करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे से पुलिस ने साढ़े 6 घंटे के अंदर सिलसिलेवार ढंग से कुल 120 सवाल पूछे हैं। कारोबारी की मौत होने के बाद चेहरे और पेट में लिपिस्टिक लगी मिली थी। इस पर पुलिस ने आरोपी श्रद्धा से सवाल किया, तो उसने कहा शिवा मेरा बॉयफ्रेंड था। मैने उसे नहीं मारा। वह एक सुसाइड था। उसने बताया कि घटना के दिन सुबह हम लोग सुबह 7 बजे घूम कर आए थे और शाम 5 बजे सोये। इसके बाद शिवा ने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों से श्रद्धा, रश्मि और दानिश से अलग-अलग कमरें में पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि श्रद्धा नेपाल से लखनऊ पहुंची। इसके बाद आगरा होते हुए नागपुर निकल गई। मंगलवार को आरोपी श्रद्धा उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को यूपी एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस की दो टीमें कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर गुरुवार सुबह तीनों को लेकर लखनऊ पहुंची। यहां हजरतगंज थाने में तीनों से पूछताछ के बाद सिविल अस्पताल में मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। श्रद्धा की गिरफ्तारी, लखनऊ लाने के दौरान की 3 तस्वीरें… तीनों के पास से दो मोबाइल बरामद किए श्रद्धा दुबे उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश ने थाने में ही मेडिकल कराने की मांग की थी, जिसे पुलिस ने सिरे से नकार दिया। आरोपियों ने कहा था कि बाहर बड़ी संख्या में मीडिया है। इसलिए उनका मेडिकल यहीं कराया जाए। फिलहाल पुलिस ने दो मोबाइल बरामद की है, उसमें 9 अक्टूबर के बाद कोई फेस टाइम नहीं है। यह मोबाइल एप्पल कंपनी का 17 प्रो मैक्स है। पुलिस पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने कहा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है इसके कारण उसके दाने निकल गए हैं। मॉडल ने कहा- देर शाम तक सोये, रात में घटना हुई कारोबारी शिवा की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हुई थी। जब उसका शव मिला, तो उसके चेहरे और पेट में लिपिस्टिक लगा था। शिवा शर्मा के चेहरे और पेट में लिपस्टिक लगे होने के सवाल पर श्रद्धा ने बताया कि वह उसका बॉयफ्रेंड था। इसलिए उसके चेहरे पर लिपिस्टिक लगी थी। वहीं घटना के दिन सुबह करीब 7 बजे के आसपास श्रद्धा दुबे शिव शर्मा सहित अन्य लोग अवध ग्रीन अपार्टमेंट पर पहुंचे थे। इसके बाद देर शाम तक सोए। जिसके बाद रात में यह घटना हुई है। 12 घंटे से अधिक किसी शहर में नहीं रुकी मामले में पुलिस की तरफ से लुक आउट सर्कुलर भी जारी कर दिया गया था ताकि श्रद्धा और उसके साथ जो आरोपी है वह विदेश ना भाग सके। फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे किसी भी शहर में 12 घंटे से अधिक नहीं रुकती थी। इसी कारण 11 दिनों तक पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी। दरअसल, आईपी एड्रेस में पोर्ट नंबर गलत आ रहा था। इससे लोकेशन गलत आने से टीमें गलत डायरेक्शन में चली जाती थीं। इसी के चलते एक टीम प्रयागराज गई थी, जबकि जिस दिन नागपुर से श्रद्धा की गिरफ्तारी हुई थी। कई शहरों में टीमों ने किया तलाश उस दिन भी नागपुर के ही एक दूसरे लोकेशन पर इसी टेक्निकल खामी के चलते पुलिस टीम को जाना पड़ा था। वहां पर एसटीएफ टीम गलत ठिकाने पर पहुंच गई थी। लेकिन