KGMU- वृद्ध मानसिक रोगियों के लिए पहला डेडिकेटेड ICU:ICU-वेंटिलेटर यूनिट को मंजूरी, गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में गंभीर मरीजों को अब आईसीयू और वेंटिलेटर के लिए दूसरे विभागों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। विभाग में पांच बेड का अत्याधुनिक आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
फिलहाल विभाग में ओपीडी और भर्ती की सुविधा तो है, लेकिन आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर मरीजों को मेडिसिन, ट्रॉमा सेंटर या अन्य विभागों में भेजना पड़ता है। इससे समय पर और रोग की प्रकृति के अनुरूप इलाज देने में कठिनाइयां आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उम्र में होने वाली अधिकांश गंभीर बीमारियों का सीधा संबंध मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य से होता है। ऐसे मरीजों के लिए अलग आईसीयू की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी।
इसी आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने पांच बेड के आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट का प्रस्ताव केजीएमयू प्रशासन को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही केजीएमयू उत्तर प्रदेश का पहला सरकारी संस्थान बनने की ओर अग्रसर है, जहां वृद्धावस्था मानसिक रोगों के गंभीर मरीजों के लिए समर्पित आईसीयू सुविधा उपलब्ध होगी। प्रस्ताव को मिली मंजूरी
KGMU कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है और जल्द ही यूनिट की स्थापना शुरू की जाएगी। ICU में 24 घंटे मरीजों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर समुचित और सटीक उपचार मिल सके।