‘अब ऐसी गलती नहीं करूंगा। मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतनी संख्या में मेरे चाहने वाले जुट जाएंगे। GEN-Z का प्यार माइंड ब्लोइंग है।’ यह कहना है कि 16 मिनट के लिए हर सामान महज ₹16 में बेचने का ऑफर देने वाले कानपुर के कपड़ा कारोबारी रईस आलम का। रईस आलम का आलम मार्केट में आलम मार्ट नाम से कपड़ों का शोरूम है। 16 अगस्त को जन्मदिन के मौके पर सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से वीडियो बनवाकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड कराए गए थे। वीडियो में 15 अगस्त की रात 11 बजकर 59 मिनट से 16 मिनट तक 16 रुपये में कपड़े देने का दावा किया गया था। कहा था कि यह उनके बर्थडे का रिटर्न गिफ्ट होगा। ऑफर से पूरे शहर में बवाल मच जाएगा। वीडियो में जींस, जूते, टी-शर्ट और चश्मे समेत कई सामान 16 रुपये में देने की बात कही गई थी। सोशल मीडिया पर ऑफर वायरल होने के बाद लोग बड़ी संख्या में आलम मार्ट पहुंचने लगे। रात करीब साढ़े 11 बजे तक शोरूम के बाहर करीब 2500 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ बढ़ती देख दुकानदार ने शोरूम का शटर गिरा दिया। इससे लोग नाराज हो गए और मौके पर हंगामा शुरू हो गया। आसपास की सड़क पर जाम लग गया और ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ा। रईस आलम समेत 3 लोगों के खिलाफ अनवरगंज थाने में मामला दर्ज किया। 16 अगस्त को रईस को गिरफ्तार किया। 22 घंटे बाद 17 अगस्त को रईस को जमानत मिली। इसके बाद ‘दैनिक भास्कर’ ने रईस आलम से बातचीत की। पढ़िए… पहले दो तस्वीरें देखिए… सवाल: 16 मिनट में 16 रुपए की खरीदारी के ऑफर के पीछे वजह क्या थी?
रईस आलम: अचानक बैठे-बैठे दिमाग में आया कि कुछ ऐसा करते हैं, जिससे 400-500 लोगों को कम पैसों में गिफ्ट देकर आगे के लिए कस्टमर बनाया जा सके। आगे रक्षाबंधन का त्योहार भी आ रहा था। हमारी सोच थी कि ज्यादा से ज्यादा 300 से 400 लोग आएंगे। इसी वजह से रात 12 बजे ऑफर का समय रखा था, ताकि बाहर की पब्लिक न आ पाए। सवाल: खुद को फेमस करने का इरादा था या दुकान प्रमोशन?
रईस आलम: मेरा जन्मदिन 16 अगस्त को होता है, लेकिन इस ऑफर का जन्मदिन से कोई लेना-देना नहीं था। हमें अपने कारोबार को रिप्रजेंट करना था। हम चाहते थे कि जो लोग हमें प्यार करते हैं और फॉलो करते हैं, वो हमारी दुकान पर आएं। लेकिन, हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि लोग हमें इतना प्यार करते हैं। यह Gen Z हैं। इनकी मोहब्बत माइंड ब्लोइंग और जबरदस्त है। सवाल: कब लगा कि हालात बेकाबू हो रहे हैं, फिर क्या किया?
रईस आलम: ऑफर की टाइमिंग रात 15 अगस्त को 11 बजकर 59 मिनट पर की थी। लेकिन, करीब 9:30 से 9:45 बजे से ही काफी संख्या में लोग जुटने लगे थे। लोगों की डिमांड थी कि मेरे साथ केक काटना है। मैं ऊपर खड़ा था और करीब 100 से 200 लोगों के हाथ में केक के पैकेट थे। यह देखकर समझ गया कि दुकान का शटर और लाइट बंद कर देनी चाहिए, ताकि लोग वापस लौट जाएं। सवाल: दुकान बंद करने की नौबत क्यों आई।
रईस आलम: पब्लिक बहुत ज्यादा हो गई थी। हमारे पास इतने गिफ्ट नहीं थे। यही सबसे बड़ी बात थी। मान लीजिए हम 100 या 200 लोगों को गिफ्ट दे देते, तो जो 500 से 1000 लोग पीछे बचते, उन्हें हम क्या देते? इसी वजह से दुकान को बंद करनी पड़ी। सवाल: आपको किस बात का सबसे ज्यादा अफसोस है।
रईस आलम: हम गलती स्वीकार करते हैं। आगे से ऐसा कभी नहीं करेंगे। कोर्ट में भी वादा किया है। कुछ नियम मुझे पता नहीं थे। इतनी बड़ी संख्या में पब्लिक आ जाएगी, इसका अंदाजा नहीं था। मैंने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। खुद सरेंडर किया था। हम कानून से बाहर नहीं हैं। मैं हिंदुस्तान के संविधान को हमेशा फॉलो करता हूं। सवाल: पुलिस के एक्शन पर क्या कहेंगे?
