बेटे को छुड़ाने गई मां को वाहन ने रौंदा, मौत:बेटा बोला- पुलिस ने बिना अपराध बैठाए रखा, बुरी तरह पीटा, मौत के बाद रिहा किया

आगरा के थाना एत्मादपुर में बेटे को पुलिस से छुड़ाने आई मां और उसकी साथी महिला को पुलिस चौकी के सामने वाहन ने रौंद दिया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। मां की मौत के बाद बेटे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटे का कहना है कि उसके ऑटो में दो युवक गांजा पी रहे थे। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मारपीट की। उन पर आप्राकृतिक कृत्य करने का दबाव डाला। उसने मां को सूचना दी। मां उसे छुड़ाने आई तो चौकी के सामने वाहन ने रौंद दिया। इसके बाद भी पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा। रात तीन बजे उसे छोड़ा गया। इस मामले में डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने एसीपी को जांच दी है।
मामला सोमवार शाम साढे़ 6 बजे का है। एक ऑटो में कपिल रावत अपने साथी गुलशन के साथ एत्मादपुर की ओर जा रहा था। कपिल का कहना है कि ऑटो वो चला रहा था। पीछे दो युवक बैठे थे। छलेसर के पास पुलिस ने उन्हें हाथ दिया तो उसने ऑटो रोक लिया। पुलिस को देखकर पीछे बैठे दोनों युवक भाग गए। पुलिस कर्मी उनको पकड़ने के लिए दौड़े। इसमें एक पुलिस कर्मी गिर गया, उसके चोट लग गई। दोनों युवक भाग गए। पुलिस का कहना था कि दोनों युवक गांजा पी रहे थे। उनके भागने पर उसे और गुलशन को पकड़ लिया। हालांकि उसने पुलिस से कहाकि उसे नहीं पता कि पीछे वाले लड़के क्या कर रहे थे। इसके बाद उन्हें छलेसर पुलिस चौकी ले आए। पुलिस वाला बोला- पेंट उतारो पुलिस कर्मी उनसे कह रहे थे कि गांजा सप्लाई करते हो। उसने बताया कि वो ऑटो चालक है। उसे नहीं पता था कि पीछे वाले लड़के क्या कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस कर्मी ने उसके साथ मारपीट की। युवक का आरोप है कि चौकी में एक पुलिस कर्मी ने दोनों से कपडे़ उतारने को कहा। उन पर गलत काम के लिए दबाव बनाया। इसके बाद उनके साथ मारपीट भी की गई। उसने अपनी मां को फोन कर बताया कि छलेसर चौकी पर उसको बंद कर लिया है। मां सुनीता अपनी मकान मालकिन को लेकर रात करीब 9 बजे उसे छुड़ाने चौकी पर आ रही थीं। छलेसर पुलिस चौकी के सामने सड़क पार करते हुए अज्ञात वाहन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मकान मालकिन की मौके पर मौत हो गई, जबकि कपिल की मां गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। फोटो दिखाकर तस्दीक की
कपिल का कहना है कि रात को एक पुलिस कर्मी ने उसको मकान मालकिन सिया शर्मा का फोटो दिखाकर पूछा कि इन्हें जानते हो। उसने बताया कि मकान मालकिन है। तब बताया कि इनकी हादसे में मौत हो गई है। जब उसने अपनी मां के बारे में पूछा तो बताया कि उनके हल्की चोट है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वो अपनी मां से मिलने के लिए पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा। हाथ जोड़ता रहा। मगर, पुलिस ने उसकी एक न सुनी। देर रात थाने से दी बेल
कपिल ने बताया रात को उसे पुलिस चौकी से थाना एत्मादपुर ले जाया गया। वहां पर उससे कागजों पर साइन कराया गया। इसके बाद रात को जीप में बैठाकर उसे रास्ते में छोड़ दिया गया। तब उसे पता चला कि उसकी मां की मौत हो गई है। उसका कोई दोष नहीं था। पुलिस ने उसे जबरन चौकी में बैठाए रखा। इसके चलते ही उसकी मां की जान गई है। पुलिस बोली- कोई मारपीट नहीं हुई
इस मामले में थाना प्रभारी एत्मादपुर आलोक कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान दोनों को पकड़ा था। ऑटो में बैठे दो युवक गांजा पी रहे थे। वो मौके से भाग निकले। इसके बाद कपिल और उसके साथी गुलशन के बीच विवाद होने लगा। इस पर पुलिस दोनों को ले आई। दोनों का शांतिभंग में चालान किया गया। जिन दो महिलाओं का एक्सीडेंट हुआ था, बाद में पता चला कि उसमें एक आरोपी कपिल की मां है। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ऐसे में अधिकारियों को सूचित कर रात को विशेष परिस्थिति में थाने से कपिल को जमानत दे दी गई। जो भी आरोप लगाए गए हैं, वो बेबुनियाद है। वहीं, डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि पूरे मामले में एसीपी एत्मादपुर को जांच सौंपी गई है।