यूपी में 69 जिलों में बारिश का अलर्ट:लखनऊ में बादल छाए, मऊ में सबसे अधिक 72 मिमी बरसा पानी; नदियां उफनाईं

यूपी में आज 69 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इसमें 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर में मौसम साफ रहेगा। गुरुवार को लखनऊ में सुबह से बादल छाए हैं। बुधवार को यूपी के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 72 मिमी वर्षा मऊ में रिकॉर्ड की गई। ललितपुर में 70 मिमी, सोनभद्र में 58 मिमी तथा प्रयागराज में 41.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। किनारों पर बसे गांवों में पानी घुस गया है। सड़कों और खेतों में मगरमच्छ दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। सोनभद्र में घाघरा नदी का पानी बढ़ने से जिला जेल की सड़क बह गई। वाराणसी में अस्सी घाट से नमो घाट तक 50 छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए हैं। बुधवार की 2 तस्वीरें देखिए-
क्षेत्रीय मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। इसके साथ ही मानसून द्रोणी (मानसून ट्रफ) भी अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है।इसके कारण उत्तर प्रदेश में 23 से 25 जुलाई के बीच मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रदेश में 23 जुलाई को कहां-कहां बारिश के आसार, देखिए
क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून द्रोणी का दक्षिण की ओर खिसकना और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का कमजोर होना उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी का प्रमुख कारण है। मानसूनी सक्रियता फिलहाल पश्चिम-मध्य भारत की ओर स्थानांतरित हो गई है, जिसके चलते प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना कम हो गई है। 26 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 और 27 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि नए मौसमीय तंत्र सक्रिय होते हैं, तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है, इसलिए कृषि कार्य मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर करें। वहीं, जिन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, वहां लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज देखिए- यूपी में मानसून में कम बारिश के आसार, वजह जानिए
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं, जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।