जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें ढहाने के आदेश के बाद से भाजपा और सपा के बीच राजनीति तेज है। भाजपा इसे ‘भूमाफिया’ पर कार्रवाई बता रही है। वहीं, सपा, भाजपा को ‘यूनिवर्सिटी तोड़ने वाला आक्रांता’ कह रही है। इसे कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट और NEET पेपर लीक से जोड़कर यूपी की भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। क्या विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा? अगर इमारतें अवैध हैं. तो सपा विरोध क्यों कर रही? जानेंगे यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या जौहर यूनिवर्सिटी का मामला पूरी तरह से राजनीतिक है? जवाब: मामले को पूरी तरह राजनीतिक कहना सही नहीं है। इसके पीछे कुछ कानूनी पहलू भी हैं। पूरा मामला समझने के लिए इन दोनों पहलुओं को जानना होगा। पहले कानूनी पहलू जान लेते हैं… अब मामले के राजनीतिक पहलू जानते हैं… सवाल-2: इमारतें अवैध हैं, तो सपा विरोध क्यों कर रही? जवाब: सीधे तौर पर इसके 4 बड़े राजनीतिक कारण नजर आते हैं… सवाल-3: यूनिवर्सिटी पर हुई इस कार्रवाई से भाजपा को कितना नुकसान होगा? जवाब: यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक होने से भाजपा और सपा इस मुद्दे को अपने तरीके से भुनाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में किसी पार्टी के नुकसान या फायदे के बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि, दोनों ही संभावनाओं के पीछे कुछ आधार नजर आते हैं। पहले जानिए फायदा किस तरह होगा… अब जानिए नुकसान क्यों हो सकता है… सवाल-4: अब आगे क्या होगा, क्या पूरी यूनिवर्सिटी टूट जाएगी? जवाब: जब तक जौहर ट्रस्ट अपने सभी न्यायिक विकल्पों (कमिश्नर कोर्ट, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट) का इस्तेमाल नहीं कर लेता, तब तक यूनिवर्सिटी गिराने के आदेश पर रोक की पूरी संभावना है। ट्रस्ट ने मुरादाबाद मंडल कमिश्नर की अदालत में RDA का आदेश रोकने की अपील की है। 28 जुलाई को सुनवाई है। अगर यहां से राहत नहीं मिलती, तो हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। इसके बाद तीन स्थितियां नजर आती हैं… ——————————- यह एक्सप्लेनर भी पढ़ें… चंपत राय को क्लीन चिट, अनिल मिश्रा मुख्य आरोपी, 5 संकेत, जो राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का अंजाम बता रहे अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अचानक मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पक्ष में माहौल बनता दिख रहा है, जबकि आरोपों का पूरा ठीकरा पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर फूट सकता है। संकेतों और एक्सपर्ट्स से जानेंगे पूरी कहानी, यूपी एक्सप्लेनर में…