मध्य प्रदेश में शनिवार-रविवार को 3 अलग-अलग हादसों में 6 युवकों की मौत हो गई। रीवा की तमस नदी और जबलपुर की नर्मदा नदी में नहाने गए दो-दो दोस्तों की डूबने से जान चली गई, जबकि ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक मनाने पहुंचे MBBS के दो छात्र गहरे पानी में समा गए। सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। रीवा हादसे में उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ निवासी कुणाल मिश्रा (19) और विशेष मिश्रा (18) की मौत हुई। जबलपुर के गौर चौकी क्षेत्र के ग्राम चौखड़ा निवासी ध्रुव पटेल (19) और सागर पटेल (17) की जान चली गई। वहीं, ग्वालियर के तिघरा डैम हादसे में सागर जिले के बीना निवासी गोपाल अग्रवाल और बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव की मौत हो गई। तीनों हादसों से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… पहला हादसा: रीवा की तमस नदी में डूबे UP के 2 युवक रीवा जिले की गौरा तमस नदी में रविवार को उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भारत नगर निवासी परिवार के 6 सदस्य नहाने पहुंचे थे। यह स्थान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। नहाते समय एक युवक अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा युवक भी नदी में कूद पड़ा, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूब गए। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। 2 के शव बरामद, एक की बची जान ग्रामीणों ने मशक्कत कर एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कुणाल मिश्रा और विशेष मिश्रा को नहीं बचाया जा सका। बाद में रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पहले ब्लास्टिंग कर पत्थर निकाले जाते थे। इससे नदी के भीतर कई गहरे गड्ढे बन गए हैं। पानी भरा होने के कारण इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और इसे हादसों की बड़ी वजह माना जा रहा है। MP और UP पुलिस मौके पर पहुंची सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश की चाकघाट पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल दोनों राज्यों की सीमा पर है, इसलिए क्षेत्राधिकार तय कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरा हादसा: दोस्त को बचाने उतरा, खुद भी नर्मदा में डूब गया जबलपुर के गौर चौकी क्षेत्र स्थित सिलुआ घाट पर रविवार दोपहर नर्मदा नदी में नहाने गए दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। ग्राम चौखड़ा निवासी ध्रुव पटेल और सागर पटेल अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ रविवार सुबह करीब 11 बजे सिलुआ घाट पहुंचे थे। सभी नदी किनारे नहा रहे थे। नहाते समय ध्रुव गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए सागर नदी में उतरा, लेकिन दोनों गहरे भंवर में फंस गए और देखते ही देखते पानी में लापता हो गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम दोस्तों के शोर मचाने पर घाट पर मौजूद नाविक दोनों को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक दोनों डूब चुके थे। गौर चौकी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों युवकों के शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर चट्टानों के पास फंसे मिले। पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। तीसरा हादसा: ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे मेडिकल कॉलेज के 2 छात्र गजराराजा मेडिकल कॉलेज के MBBS सेकंड ईयर के छात्र गोपाल अग्रवाल और आयुष श्रीवास्तव शनिवार शाम तिघरा डैम में डूब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पैर फिसलने से दोनों का संतुलन बिगड़ा और वे गहरे पानी में चले गए। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों के शव बरामद कर लिए। मेडिकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं का ग्रुप शनिवार शाम तिघरा डैम पहुंचा था। इसमें 4 छात्र और 4 छात्राएं थीं। सभी बोट क्लब से करीब 3 किलोमीटर दूर प्रतिबंधित कच्ची पार इलाके में गए थे। शाम करीब 7 बजे आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी में उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पथरीले किनारे पर अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वे गहरे पानी में चले गए। किनारे पर मिले जूते-कपड़े, रातभर चला रेस्क्यू दोनों काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो साथियों ने तलाश शुरू की। डैम किनारे उनके जूते और कपड़े सलीके से रखे मिले, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी। सीएसपी कृष्णपाल सिंह, पुलिस बल, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने शनिवार देर रात गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया था। आयुष श्रीवास्तव का शव रविवार दोपहर करीब 2 बजे 50 फीट गहराई में पत्थरों और झाड़ियों के बीच फंसा मिला। पहली बार में NEET क्रैक किया था गोपाल गोपाल अग्रवाल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे और परिवार के लाड़ले थे। वे पढ़ाई में होशियार थे और 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने ग्वालियर आए थे। परिजनों के अनुसार, पिता कोई खास काम नहीं करते थे, इसलिए बड़े भाई पीयूष उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे। गोपाल अक्सर कहते थे कि डॉक्टर बनकर बड़े भाई का सहारा बनेंगे, लेकिन इस हादसे ने परिवार के सपने तोड़ दिए। दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले थे। दोनों छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई थी और वे ग्वालियर पहुंच गए थे। डीन बोले- मेडिकल कॉलेज के लिए बहुत बड़ी क्षति गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा, यह बेहद दर्दनाक और दुखद घटना है। हमारे होनहार छात्र पिकनिक पर गए थे और वहां यह हादसा हो गया। यह ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। इस समय संस्थान और छात्रों के परिवारों पर क्या गुजर रही है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पढ़ें पूरी खबर…