उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार शाम ‘ई-रिक्शा चलाओ, नौकरी के चक्कर में न पड़ो’ वाले बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ई-रिक्शा चलाने की बात नहीं कही थी। मेरे बयान को गलत तरीके से दिखाया गया। वह सहकारिता विभाग की ओर से संचालित भारत टैक्सी की लॉन्चिंग के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया था। बोले- अपनी टैक्सी खरीदकर रोजगार शुरू करें ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता विभाग की संस्था है। इसके चालकों को सारथी कहा जाता है। उन्होंने युवाओं से कहा था कि वे अपनी टैक्सी खरीदकर चलाएं। इससे रोजगार उनके अपने हाथ में रहेगा और उन्हें किसी के अधीन काम नहीं करना पड़ेगा। भारत टैक्सी से जुड़ने पर चालकों को शेयर होल्डिंग का प्रमाणपत्र भी मिलेगा। वे अपनी सुविधा के अनुसार टैक्सी चला सकेंगे। जब चाहें काम कर सकेंगे और जब चाहें परिवार के साथ समय बिता सकेंगे। बोले- मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया गया डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ लोगों ने उनकी बात को गलत तरीके से लिया। उन्होंने ई-रिक्शा का नाम नहीं लिया था। उनकी बातों को गलत तरीके से प्रसारित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी कंपनियों और विदेशी शक्तियों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। वे उनकी बातों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। कहा- मैं गरीबी में पढ़ा हूं, गरीबों का दर्द समझता हूं ब्रजेश पाठक ने कहा कि वह प्रदेश के युवाओं के साथ खड़े हैं और हर परिस्थिति में उनका साथ देंगे। उन्होंने कहा कि वह खुद गरीबी में पढ़े हैं और गरीबी को करीब से देखा है। इसलिए गरीबों की परेशानी समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गरीबों को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते। ऐसे लोग गलत वीडियो बनाकर उनका प्रचार कर रहे हैं। उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। अब जनता को तय करना है कि इस तरह के प्रयासों को किस नजर से देखना है।