिलाओं को समझाया। सरकार बच्चों की उम्र के हिसाब से खाने में चीनी और नमक का अनुपात रख रही है। सीएम ने कहा- आंगनवाड़ी हमारी नींव है। आंगनवाड़ी बहनों के लिए कोई संदेश? संध्या ने बताया- बच्चों की माताओं को बुलाकर उन्हें समझाएं कि बच्चों को कैसे खाना खिलाना है और उम्र के हिसाब से डाइट क्या रहेगी। योगी के कार्यक्रम से जुड़ी अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…