प्रयागराज में 8 साल की बच्ची जिस स्कूली वैन से उतरी उसी से कुचल गई। उसका बैग गाड़ी में फंस गया था। ड्राइवर को पता ही नहीं चला और उसने तेजी से बैक कर बच्ची को टक्कर मार कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी भी सामने आया है। सीसीटीवी में दिख रहा है कि स्कूली वैन के टायर के पास बच्ची पड़ी है। दीवार और जमीन पर खून ही खून बिखरा है। अफरातफरी के बीच चीख पुकार मचती है। सब दौड़ते बच्ची को देख सबकी हिम्मत जवाब दे जाती है। बच्ची की दादी कादंबनी पाठक बदहवासी की हालत में चीखते हुए इधर उधर दौड़ती नजर आती है। ड्राइवर भागने की कोशिश करता है तो वह ईंट उठाकर उसके पीछे भागती है। पूरी गली में अफरातफरी के बीच चीखें गूंजती हैं। वैन को हटाकर बच्ची को दूसरी गाड़ी से अस्पताल ले जाया जाता है। सीसीटीवी में बदहवासी, दर्द, चीखों का मंजर नजर आता है। बच्ची की मौत से पूरा मुहल्ला सदमे में है। परिवार में पूरी रात चीखें गूंजती रहीं। बारी बारी बच्ची को गोद में लेकर हर कोई बिलखता रहा। 3 तस्वीरें देखिए… शव लिपटाए रहे घरवाले, पुलिस की हिम्मत नहीं हुई हादसा इतना दर्दनाक था कि हर किसी का कलेजा कांप गया। परिवार के लोग बच्ची का शव गोद में लेकर चीखते रहे। कभी मां, कभी दादी तो कभी चाचा उसे गोद में लिए रहे। ऐसे में दोपहर से रात हो गई लेकिन पुलिस की हिम्मत नहीं हुई कि वह शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे। घरवाले यह चाहते भी नहीं थे। सभी का कहना था कि पिता को आने दें। रात में पिता भी दिल्ली से प्रयागराज पहुंच गए। वह भी फफक फफक कर रोते रहे। अब पढ़िए पूरा मामला
प्रयागराज के नैनी इलाके में प्रयाग पुरम की रहने वाली तस्वनी उदयांसी पाठक दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में पढ़ती थी। उसके पिता मनीष कुमार पाठक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां आरती दुबे गोरखपुर में सरकारी टीचर है। इन दिनों छुट्टी घर आई हैं। उदयांसी अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। माता-पिता के बाहर नौकरी करने की वजह से बच्ची अपने दादा सुरेश पाठक और दादी कादंबनी पाठक के साथ रहती थी। सुरेश पाठक मूल रूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं, लेकिन अब प्रयागराज में बस चुके हैं। वह सेक्शन इंजीनियर पद से रिटायर्ड हुए हैं। घरवालों ने बच्ची को स्कूल आने-जाने के लिए वैन लगा रखी थी। दादी बोलीं- गाड़ी और दीवार के बीच फंस गई थी बच्ची
बच्ची की दादी कादंबनी पाठक ने बताया- उदयांसी स्कूल से आने के बाद घर के दरवाजे पर वैन से उतरी। वह वैन से उतरकर अपना बैग निकाल रही थी। बच्ची दीवार की तरफ खड़ी थी। इसी बीच उसका बैग वैन में फंस गया। ड्राइवर ने तेज रफ्तार में गाड़ी पीछे की, तो बच्ची उसकी चपेट में आकर दीवार से जा टकराई। वह गाड़ी और दीवार के बीच फंस गई। हादसे के बाद मौके पर खून बिखर गया। इसके बाद हम लोग बच्ची को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची का शव घर पहुंचा, तो चीख-पुकार मच गई। पूरा परिवार बदहवासी की हालत में चीखता रहा। मां की हालत खराब हो गई। वह कई बार बेहोश हो गई। बच्ची की लाश गोद में लेकर चाचा रोते रहे
बच्ची के चाचा पुष्पेंद्र पाठक बच्ची को गोद में लेकर रोते रहे। उन्होंने बताया कि बच्ची को प्यार से सब लोग ताशी बुलाते थे। कल वह परिवार के साथ दशहरा मेला घूमने गई थी। बहुत सारा सामान खरीदा था। आज उसकी मौत हो गई। स्कूल वैन चालक का नाम सत्यपाल है। वह रेही खुर्द के रहने वाले दयाराम पाल का बेटा है। पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया है। बच्ची के घर पर फोर्स मौजूद
