छात्रा बोली- मोहल्ले का लड़का राह चलते किस करता है:कहता है बर्बाद कर दूंगा; गाजियाबाद में 8 महीने से थाने के चक्कर काट रही

“मैं घर से निकलती हूं तो मुझे गंदे-गंदे इशारे किए जाते हैं। लड़का जबरन मुझे किस करता। अपहरण कर शादी का दबाव बनाया। कभी हत्या तो कभी तेजाब डालकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दे रहा है। मेरा पीछा कर सीटी बजाकर मुझे परेशान करता है। अब स्कूल जाने से भी डरती हूं। कभी मम्मी तो कभी पापा मुझे छोड़ने जाते हैं। ये आपबीती गाजियाबाद की 11वीं की छात्रा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सुनाई। उसने कहा कि 8 महीने से मुझे परेशान किया जा रहा है, हमारी FIR तक दर्ज नहीं हो रही है। पढ़िए छात्रा का दर्द… घर में घुसकर लड़के ने रेप की कोशिश की 16 साल की छात्रा गाजियाबाद में नंदग्राम थाना क्षेत्र में एक कॉलोनी की रहने वाली है। छात्रा के पिता पेशे से हलवाई हैं। छात्रा ने बताया कि आरोपी युवक का घर हमारे घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर दूसरी गली में है। वह लगातार मुझे परेशान करता है। रास्ते में आते-जाते हाथ पकड़ लेता है। मुझे इतना तंग करता है कि मैं स्कूल जाने में भी डरती हूं। जब जरूरी होता है तब ही जाती हूं या घर के लोग मुझे छोड़ने जाते हैं। 14 दिसंबर 2025 को वह घर में घुस आया और कमरे में खींचकर छेड़छाड़ करते हुए रेप का प्रयास किया। विरोध करने पर हमें ही जेल भिजवाने की धमकी दी गई। कहता है शादी कर ले, नहीं तो जिंदगी बर्बाद कर दूंगा छात्रा ने बताया कि मैं जब रास्ते में जाती हूं तो मुझे दौड़ाकर किस कर लेता है। मुझे इस तरह से परेशान कर रहा है कि मैं अपनी मम्मी के अलावा किसी को बता भी नहीं सकती। मुझे गुलाब का फूल लाकर जबरन दबाव बनाता है। हाथ पकड़कर कहता है कि शादी कर ले, नहीं तो जिंदगी बर्बाद कर दूंगा। छात्रा ने कहा कि मेरे साथ कभी भी अनहोनी सकती है। छात्रा की मां और पिता ने कहा कि हम 18 अगस्त को भी गाजियाबाद में डीसीपी से मिले थे। हमने एक शिकायती पत्र फिर से दिया है, जिसमें हमें शिकायती पत्र की एक पर्ची मिली है। हमसे कहा गया कि जांच कराकर कार्रवाई होगी। छात्रा बोली- उल्टा मेरे पिता को ही जेल भेजा छात्रा का कहना है कि मेरे पिता और मां को भी बदनाम किया जाता है। मेरे पिता की थाने में सुनवाई नहीं हुई, उल्टा मेरे पिता के खिलाफ ही SC-ST एक्ट में फर्जी केस दर्ज किया गया। मेरे पिता को दिसंबर 2025 में जेल भेज दिया गया था। पिता का कहना है कि 18 अगस्त को नंदग्राम थाने की एक महिला दरोगा की कॉल आई, जिसमें कहा कि आप की बेटी कहां पढ़ती है, मैंने पूरी बात बताई। पुलिस ने थाने में बेटी को बयान दर्ज के लिए आने की बात कही। हमने मना कर दिया कि मुझे पहले ही बयान दर्ज कराने की बात कहकर जेल भेज दिया था। बेटी नाबालिग है, दूसरा पक्ष फर्जी केस कराना चाहता है। जांच में फर्जी पाया गया SC प्रमाण पत्र छात्रा के पिता ने प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत में कहा कि मुझ पर गलत तरह से SC-ST एक्ट का केस दर्ज किया गया। इसकी जांच हुई, तहसीलदार गाजियाबाद ने सदर तहसील से संबंधित लेखपाल से रिपोर्ट मांगी। लेखपाल ने 18 जून 2026 को रिपोर्ट दी कि हेमराज का जाटव जाति प्रमाण पत्र की जांच की गई, हेमराज इस सम्बंध में अपनी जाति के कोई साक्ष्य नहीं दे सके। न ही मूलनिवास प्रमाणपत्र दिया गया। बार बार साक्ष्य मांगने के बाद भी उपलब्ध न कराए जाने पर पूर्व में जारी जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने का निर्देश दिया गया। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन ने बताया- छात्रा के पिता का परिवार पहले विजयनगर में रहता था, यहां भी इस परिवार ने केस दर्ज कराया था। छात्रा के पिता पर जो SC-ST एक्ट का केस दर्ज हुआ था, उसमें मुझसे पहले ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई, वह केस कोर्ट में चल रहा है। छेड़छाड़ के मामले में जो आरोप हैं, उनकी जांच चल रही है। पूरे सबूतों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- जयंत बोले- मैं अखिलेश को इतना याद क्यों आ रहा: ‘चवन्नी’ वाले बयान पर दिया जवाब यूपी की राजनीति में पिछले 2 दिनों से सपा प्रमुख अखिलेश यादव का ‘चवन्नी’ वाला बयान खूब चर्चा में है। अखिलेश ने बिना नाम लिए रालोद प्रमुख जयंत चौधरी पर कहा था- मैंने चवन्नी को रुपया बनाया, लेकिन वह भी भाग गए। पढ़ें पूरी खबर…