मेरठ में भाजपा नेता और कैंट बोर्ड के नामित सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को CBI ने 3 लाख रुपए घूस लेते अरेस्ट किया। सतीश ने अपने राजनीतिक कनेक्शन का फायदा उठाकर तमाम संपत्ति बना ली। ये संपत्ति उसने कैंट बोर्ड का सदस्य बनने के बाद और बढ़ा ली। छावनी परिषद् में सड़क से लेकर सफाई, तहबाजारी, कचरा उठान, निर्माण कामों के तमाम ठेकों में उन पर ठेकेदारों से रिश्वत लेने के आरोप हैं। आरोप ये भी है कि कैंट में होने वाले निर्माण कामों की अनुमति से लेकर नए कंस्ट्रक्शन, रिपेयरिंग में भी सतीश चंद्र शर्मा पहले अपना कमीशन सेट करते, इसके बाद कोई काम आगे बढ़ता। सतीश की अंसल टाउन में एक कोठी, एक प्लॉट, लालकुर्ती में पुराना मकान, क्लिनिक और जागृति विहार में भी क्लिनिक है। अब इन सभी की जांच CBI कर रही है। कैंट विधानसभा में भाजपा नेताओं का चुनाव संयोजक बनते-बनते वो छावनी बोर्ड की राजनीति में एंट्री कर गए। यहीं से भ्रष्टाचार का बड़ा रास्ता तैयार कर लिया। CBI ने रिश्वत लेते किया था अरेस्ट मेरठ छावनी बोर्ड में रक्षा मंत्रालय की ओर से नामित सदस्य डॉ. सतीश शर्मा के यहां सीबीआई की टीम ने शुक्रवार रात रेड डाली। टीम सतीश के अंसल टाउन, पल्लवपुरम, मोदीपुरम के मकान में पहुंची। जहां डॉ. सतीश को ठेकेदार विक्की द्वारा 3 लाख रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद टीम ने डॉ. सतीश के घर की तलाशी ली। घर के अंदर से काफी डॉक्यूमेंट जब्त किए हैं। परिवार के लोगों के मोबाइल भी लिए हैं। चेकिंग के दौरान घर में 50 लाख रुपए कैश मिलने की भी बात सामने आ रही है। शनिवार तड़के तक टीमें सतीश के लालकुर्ती और अंसल टाउन के मकानों, क्लिनिक में छापेमारी करती रहीं। फिर रिकॉर्ड लेकर चली गईं। गाजियाबाद से सीबीआई की टीम ठेकेदार विक्की की शिकायत पर मेरठ पहुंची थी। ठेकेदार का आरोप है कि डॉ. शर्मा ने कैंट में पार्किंग और अन्य ठेकों के रिन्यूवल के लिए उससे 9 लाख की रिश्वत मांगी थी, लेकिन बात 3 लाख पर फाइनल हुई थी। यही रकम उसे देना था, इसकी शिकायत उसने सीबीआई से की थी। BJP के पुराने नेता होने का उठाया फायदा डॉ. शर्मा भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। 82 साल के डॉ. सतीश कॉलेज के दिनों से जनसंघ और भाजपा से जुड़े हैं। लंबे समय तक पार्टी की सेवा करने के कारण ही उनके बड़े नेताओं से संपर्क हैं। इसका फायदा उन्होंने कैंट बोर्ड का सदस्य बनने में उठाया। आरोप है कि सदस्य बनते ही डॉ. सतीश ठेकों में भ्रष्टाचार और पैसे लेकर ठेके दिलाने, अवैध निर्माण कराने के नाम पर धनउगाही में लग गए। पार्टी नेताओं की तरफ से उनकी शिकायतें पहले भी हो चुकी हैं, लगातार उनके खिलाफ अंदरखाने शिकायतें चल रही थीं। विधायकों के चुनाव में संभाला पूरा जिम्मा कैंट सीट पर विधानसभा चुनाव में संयोजक की जिम्मेदारी संभाली है। पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, वर्तमान विधायक अमित अग्रवाल, सांसद राजेंद्र अग्रवाल और वर्तमान सांसद अरुण गोविल के चुनाव में कैंट विधानसभा का पूरा काम संभाला। भाजपा में मंडल अध्यक्ष, कैंट विधानसभा के संयोजक रहे, प्रदेश कार्यसमिति में अहम पद पर रहे हैं। भाजपा में पूर्व महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, अरुण जिंदल, अजय गुप्ता सहित पुराने नेताओं से खासी करीबी है। चर्चा है कि भाजपा के पुराने नेताओं, माननीयों की सिफारिश पर ही इन्हें बोर्ड का सदस्य बनाया गया। जो लगातार जारी है। ठेकों से लेकर पार्टी में टिकट वितरण में सिफारिश करने में भी नाम सामने आया है। इन्हीं नेताओं ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से सिफारिश करके सतीश शर्मा को कैंट बोर्ड में सदस्य बनवाया। अंसल टाउन में 800 गज जमीन परिवार में पत्नी, बेटा विनीत जो डॉक्टर है, बहू स्माइली, पोती, पोता है। पोता, पोती सोफिया, सेंटमेरीज स्कूल में पढ़ते हैं। दो बेटियां हैं। दोनों की शादियां हो चुकी हैं। एक बेटी मेरठ और एक बेटी बाहर रहती है। बेटा जागृति विहार में अपना क्लिनिक चलाता है। जबकि डॉ. सतीश लालकुर्ती में क्लिनिक चलाते हैं। लालकुर्ती में पुराना मकान, क्लिनिक है। जागृति विहार में क्लिनिक है। अंसल टाउन में 500 गज में एक कोठी, 300 गज में एक और प्लॉट खरीदा है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- फिरोजाबाद में एकतरफा प्यार में मासूम को 8 बार पटका: प्रपोजल ठुकराने से नाराज था, पुलिस ने आरोपी को पैर में गोली मारकर पकड़ा फिरोजाबाद में एकतरफा प्यार में युवक ने महिला के डेढ़ साल के मासूम की पटक-पटक कर हत्या कर दी। वह प्रपोजल ठुकराने से गुस्से में था। उसने जमीन पर मासूम को 8 बार उठाकर जोर से पटका। आरोपी महिला का रिश्तेदार है। पूरी घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। वीडियो में घर से कुछ दूर गली में आरोपी मासूम को उठाकर जमीन पर पटकता दिख रहा है। पटकने के दौरान वह इधर-उधर भी देखता है। पढ़ें पूरी खबर.…