नैनी इंस्पेक्टर अविनाश कुमार सिंह ने बताया- हादसे में बच्ची की मौत हुई है। चालक को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। बच्ची के घर पर फोर्स मौजूद है। अभी बच्ची के परिवार रो रहे हैं, इसलिए शव का पोस्टमॉर्टम कराने को लेकर बात नहीं हो सकी है। —————- ये भी पढ़ें- बिजनौर में SSB जवान के पिता की गोली मारकर हत्या: सीने और पेट में मारी दो गोलियां, ट्रैक्टर की सीट पर मिला खून से लथपथ शव बिजनौर में एसएसबी जवान के पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। बुधवार रात 10 बजे उनका ट्रैक्टर पर खून से लथपथ शव पड़ा मिला। हमलावरों ने 3 गोली मरी। एक गोली पेट में और एक सीने में लगी। एक गोली जमीन पर पड़ी थी। बेटा लखनऊ में एसएसबी में पोस्टेड है। पढ़िए पूरी खबर…
प्रयागराज के नैनी इलाके में प्रयाग पुरम की रहने वाली तस्वनी उदयांसी पाठक दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में पढ़ती थी। उसके पिता मनीष कुमार पाठक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां आरती दुबे गोरखपुर में सरकारी टीचर है। इन दिनों छुट्टी घर आई हैं। उदयांसी अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। माता-पिता के बाहर नौकरी करने की वजह से बच्ची अपने दादा सुरेश पाठक और दादी कादंबनी पाठक के साथ रहती थी। सुरेश पाठक मूल रूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं, लेकिन अब प्रयागराज में बस चुके हैं। वह सेक्शन इंजीनियर पद से रिटायर्ड हुए हैं। घरवालों ने बच्ची को स्कूल आने-जाने के लिए वैन लगा रखी थी। दादी बोलीं- गाड़ी और दीवार के बीच फंस गई थी बच्ची
बच्ची की दादी कादंबनी पाठक ने बताया- उदयांसी स्कूल से आने के बाद घर के दरवाजे पर वैन से उतरी। वह वैन से उतरकर अपना बैग निकाल रही थी। बच्ची दीवार की तरफ खड़ी थी। इसी बीच उसका बैग वैन में फंस गया। ड्राइवर ने तेज रफ्तार में गाड़ी पीछे की, तो बच्ची उसकी चपेट में आकर दीवार से जा टकराई। वह गाड़ी और दीवार के बीच फंस गई। हादसे के बाद मौके पर खून बिखर गया। इसके बाद हम लोग बच्ची को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची का शव घर पहुंचा, तो चीख-पुकार मच गई। पूरा परिवार बदहवासी की हालत में चीखता रहा। मां की हालत खराब हो गई। वह कई बार बेहोश हो गई। बच्ची की लाश गोद में लेकर चाचा रोते रहे
बच्ची के चाचा पुष्पेंद्र पाठक बच्ची को गोद में लेकर रोते रहे। उन्होंने बताया कि बच्ची को प्यार से सब लोग ताशी बुलाते थे। कल वह परिवार के साथ दशहरा मेला घूमने गई थी। बहुत सारा सामान खरीदा था। आज उसकी मौत हो गई। स्कूल वैन चालक का नाम सत्यपाल है। वह रेही खुर्द के रहने वाले दयाराम पाल का बेटा है। पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया है। बच्ची के घर पर फोर्स मौजूद
नैनी इंस्पेक्टर अविनाश कुमार सिंह ने बताया- हादसे में बच्ची की मौत हुई है। चालक को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। बच्ची के घर पर फोर्स मौजूद है। अभी बच्ची के परिवार रो रहे हैं, इसलिए शव का पोस्टमॉर्टम कराने को लेकर बात नहीं हो सकी है। —————- ये भी पढ़ें- बिजनौर में SSB जवान के पिता की गोली मारकर हत्या: सीने और पेट में मारी दो गोलियां, ट्रैक्टर की सीट पर मिला खून से लथपथ शव बिजनौर में एसएसबी जवान के पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। बुधवार रात 10 बजे उनका ट्रैक्टर पर खून से लथपथ शव पड़ा मिला। हमलावरों ने 3 गोली मरी। एक गोली पेट में और एक सीने में लगी। एक गोली जमीन पर पड़ी थी। बेटा लखनऊ में एसएसबी में पोस्टेड है। पढ़िए पूरी खबर…