रईस आलम: अनवरगंज थाने की पुलिस और पुलिस कमिश्नर सर ने कानून का पालन किया। कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ। हां, भागते समय कुछ लोग गिरे और उनकी चप्पलें टूट गईं। जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उसमें लोग हंसते हुए नजर आ रहे हैं। सवाल: लोगों से किए वादे को अब कैसे पूरा करेंगे?
रईस आलम: अब समय बदल चुका है। उस ऑफर वाले वादे को तो पूरा नहीं करेंगे। लेकिन, जो लोग हमें प्यार करते हैं और कुछ लोग भावुक होकर दुकान पर आ रहे हैं, उन्हें जन्मदिन वाले दिन का गिफ्ट भी दे रहे हैं।
———————— ये खबर भी पढ़ेंः- बुलडोजर एक्शन से पहले युवक ने खुद को आग लगाई:शामली में चिल्लाते हुए खेत में कूदा, पिता-पुलिसवालों ने बुझाई आग, VIDEO यूपी के शामली में तहसीलदार और पुलिस के सामने युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। फिर चिल्लाते हुए पानी से भरे खेत में कूद गया। युवक के घरवाले और पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे। जैसे-तैसे युवक को खेत से बाहर निकाला। पुलिस युवक को लेकर अस्पताल पहुंचती। वह 60 से 70 प्रतिशत झुलस चुका था। डॉक्टरों ने युवक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया है। पढ़ें पूरी खबर….
रईस आलम: अचानक बैठे-बैठे दिमाग में आया कि कुछ ऐसा करते हैं, जिससे 400-500 लोगों को कम पैसों में गिफ्ट देकर आगे के लिए कस्टमर बनाया जा सके। आगे रक्षाबंधन का त्योहार भी आ रहा था। हमारी सोच थी कि ज्यादा से ज्यादा 300 से 400 लोग आएंगे। इसी वजह से रात 12 बजे ऑफर का समय रखा था, ताकि बाहर की पब्लिक न आ पाए। सवाल: खुद को फेमस करने का इरादा था या दुकान प्रमोशन?
रईस आलम: मेरा जन्मदिन 16 अगस्त को होता है, लेकिन इस ऑफर का जन्मदिन से कोई लेना-देना नहीं था। हमें अपने कारोबार को रिप्रजेंट करना था। हम चाहते थे कि जो लोग हमें प्यार करते हैं और फॉलो करते हैं, वो हमारी दुकान पर आएं। लेकिन, हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि लोग हमें इतना प्यार करते हैं। यह Gen Z हैं। इनकी मोहब्बत माइंड ब्लोइंग और जबरदस्त है। सवाल: कब लगा कि हालात बेकाबू हो रहे हैं, फिर क्या किया?
रईस आलम: ऑफर की टाइमिंग रात 15 अगस्त को 11 बजकर 59 मिनट पर की थी। लेकिन, करीब 9:30 से 9:45 बजे से ही काफी संख्या में लोग जुटने लगे थे। लोगों की डिमांड थी कि मेरे साथ केक काटना है। मैं ऊपर खड़ा था और करीब 100 से 200 लोगों के हाथ में केक के पैकेट थे। यह देखकर समझ गया कि दुकान का शटर और लाइट बंद कर देनी चाहिए, ताकि लोग वापस लौट जाएं। सवाल: दुकान बंद करने की नौबत क्यों आई।
रईस आलम: पब्लिक बहुत ज्यादा हो गई थी। हमारे पास इतने गिफ्ट नहीं थे। यही सबसे बड़ी बात थी। मान लीजिए हम 100 या 200 लोगों को गिफ्ट दे देते, तो जो 500 से 1000 लोग पीछे बचते, उन्हें हम क्या देते? इसी वजह से दुकान को बंद करनी पड़ी। सवाल: आपको किस बात का सबसे ज्यादा अफसोस है।
रईस आलम: हम गलती स्वीकार करते हैं। आगे से ऐसा कभी नहीं करेंगे। कोर्ट में भी वादा किया है। कुछ नियम मुझे पता नहीं थे। इतनी बड़ी संख्या में पब्लिक आ जाएगी, इसका अंदाजा नहीं था। मैंने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। खुद सरेंडर किया था। हम कानून से बाहर नहीं हैं। मैं हिंदुस्तान के संविधान को हमेशा फॉलो करता हूं। सवाल: पुलिस के एक्शन पर क्या कहेंगे?
रईस आलम: अनवरगंज थाने की पुलिस और पुलिस कमिश्नर सर ने कानून का पालन किया। कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ। हां, भागते समय कुछ लोग गिरे और उनकी चप्पलें टूट गईं। जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उसमें लोग हंसते हुए नजर आ रहे हैं। सवाल: लोगों से किए वादे को अब कैसे पूरा करेंगे?
रईस आलम: अब समय बदल चुका है। उस ऑफर वाले वादे को तो पूरा नहीं करेंगे। लेकिन, जो लोग हमें प्यार करते हैं और कुछ लोग भावुक होकर दुकान पर आ रहे हैं, उन्हें जन्मदिन वाले दिन का गिफ्ट भी दे रहे हैं।
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