यूपी में इस साल सूखा पड़ेगा, मानसून लेट हुआ:जून में हीटवेव चलेगी, बारिश के भरोसे रहे तो धान की खेती चौपट होगी

यूपी में इस साल मानसून सीजन में बारिश कम होगी। वेस्ट यूपी के 10 जिलों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। जबकि 60 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। वेस्ट यूपी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवात की वजह से जून के शुरुआती हफ्ते में बारिश होगी। इसके बाद भीषण गर्मी पड़ेगी। मतलब हीटवेव (लू) ज्यादा दिन चलेगी। इसका सीधा असर धान की खेती पर पड़ेगा। अगर किसान बारिश के भरोसे रहा तो धान की खेती चौपट हो सकती है। यूपी में 20 जून से पहले नहीं पहुंचेगा मानसून
आमतौर पर मानसून 1 जून को केरलम पहुंचता है। इस बार अंदाजा था कि यह इस बार 6 दिन पहले यानी 26 मई को ही केरलम आ जाएगा। लेकिन 29 मई के बाद भी यह केरलम के तट से करीब 30-35 किलोमीटर दूर ही रुका हुआ है। हालांकि, वहां थोड़ी-बहुत बारिश शुरू हो गई है, लेकिन मौसम विभाग इसे अभी मानसून की बारिश नहीं मान रहा है। यूपी में भी मानसून 18 से 20 जून के बीच पहुंचने के आसार बताए गए थे। लेकिन अब यहां भी मानसून लेट पहुंचेगा। लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह कहते हैं- मानसून कमजोर रहने वाला है, उसके यूपी पहुंचने की सटीक डेट बताना थोड़ा मुश्किल है। यूपी में 8% बारिश कम होगी
इस साल यूपी और पूरे देश में पिछले सालों के मुकाबले कम बारिश होने का अनुमान है। सामान्य तौर पर यूपी में मानसून सीजन (जून से सितंबर) में करीब 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन मौसम विभाग के नए अनुमान के मुताबिक, इस साल 8% कम यानी लगभग 754 से 773 मिलीमीटर तक ही पानी बरसेगा। वैज्ञानिक अतुल सिंह बताते हैं- बारिश के सामान्य, कम या ज्यादा होने का अनुमान लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के आधार पर लगाया जाता है। मौसम विभाग पिछले 50 सालों में हुई बारिश का एक औसत (एवरेज) निकालता है। इसी के आधार पर तय होता है कि बारिश सामान्य है या कम। साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना, वेस्ट यूपी में आंधी-तूफान के आसार
वेस्ट यूपी में 28 मई को बने मौसम सिस्टम (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) की वजह से अगले 2-3 दिन धूप और लू से थोड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज बारिश होने का भी अनुमान है। इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी। दिन और रात दोनों का तापमान आम दिनों के मुकाबले ज्यादा रहेगा। आमतौर पर जून के महीने में यूपी में दिन का तापमान 39°C से 41°C के बीच रहता है। हालांकि, इस साल यह इससे 1.5°C से 3°C तक ऊपर जा सकता है। हीटवेव (लू) के दिन दोगुने हुए
इस बार जून में हीटवेव भी सामान्य से ज्यादा दिन तक चलेगी। आमतौर पर जून में 2 से 3 दिन हीटवेव चलती है, लेकिन कम बारिश की वजह से ये बढ़कर 5 से 6 दिन तक चलने के आसार हैं। कम बारिश का सीधा असर खान की खेती पर
यूपी में खरीफ सीजन में खेती सीधे तौर पर मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। जुलाई और अगस्त के मुख्य महीनों में कम बारिश होने की वजह से धान और अन्य फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। मानसून कमजोर रहने के 2 मुख्य कारण हैं- 1. ‘अल नीनो’ का जल्दी सक्रिय होना
इस साल मानसून कमजोर रहने का सबसे बड़ा कारण अल नीनो है। भूमध्य रेखा के पास प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म होने से भारत में अक्सर सूखा पड़ता है या कम बारिश होती है। इसे ‘अल नीनो’ कहा जाता है। इस बार भी ऐसा ही है। पहले अनुमान था कि अल नीनो का असर मानसून के अंत में दिखेगा, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह जून की शुरुआत में ही एक्टिव हो रहा है और मानसून के दूसरे हिस्से (अगस्त-सितंबर) में और ज्यादा मजबूत हो जाएगा। इसके चलते यूपी समेत पूरे देश में कम बारिश का अनुमान है। 2. प्रशांत महासागर का चक्रवाती तूफान
पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक बेहद शक्तिशाली चक्रवाती तूफान डेवलप हुआ है। इस तूफान की तीव्रता इतनी ज्यादा है कि यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाले मानसूनी बादलों और सारी नमी को अपनी तरफ खींच रहा है। नमी न मिल पाने के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसलिए यूपी के इलाकों तक पहुंचने में इन्हें ज्यादा वक्त लगेगा। ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… ऐसी आंधी कि लोग हवा में उड़े, 111 जानें गईं:AC ब्लास्ट तो कहीं दिन में ‘रात’ जैसा अंधेरा; यूपी में ऐसा मौसम क्यों हो रहा? आसमान में उड़ता इंसान, फटते AC और सुबह 9 बजे ‘रात’ जैसा अंधेरा। ये किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, यूपी की गर्मी की तस्वीरें हैं। आखिर यूपी में मौसम इतनी तेजी से क्यों बदल रहा है? पूरी खबर पढ़ें…