करोड़पति दवा कारोबारी की बहू का इंटरव्यू:कानपुर में शालू बोली- 21 दिन बहुत तकलीफें सही; मैं निर्दोष हूं, यही साबित हुआ

मैं शुरू से कह रही थी कि मैंने कुछ नहीं किया। मैं निर्दोष हूं। जो सच है वो सबके सामने है। आज वही प्रूफ हुआ है। मुझे नहीं पता कि सुब्रत ने मेरे ऊपर आरोप क्यों लगाए। मैं 21 दिन जेल में थी। मैंने बहुत ज्यादा तकलीफें सही है। कैसे मैंने एक-एक दिन काटा है, ये मैं ही जानती हूं। मैंने अपने बेटे को बहुत मिस किया। ये बातें करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के आरोप में बंद बहू शालू ने जेल से छूटने के बाद कही। 21 दिन बाद शालू को पुलिस से क्लीनचीट मिली। सोमवार को कोर्ट ने रिहा कर दिया। कोर्ट ने माना कि शालू का ससुर की हत्या में कोई हाथ नहीं था। रिहाई का आदेश देते हुए कहा- कोर्ट या विवेचक के बुलाने पर शालू को हाजिर होना पड़ेगा। रिहाई की 3 तस्वीरें देखिए… शालू ने रिहा होने के बाद दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। पढ़िए बातचीत के अंश… सवाल: ससुर की जब आपने लाश देखी तो क्या हुआ था?
शालू: उस समय मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। सवाल: आपके लिहाज से इस मर्डर केस की क्या सच्चाई है?
शालू: जो सच है वो सबके सामने है। मैं शुरू से ही कह रही थी कि मैंने कुछ नहीं किया। मैं निर्दोष हूं। आज वही प्रूफ हुआ है। सवाल: सुब्रत की ओर से गढ़े गए आरोपों पर आपका क्या कहना है?
शालू: इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में अभी कोई बात नहीं करना चाहती हूं। मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया था। सवाल: सुब्रत आपके पति हैं, उन्होंने आपके साथ ऐसा क्यों किया?
शालू: मुझे खुद नहीं पता कि उन्होंने मेरे साथ ऐसा क्यों किया। मैं नहीं समझ पा रही हूं कि क्या हुआ और क्या नहीं। मैं इतने दिनों बाद जेल से बाहर आयी हूं, मुझे अभी इन सब चीजों का कोई आइडिया नहीं है। सवाल: पुलिस रिमांड में आपका सुब्रत से आमना–सामना कराया गया था, तब आपने सुब्रत से मर्डर के बारे में पूछा था?
शालू: पूछा था तो उन्होंने मना किया था। सुब्रत ने मुझसे कहा था कि मुझे यकीन है कि तुमने ऐसा नहीं किया है। वहीं तो मैं कह रही हूं कि अभी मुझे इकतरफा बातें पता है, इतना डिटेल में मुझे नहीं पता है। सवाल: 5 साल के बेटे को छोड़कर 21 दिन जेल में रहीं, कैसे आपने समय काटा?
शालू: बहुत ज्यादा तकलीफ में, हर एक पल मैंने अपने बेटे की याद में काटा है। आज तक कभी उसको अपने से इतना दूर नहीं रखा। मेरे लिए वो समय बहुत मुश्किल भरा था। सवाल: रिमांड के दौरान आपने अपने बेटे से बात करने की इच्छा जाहिर की थी?
शालू: मैं अपने बेटे को बहुत मिस कर रही थी। मुझे अपने बेटे का चेहरा देखना था बस, मैंने पुलिस अधिकारियों से गुजारिश की, तो उन्होंने मेरी बात कराई थी। तब बेटे से ज्यादा बात नहीं हो पायी थी। सवाल: आगे की क्या प्लानिंग है?
शालू: अभी इस बारे में मैंने कुछ नहीं सोचा है। मुझे अपने मम्मी-पापा और बेटे के पास जाना है बस। सवाल: आपके और सुब्रत के रिलेशन कैसे थे?