जब श्रद्धा की होटल में लोकेशन कंफर्म हुई तो उसी ठिकाने पर टीम को वापस बुला लिया गया। इस बीच 4 घंटे में आईपी एड्रेस अपडेट होता है। साथ ही 12 घंटे में अन्य डिटेल आती थीं। इसके कारण 16 घंटे की देरी से पुलिस को लोकेशन ट्रैक होती है। इसके चलते श्रद्धा को हर 12 घंटे में भागने का मौका मिल जा रहा था। घटना से पहले शिवा और श्रद्धा में हुआ था झगड़ा पुलिस पूछताछ में सामने आया है की घटना के दिन शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे में झगड़ा हुआ था। इसके बाद यह पूरी घटना हुई। फिलहाल मामले में श्रद्धा दुबे की मेड का बयान पुलिस ने दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पड़ोसियों का भी बयान लिया गया है, जिन लोगों ने शिवा शर्मा के गिरने के बाद उसे अस्पताल ले जाने में मदद की थी। उनके बयान के साथ आस अन्य लोग जो इन दोनों को करीब से जानते थे, उनका बयान भी दर्ज किया है। लोग VVIP बोलेंगे इसलिए ट्रॉली बैग छोड़कर बुर्का पहना श्रद्धा दुबे ने घटना के बाद नेपाल भगाते हुए ट्राली बैग छोड़ दिया था। क्योंकि इसके साथ के लोगों ने महाराजगंज में इसे सलाह दी थी, कि बॉर्डर क्रॉस करते वक्त अगर ट्रॉली बैग हाथ में रहेगा तो लोग वीवीआईपी समझेंगे। अगर झोला लेकर और बुर्के में जाएंगे तो यहां का स्थानीय और सामान्य नागरिक समझेंगे। यह इलाका मुस्लिम बेल्ट होने के चलते श्रद्धा ने यह ट्रिक अपनाई थी। साथ ही आइडेंटिटी छुपाने को लेकर भी अलर्ट मोड में थी। लोगों ने सलाह दी पुलिस पकड़ेगी तो मारेगी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि श्रद्धा के करीबी लोगों ने उसे सलाह दी कि जब तुम्हें पुलिस पकड़ लेगी तो वह तुम्हें बहुत मारेगी। इसी के चलते उसने बयान दिया कि वह डर गई थी और इस कारण वह भाग रही थी। घटना के बाद उसने अपनी सिम भी फेंक दी थी। उसने अपने रायबरेली स्थित घर जाने की भी कोशिश की थी लेकिन डर के चलते वहां तक नहीं जा पाई थी। फेरारी के दौरान उसके पास से कैश पेमेंट भी खत्म हो गया था। गिरफ्तारी के दौरान सिर्फ 25 हजार ही बचे थे। अब पढ़िए पूरा मामला क्या है… 9 अक्टूबर को हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शिवा पिछले 4 महीने से श्रद्धा के साथ लिव-इन में रह रहा था। घटना के बाद उसकी बॉडी पर सिर्फ अंडरवियर था। चेहरे पर लिपस्टिक लगी हुई थी। शरीर पर कई जगह सिगरेट से जलाने के निशान भी मिले थे। शिवा की मां रंजना शर्मा ने उसकी मौत के मामले में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर आदिल समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि श्रद्धा ने ही शिवा को चौथी मंजिल से धक्का दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ……………………. संबंधित खबर भी पढ़िए- मॉडल श्रद्धा को 10 दिन के लिए जेल भेजा:लखनऊ पुलिस वैन में हाथ जोड़े, थाने में 6 घंटे पूछताछ, बोली- वकील से बात करिए मॉडल श्रद्धा दुबे को लखनऊ कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेज दिया। उसने वैन में बैठने के बाद मीडिया के सामने हाथ जोड़ लिए। उसके साथ बहन रश्मि और ड्राइवर को भी जेल भेजा गया। इससे पहले लखनऊ पुलिस श्रद्धा, बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को नागपुर से लखनऊ लाई थी। गुरुवार सुबह 10 बजे जब श्रद्धा हजरतगंज थाने पहुंची, तो अपना मुंह छिपाती दिखी। पढ़िए पूरी खबर