मां चाहती थी- हरीश को इच्छामृत्यु, पिता तैयार नहीं थे:गाजियाबाद में ब्रह्मकुमारी बहन बोलीं- उसके कर्म कट चुके हैं
‘तुम एक पंछी हो, लेकिन अभी दुख और पीड़ा के एक पिंजड़े में कैद हो। इस पिंजड़े से अब तुम्हारे उड़ने का समय आ गया है।’ यह ब्रह्मकुमारी लवली के शब्द हैं, जो उन्होंने गाजियाबाद में हरीश राणा को अंतिम विदाई देते वक्त कहे थे। हरीश 13 साल से कोमा में हैं। सुप्रीम कोर्ट से […]