प्रतीक यादव की मौत से ससुराल वाले शॉक्ड:उत्तरकाशी में अपर्णा के भाई बोले- परिवार के साथ गलत हुआ; पूरे मामले की जांच होनी चाहिए

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन की खबर बुधवार को उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक स्थित गढ़बरसाली (कुरा) गांव तक पहुंची तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में लोगों को पहले यकीन ही नहीं हुआ कि उनकी “बेटी” अपर्णा यादव के परिवार में इतना बड़ा हादसा हो गया है। गांव के लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे मौत की खबर फैलती गई, लोग एक-दूसरे को फोन कर जानकारी लेने लगे। कई लोग पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर दुख के साथ-साथ हैरानी भी है। गढ़बरसाली गांव अपर्णा यादव का पैतृक गांव है। यहां आज भी उनका पुश्तैनी घर मौजूद है। गांव वालों के मुताबिक अपर्णा का गांव से जुड़ाव बना रहा है और वे समय-समय पर यहां आती रही हैं। ऐसे में प्रतीक यादव के निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। चचेरे भाई बोले- खबर से पूरा गांव आहत अपर्णा यादव के चचेरे भाई और पेशे से वकील अनूप सिंह बिष्ट ने कहा कि जो खबर सामने आई है, उससे पूरा गांव दुखी है। उन्होंने कहा, “हम इस घटना से बहुत आहत हैं। गांव में भी शोक का माहौल है। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति दे और परिवार को दुख सहने की शक्ति मिले।” उन्होंने बताया कि अपर्णा यादव का गांव से लगाव हमेशा बना रहा। वह समय-समय पर यहां आती थीं और गांव के लोगों से जुड़ी रहती थीं। अनूप सिंह ने कहा कि पिछली बार जब मुलाकात हुई थी, तब सब सामान्य लगा था। परिवार के रिश्तों को लेकर उन्हें कभी किसी तरह की अनबन महसूस नहीं हुई। लोग बोले- बेटी के साथ ऐसा कैसे हो गया गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि जब उन्हें प्रतीक यादव के निधन की जानकारी मिली तो पहले किसी को भरोसा ही नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने कहा कि गांव में हर कोई यही पूछ रहा है कि आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, अपर्णा यादव को गांव में आज भी “अपनी बेटी” की तरह देखा जाता है। यही वजह है कि घटना की खबर के बाद पूरे बरसाली क्षेत्र में गम का माहौल है। कई लोग लगातार टीवी और मोबाइल पर अपडेट देख रहे हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। केयरटेकर बोला- बहुत अच्छे व्यवहार वाली थीं अपर्णा अपर्णा यादव के पैतृक घर की देखरेख करने वाले केयरटेकर सोनू कश्यप ने कहा कि उन्हें भी घटना की जानकारी बाद में मिली। उन्होंने कहा कि अपर्णा यादव जब भी गांव आती थीं, सभी से अच्छे व्यवहार से मिलती थीं। सोनू ने कहा कि इस दुखद घटना से उन्हें भी काफी अफसोस है। गांव में लोग लगातार इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि परिवार की ओर से अभी गांव में किसी कार्यक्रम को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। गांव वालों ने कहा- दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं गांव के ही एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि अपर्णा यादव बचपन से लखनऊ में रहीं, लेकिन गांव से उनका संपर्क बना रहा। वह परिवार के कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में यहां आती थीं। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र के लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं। रिश्तेदारों का कहना है कि एक महीने पहले प्रतीक यादव की तबीयत खराब होने की जानकारी भी मिली थी। अब मौत की खबर के बाद गांव में हर कोई स्तब्ध है। —————– ये खबर भी पढ़ें… अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का निधन:अस्पताल पहुंचने से पहले ही सांसें थमीं, फेफड़े में खून का थक्का जमने से कार्डिएक अरेस्ट आया सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सुबह 6 बजे पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)