उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के चार जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट और पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर नदियों और बांधों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। कई नदियां उफान पर हैं, जबकि बांधों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। सोनभद्र में लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते कनहर बांध के 14 फाटक एक साथ खोलने पड़े। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड की ओर से लगातार पानी आने के कारण कनहर बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा। बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सभी 14 फाटकों को खोला गया। इसके बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार बांध और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क किया गया है। बारिश और बाढ़ की तस्वीरें देखिए… गंगा का जलस्तर बढ़ने से काशी में बदले हालात
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते पानी का असर अब घाटों और आसपास के धार्मिक स्थलों पर साफ दिखाई देने लगा है। घाटों के किनारे बने 100 से अधिक मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। कई मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्ते भी पानी की चपेट में आ गए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गए हैं। अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध स्थान लगातार कम हो रहा है। वहीं, नमो घाट की कई सीढ़ियां गंगा में डूब गई हैं। घाटों पर पानी बढ़ने के साथ ही लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। दशाश्वमेध घाट पर भी गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बुधवार को गंगा आरती छत पर कराई गई। आमतौर पर श्रद्धालु घाट की सीढ़ियों के पास बैठकर आरती देखते हैं, लेकिन पानी बढ़ने के कारण आयोजन स्थल को ऊपर करना पड़ा। 23 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियों में तेजी बनी रहने के आसार हैं। खासकर 20 और 21 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच अगले कुछ दिन यूपी के लिए अहम माने जा रहे हैं। कल कहां-कहां बारिश की संभावना? मानसून ट्रफ भी यूपी के ऊपर सक्रिय है
यूपी में बारिश बढ़ने की दूसरी बड़ी वजह मानसून ट्रफ यानी द्रोणी रेखा का सक्रिय होना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ अमृतसर, लुधियाना, मुरादाबाद, लखनऊ और वाराणसी से होकर गुजर रही है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यूपी में मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते पानी का असर अब घाटों और आसपास के धार्मिक स्थलों पर साफ दिखाई देने लगा है। घाटों के किनारे बने 100 से अधिक मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। कई मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्ते भी पानी की चपेट में आ गए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गए हैं। अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध स्थान लगातार कम हो रहा है। वहीं, नमो घाट की कई सीढ़ियां गंगा में डूब गई हैं। घाटों पर पानी बढ़ने के साथ ही लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। दशाश्वमेध घाट पर भी गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बुधवार को गंगा आरती छत पर कराई गई। आमतौर पर श्रद्धालु घाट की सीढ़ियों के पास बैठकर आरती देखते हैं, लेकिन पानी बढ़ने के कारण आयोजन स्थल को ऊपर करना पड़ा। 23 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियों में तेजी बनी रहने के आसार हैं। खासकर 20 और 21 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच अगले कुछ दिन यूपी के लिए अहम माने जा रहे हैं। कल कहां-कहां बारिश की संभावना? मानसून ट्रफ भी यूपी के ऊपर सक्रिय है
यूपी में बारिश बढ़ने की दूसरी बड़ी वजह मानसून ट्रफ यानी द्रोणी रेखा का सक्रिय होना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ अमृतसर, लुधियाना, मुरादाबाद, लखनऊ और वाराणसी से होकर गुजर रही है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यूपी में मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…