शालू: हर मियां–बीवी के बीच झगड़ा होता है, जैसे सबके बीच झगड़ा होता है, वैसे ही हमारे बीच होता था, लेकिन ऐसा कोई मनमुटाव नहीं था। सवाल: ससुर विनीत मिनोचा पर सुब्रत के लगाए आरोपों के बारे में क्या कहना है आपका?
शालू: मैं इस बारे में जवाब नहीं देना चाहती हूं। सवाल: पहले नजरिए में क्या लगा कि किसने मर्डर किया है?
शालू: मुझे इन सब का आइडिया ही नहीं था। हम लोगों के लिए यह शॉकिंग था कि एकदम से क्या हो गया है। हम लोगों ने अपने किटी पार्टी के मेंबर, घर के सदस्यों को फोन किया। सवाल: हत्या के बाद आपने अपने पति को इंडिकेट किया था कि ये काम शुभम का हो सकता है ?
शालू: हां, क्योंकि वह (विशाल) दुकान में कई बार आता था, पापा उसे कई बार इंसल्ट कर चुके थे। उसकी बेइज्जती करते थे। उसने बताया था कि दुकान में पापा ने उसकी बहुत बेइज्जती की, उसे दुकान से भगा दिया। सवाल: ससुर का बहुत बड़ा कारोबार है, उसे आगे बढ़ाना चाहेंगी ?
शालू: नहीं। 5 सितंबर को कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हुई थी इंदिरा नगर में रतन ऑर्बिट के फ्लैट C-104 में विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को हत्या हुई थी। दवा कारोबारी को 17 चाकू मारे गए थे। 24 सितंबर को पुलिस ने बेटे सुब्रत को पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुब्रत ने मीडिया के सामने कहा था- पिता के कई महिलाओं से संबंध थे, इसी वजह से मां पुनीता उनके साथ नहीं रहती थीं। सुब्रत के मुताबिक, उसे डर था कि कोई महिला उसके घर आकर ये दावा न कर दे कि वह विनीत के बच्चे की मां बनने वाली है। इसलिए उसने खुद अपने पुराने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के जरिए पिता विनीत मिनोचा की हत्या कराई थी। कारोबारी की हत्या की शुरुआती जांच में पुलिस ने बहू शालू को हत्यारोपी मानते हुए जेल भेजा था। लेकिन, बाद में पुलिस जांच में शालू निर्दोष साबित हुई थी। कोर्ट ने सोमवार को शालू को रिहा कर दिया। सिलसिलेवार पढ़िए, सुब्रत ने पत्नी को पिता की हत्या में कैसे फंसाया? DCP वेस्ट एसएम कासिम आबिदी इस पूरे मामले पर बताते हैं कि- सुब्रत अपने पिता विनीत मिनोचा से लंबे समय से नफरत करता था। लेकिन, उन्हें मारने की प्लानिंग वो पिछले 1-2 महीने से करने लगा था। वो जानता था कि पापा को रास्ते से हटाने के बाद उनके भाई यानी कि सुब्रत के चाचा पुनीत उसके पीछे आएंगे। भाई की मौत की सच्चाई जानने की पूरी कोशिश करेंगे। हो सकता है, प्रॉपर्टी को लेकर भी झगड़ा हो। इसलिए सुब्रत चाहता था कि एक तीर से दो निशाने लगे। पापा की हत्या में चाचा को कातिल बना दिया जाए। उसने अपना यही प्लान विशाल से बताया। विशाल सुब्रत की दुकान में नौकरी करता था, जिसे 7 महीने पहले विनीत ने निकाल दिया था। प्लान करते वक्त दोनों यह भी जानते थे कि पुनीत की शहर में अच्छी पकड़ है। वह खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए सारे जतन करेगा। इसलिए करीब 25 दिन पहले साजिश में बदलाव किया गया। सुब्रत ने अपनी पत्नी शालू को साजिश की मास्टरमाइंड की तरह पेश करने का फैसला किया। नौकर को भी यही बोला कि पकड़े जाने पर शालू का नाम ले लेना। विनीत मिनोचा हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… ————————-
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